अहिल्यानगर आर्मर्ड कोर सेंटर में 3,052 अग्निवीरों का 8वाँ बैच पास आउट, 24 सप्ताह का प्रशिक्षण पूर्ण
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर स्थित आर्मर्ड कोर सेंटर एवं स्कूल में 20 जून 2026 को अग्निवीरों के आठवें बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई, जिसमें देशभर से 3,052 अग्निवीर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार हुए। 24 सप्ताह के गहन सैन्य प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं ने अनुशासन, कौशल और समर्पण का प्रदर्शन करते हुए आर्मी कोर की विभिन्न रेजीमेंटों में योगदान देने की तैयारी पूरी कर ली है।
मुख्य घटनाक्रम
परेड के दौरान अग्निवीरों ने सैन्य धुनों पर सटीक कदमताल करते हुए उच्च मनोबल और अनुशासन का परिचय दिया। समीक्षा अधिकारी ने नव-प्रशिक्षित सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने इन युवाओं को आर्मी कोर के सशक्त सैनिकों में परिवर्तित कर दिया है। यह समारोह भारतीय सेना में उनकी औपचारिक प्रविष्टि का प्रतीक था।
प्रशिक्षण की संरचना
अग्निवीरों को दो चरणों में प्रशिक्षित किया गया — पहले बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण और फिर उन्नत सैन्य प्रशिक्षण, जिसमें ड्राइविंग एवं मेंटेनेंस ट्रेनिंग भी शामिल थी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये अग्निवीर शारीरिक रूप से सक्षम, अपने प्राथमिक ट्रेड में दक्ष और मानसिक रूप से प्रेरित सैनिकों के रूप में सामने आए हैं।
नासिक आर्टिलरी सेंटर से भी 3,650 अग्निवीर पास आउट
उसी दिन नासिक के आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर भी पास आउट हुए। 19 और 20 जून को आयोजित अग्निवीर बैच 08/26 की अटेस्टेशन परेड का निरीक्षण आर्टिलरी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल एन.आर. पांडे (सीएसएम) ने किया। परेड में उत्कृष्ट ड्रिल मूवमेंट और सैन्य अनुशासन का प्रदर्शन किया गया, जो भारतीय सेना के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्रों के उच्च मानकों को दर्शाता है।
अग्निवीर योजना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना वर्ष 2022 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत युवाओं को 4 वर्षों के लिए सेना में सेवा का अवसर दिया जाता है। यह आठवाँ बैच इस बात का प्रमाण है कि योजना अपने प्रशिक्षण चक्र को निरंतर और व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ा रही है। दोनों केंद्रों से मिलाकर इस बार कुल 6,702 अग्निवीर एक साथ पास आउट हुए, जो इस योजना के अब तक के सबसे बड़े एकल-दिवसीय आउटपुट में से एक है।
आगे की राह
पास आउट हुए अग्निवीर अब आर्मी कोर और आर्टिलरी की विभिन्न रेजीमेंटों में तैनात होंगे, जहाँ वे राष्ट्र सेवा, गौरव और समर्पण के साथ अपना योगदान देंगे। इन युवाओं के इंस्ट्रक्टरों और प्रशिक्षण केंद्रों की प्रतिबद्धता ने इस सफल आयोजन को संभव बनाया।