क्या दुमका में बुजुर्ग दंपति की हत्या के पीछे दामाद का हाथ था?

सारांश
Key Takeaways
- दुमका में बुजुर्ग दंपति की हत्या का मामला गंभीर है।
- मुख्य आरोपी दामाद को गिरफ्तार किया गया है।
- पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की।
- हत्या के पीछे के कारणों की जांच चल रही है।
- सामाजिक संबंधों की जटिलता पर विचार करने की आवश्यकता है।
दुमका, 24 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दुमका जिले के चोरकट्टा गांव में 20 अगस्त की रात को हुए बुजुर्ग दंपति की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश कर दिया। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी दामाद है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
दुमका के एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि नवगोपाल साहा और उनकी पत्नी विभु साहा की हत्या उनके घर में हुई थी। घटना की रात दंपति अकेले थे जबकि परिवार के अन्य सदस्य मनसा पूजा में शामिल होने के लिए बाहर गए थे। जब वे लौटे, तो उन्होंने दोनों के खून से लथपथ शव फर्श पर पड़े हुए देखे और तत्परता से पुलिस को सूचना दी।
इस मामले को लेकर मृतक के पुत्र अजय साहा के बयान पर दुमका के मुफस्सिल थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने एसडीपीओ विजय कुमार महतो के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर मृतक दंपति के छोटे दामाद सुबल साहा उर्फ भुलू साहा को गिरफ्तार किया।
आरोपी पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के मारग्राम थाना क्षेत्र के दिगुली मालपाड़ा का निवासी है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून से सनी टी-शर्ट, उसका स्मार्टफोन, मृतक नवगोपाल साहा का मोबाइल, मृतका विभु साहा की सोने की चेन, एक अंगूठी और अन्य जेवरात बरामद किए।
इस मामले की जांच में एसडीपीओ विजय कुमार महतो, मुफस्सिल थाना प्रभारी सत्यम कुमार, शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित लकड़ा, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार, एसआई रौशन कुमार, निरंजन कुमार, रोहित साव, अनुपमा रश्मि सोरेंग, एएसआई बबन प्रसाद सिंह और सिपाही अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।