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बरूईपुर मॉब लिंचिंग: 9वीं गिरफ्तारी, लुत्फर शेख हिरासत में; 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या का भी मामला

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बरूईपुर मॉब लिंचिंग: 9वीं गिरफ्तारी, लुत्फर शेख हिरासत में; 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या का भी मामला

सारांश

बरूईपुर में 5 जुलाई को हुई मॉब लिंचिंग का मामला गहराता जा रहा है — 9वीं गिरफ्तारी हुई, तीन अलग FIR दर्ज हैं, और पुलिस जाँच में निर्दोष पाए गए युवक को भीड़ ने मार डाला था। अब तक कुल 42 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।

मुख्य बातें

लुत्फर शेख (46) को 24 जुलाई को गिरफ्तार किया गया; बरूईपुर लिंचिंग मामले में कुल गिरफ्तारियाँ अब 9 हुईं।
26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की 5 जुलाई को भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या की थी; पुलिस जाँच में वह 12 साल की बच्ची के दुष्कर्म-हत्या मामले में निर्दोष पाया गया।
तीन अलग मामले दर्ज: नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या, लिंचिंग, और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़; तीनों मामलों में कुल 42 गिरफ्तारियाँ ।
आरोपी प्रवास मंडल पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के दौरान मुठभेड़ में मारा गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित परिवार को ₹25 लाख मुआवजा और भाई को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरूईपुर में 5 जुलाई को हुई मॉब लिंचिंग की घटना में शुक्रवार, 24 जुलाई को एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या नौ हो गई है। इस मामले में 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के साथ-साथ एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या का भी आरोप है।

नवीनतम गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान लुत्फर शेख (46) के रूप में हुई है। उसे शुक्रवार दोपहर दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया गया, जहाँ लोक अभियोजक ने उसकी पुलिस हिरासत की माँग की। जाँच अधिकारियों के अनुसार, शेख से पूछताछ इसलिए ज़रूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस लिंचिंग में और कौन-कौन से व्यक्ति शामिल थे। पुलिस को उसके इस मामले में शामिल होने की जानकारी पहले से गिरफ्तार आठ अन्य आरोपियों से की गई पूछताछ के दौरान मिली थी।

मामले का घटनाक्रम

बरूईपुर घटना के संदर्भ में पुलिस ने तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं और तीनों की जाँच स्वतंत्र रूप से जारी है।

पहला मामला नाबालिग लड़की के कथित दुष्कर्म और हत्या से जुड़ा है, जिसमें अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से एक आरोपी, प्रवास मंडल, पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान मुठभेड़ में मारा गया था, जब उसने साथ चल रहे पुलिसकर्मी की बंदूक छीनने की कोशिश की थी।

दूसरा मामला इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या से संबंधित है। पहले से गिरफ्तार आठों व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत गैरकानूनी सभा, दंगा, लोक सेवक के कार्य में बाधा, जानबूझकर चोट पहुँचाना और लिंचिंग द्वारा हत्या के आरोप दर्ज किए गए हैं।

तीसरा मामला क्षेत्र में हुई व्यापक हिंसा से जुड़ा है, जिसमें रेलवे ट्रैक और पुलिस वाहनों जैसी सार्वजनिक संपत्तियों में तोड़फोड़ तथा पुलिसकर्मियों पर हमले किए गए। तीनों मामलों को मिलाकर अब तक कुल 42 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इसी महीने के आरंभ में बरूईपुर गए और उन्होंने भीड़ द्वारा मारे गए युवक के परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा। उल्लेखनीय है कि पुलिस जाँच में इंद्रजीत तांती को नाबालिग लड़की के दुष्कर्म और हत्या के मामले में निर्दोष घोषित किया जा चुका था।

मुख्यमंत्री ने पीड़ित के बड़े भाई के लिए राज्य पुलिस में नागरिक स्वयंसेवक की नौकरी की भी घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा खारिज किए गए तत्व इस मॉब लिंचिंग की साजिश के पीछे थे — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

आगे की जाँच

जाँच अधिकारियों के अनुसार, लुत्फर शेख से पूछताछ के बाद और संदिग्धों की पहचान होने की संभावना है। तीनों मामलों में अलग-अलग जाँच टीमें सक्रिय हैं और अदालत का अगला आदेश इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी भीड़ ने उसे मार डाला। यह राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मुआवजे और नौकरी की घोषणाएँ राहत देती हैं, लेकिन जवाबदेही का असली पैमाना यह होगा कि अदालत में दोष सिद्ध कितनों का होता है — गिरफ्तारियों की संख्या नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरूईपुर मॉब लिंचिंग मामला क्या है?
5 जुलाई को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरूईपुर में 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उस पर 12 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप था, लेकिन बाद में पुलिस जाँच में उसे निर्दोष पाया गया।
अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
लिंचिंग मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीनों मामलों — लिंचिंग, दुष्कर्म-हत्या और सार्वजनिक हिंसा — को मिलाकर कुल 42 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।
लुत्फर शेख कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
लुत्फर शेख (46) बरूईपुर लिंचिंग का संदिग्ध है, जिसकी पहचान पहले गिरफ्तार आठ आरोपियों से पूछताछ के दौरान हुई। उसे 24 जुलाई को गिरफ्तार कर दक्षिण 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया गया, जहाँ पुलिस हिरासत की माँग की गई है।
पीड़ित परिवार को क्या राहत दी गई है?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़ित के परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा चेक सौंपा और पीड़ित के बड़े भाई को राज्य पुलिस में नागरिक स्वयंसेवक की नौकरी देने की घोषणा की।
इस मामले में कितने और कौन-से आरोप दर्ज हैं?
पुलिस ने तीन अलग FIR दर्ज की हैं — नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या, इंद्रजीत तांती की लिंचिंग, और रेलवे ट्रैक व पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ तथा पुलिसकर्मियों पर हमला। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराएँ लगाई गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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