नासिक आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर पास आउट, बैच 08/26 की सत्यापन परेड सम्पन्न
सारांश
मुख्य बातें
नासिक के आर्टिलरी सेंटर से 3,650 अग्निवीर कड़ी सैन्य प्रशिक्षण पूरी कर भारतीय सेना में शामिल होने को तैयार हो गए हैं। 19 और 20 जून 2026 को आयोजित अग्निवीर बैच 08/26 की अटेस्टेशन परेड (सत्यापन परेड) के साथ इन युवा सैनिकों की औपचारिक सैन्य यात्रा की शुरुआत हुई। यह परेड समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।
सत्यापन परेड का आयोजन
दो दिवसीय सत्यापन परेड का निरीक्षण आर्टिलरी सेंटर नासिक के कमांडेंट मेजर जनरल एन.आर. पांडे (सीएसएम) ने किया। इस भव्य समारोह में अग्निवीरों ने बेहतरीन ड्रिल मूवमेंट, सैन्य अनुशासन और सटीकता का प्रदर्शन किया, जो भारत के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में से एक में दिए जाने वाले उच्च प्रशिक्षण मानकों को रेखांकित करता है।
यह प्रदर्शन न केवल अग्निवीरों की लगन और पेशेवर दक्षता का प्रमाण था, बल्कि उनके प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ की अथक मेहनत को भी दर्शाता था।
कमांडेंट का संबोधन
मेजर जनरल एन.आर. पांडे ने नवशामिल सैनिकों को संबोधित करते हुए उनके दृढ़ संकल्प, सहनशक्ति और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि ये अग्निवीर भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
परिजनों को 'गौरव पदक' से सम्मान
समारोह के दौरान चुने गए अग्निवीरों के माता-पिता को 'गौरव पदक' प्रदान किए गए — यह सम्मान उन परिवारों के त्याग और योगदान की स्वीकृति थी जिन्होंने अपने पुत्रों को देशसेवा के लिए समर्पित किया। रिव्यूइंग ऑफिसर ने माता-पिता से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके सहयोग और बलिदान की सराहना की।
अग्निवीर योजना और सैन्य तैयारी
अटेस्टेशन परेड इन युवा सैनिकों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। नासिक आर्टिलरी सेंटर में प्रशिक्षण के दौरान इन्हें साहस, वफादारी, निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के मूल्य सिखाए गए। यह आयोजन एक अत्यधिक प्रेरित, कुशल और अनुशासित सेना तैयार करने के भारतीय सेना के संकल्प को पुनः पुष्ट करता है।
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना के तहत देशभर के विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों से नियमित रूप से बैच पास आउट हो रहे हैं, जो भारतीय सशस्त्र बलों में युवा प्रतिभाओं की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।