श्रीनगर में 538 अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड, 24 महीने का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर ली सेना की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, श्रीनगर में 30 मई 2026 को अग्निवीर योजना के 7वें बैच के 538 युवा जवानों ने 24 महीने के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय सेना में शपथ ग्रहण की। पासिंग आउट परेड और शपथ ग्रहण समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा की उपस्थिति के साथ-साथ जवानों के परिजन भी शामिल हुए, जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर अपने बच्चों पर गर्व जताया।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा ने परेड की सलामी ली। 538 अग्निवीरों ने अनुशासन, फायरिंग, ड्रिल और सामरिक कौशल सहित विभिन्न सैन्य विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह जम्मू-कश्मीर रेजिमेंटल सेंटर से निकलने वाला सातवाँ अग्निवीर बैच है, जो केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं की सेना में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जवानों की आवाज़
प्रशिक्षण पूरा कर चुके एक अग्निवीर ने कहा, 'मुझे भारतीय सेना का हिस्सा होने पर बहुत गर्व है। मैंने भारतीय सेना से बहुत कुछ सीखा है। मैंने अपने अनुशासन, जीवनशैली और साहस में सुधार किया है। मैं अपने देश की यथासंभव सेवा करने की आशा रखता हूँ।'
एक अन्य जवान ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ और बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूँ क्योंकि आज मेरा पासिंग आउट समारोह है। मैंने फायरिंग, ड्रिल और कई अन्य चीजें सीखी हैं।'
परिजनों की प्रतिक्रिया
एक अभिभावक प्रवीण अख्तर ने कहा, 'बेटे का सेना में शामिल होना अत्यंत खुशी और गर्व की बात है। मेरे बच्चे का बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना था। उसने पहले एनसीसी में दाखिला लिया और वहीं से उसे सेना में भर्ती होने का मौका मिला।' उन्होंने यह भी कहा कि सभी बच्चों को देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।
उड़ी के निवासी आशिक हुसैन, जो अपने भतीजे की परेड में शामिल होने आए थे, ने कहा, 'हमारे परिवार को फौजी परिवार कहा जाता है। बॉर्डर का रहने वाला हूँ, मैं चाहता हूँ कि वहाँ के हर नागरिक को हथियार मिले। अपने बच्चे को फौज में भेजकर गर्व महसूस कर रहा हूँ।' यह भावना सीमावर्ती क्षेत्रों के परिवारों की देशभक्ति और सेना के प्रति गहरे जुड़ाव को उजागर करती है।
अग्निवीर योजना का संदर्भ
गौरतलब है कि अग्निवीर योजना 2022 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत युवाओं को चार वर्षों के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और स्थानीय युवाओं की सेना में भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 7वाँ बैच इस बात का प्रमाण है कि योजना के तहत भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
आगे की राह
शपथ ग्रहण के बाद ये 538 अग्निवीर अपनी-अपनी तैनाती पर जाएँगे और भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में सेवाएँ देंगे। अग्निवीर योजना के अंतर्गत चार वर्ष की सेवा के बाद इनमें से चयनित जवानों को स्थायी सेवा का अवसर भी मिलेगा।