14 जुलाई 2026
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श्रीनगर में 538 अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड, 24 महीने का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर ली सेना की शपथ

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श्रीनगर में 538 अग्निवीरों की पासिंग आउट परेड, 24 महीने का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर ली सेना की शपथ

सारांश

श्रीनगर में अग्निवीर योजना के 7वें बैच के 538 जवानों ने 24 महीने का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना की शपथ ली। लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा की उपस्थिति में हुई इस परेड में परिजनों ने गर्व जताया — खासकर सीमावर्ती उड़ी से आए परिवारों ने।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, श्रीनगर में 30 मई 2026 को अग्निवीर योजना के 7वें बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित हुई।
कुल 538 अग्निवीरों ने 24 महीने का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में शपथ ग्रहण की।
समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा ने की; जवानों के परिजन भी उपस्थित रहे।
उड़ी निवासी आशिक हुसैन सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के परिवारों ने अपने बच्चों की सेना में भागीदारी पर विशेष गर्व व्यक्त किया।
अग्निवीर योजना 2022 में शुरू हुई थी; चार वर्ष की सेवा के बाद चयनित जवानों को स्थायी सेवा का अवसर मिलता है।

जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, श्रीनगर में 30 मई 2026 को अग्निवीर योजना के 7वें बैच के 538 युवा जवानों ने 24 महीने के कठोर सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय सेना में शपथ ग्रहण की। पासिंग आउट परेड और शपथ ग्रहण समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा की उपस्थिति के साथ-साथ जवानों के परिजन भी शामिल हुए, जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर अपने बच्चों पर गर्व जताया।

मुख्य घटनाक्रम

समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल पीके मिश्रा ने परेड की सलामी ली। 538 अग्निवीरों ने अनुशासन, फायरिंग, ड्रिल और सामरिक कौशल सहित विभिन्न सैन्य विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह जम्मू-कश्मीर रेजिमेंटल सेंटर से निकलने वाला सातवाँ अग्निवीर बैच है, जो केंद्र शासित प्रदेश के युवाओं की सेना में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

जवानों की आवाज़

प्रशिक्षण पूरा कर चुके एक अग्निवीर ने कहा, 'मुझे भारतीय सेना का हिस्सा होने पर बहुत गर्व है। मैंने भारतीय सेना से बहुत कुछ सीखा है। मैंने अपने अनुशासन, जीवनशैली और साहस में सुधार किया है। मैं अपने देश की यथासंभव सेवा करने की आशा रखता हूँ।'

एक अन्य जवान ने अपनी खुशी साझा करते हुए कहा, 'मैं बहुत खुश हूँ और बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूँ क्योंकि आज मेरा पासिंग आउट समारोह है। मैंने फायरिंग, ड्रिल और कई अन्य चीजें सीखी हैं।'

परिजनों की प्रतिक्रिया

एक अभिभावक प्रवीण अख्तर ने कहा, 'बेटे का सेना में शामिल होना अत्यंत खुशी और गर्व की बात है। मेरे बच्चे का बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना था। उसने पहले एनसीसी में दाखिला लिया और वहीं से उसे सेना में भर्ती होने का मौका मिला।' उन्होंने यह भी कहा कि सभी बच्चों को देश की रक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।

उड़ी के निवासी आशिक हुसैन, जो अपने भतीजे की परेड में शामिल होने आए थे, ने कहा, 'हमारे परिवार को फौजी परिवार कहा जाता है। बॉर्डर का रहने वाला हूँ, मैं चाहता हूँ कि वहाँ के हर नागरिक को हथियार मिले। अपने बच्चे को फौज में भेजकर गर्व महसूस कर रहा हूँ।' यह भावना सीमावर्ती क्षेत्रों के परिवारों की देशभक्ति और सेना के प्रति गहरे जुड़ाव को उजागर करती है।

अग्निवीर योजना का संदर्भ

गौरतलब है कि अग्निवीर योजना 2022 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत युवाओं को चार वर्षों के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और स्थानीय युवाओं की सेना में भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 7वाँ बैच इस बात का प्रमाण है कि योजना के तहत भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

आगे की राह

शपथ ग्रहण के बाद ये 538 अग्निवीर अपनी-अपनी तैनाती पर जाएँगे और भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों में सेवाएँ देंगे। अग्निवीर योजना के अंतर्गत चार वर्ष की सेवा के बाद इनमें से चयनित जवानों को स्थायी सेवा का अवसर भी मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

अग्निवीर योजना की चार वर्षीय सेवा सीमा और स्थायी नौकरी की अनिश्चितता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है — यह सवाल कि क्या यह मॉडल दीर्घकालिक सैन्य तत्परता के लिए पर्याप्त है, अभी अनुत्तरित है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीर योजना के 7वें बैच में कितने जवान शामिल हुए?
अग्निवीर योजना के 7वें बैच में कुल 538 जवान शामिल हुए, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर, श्रीनगर में 24 महीने का प्रशिक्षण पूरा किया।
श्रीनगर में अग्निवीर पासिंग आउट परेड कब हुई?
यह पासिंग आउट परेड और शपथ ग्रहण समारोह 30 मई 2026 को श्रीनगर स्थित जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित किया गया।
अग्निवीर प्रशिक्षण में क्या-क्या सिखाया जाता है?
अग्निवीर प्रशिक्षण में फायरिंग, ड्रिल, अनुशासन, साहस और विभिन्न सामरिक सैन्य कौशल शामिल हैं। 24 महीने के इस कठोर प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को पूर्ण रूप से सक्षम सैनिक बनाना है।
अग्निवीर योजना क्या है और यह कब शुरू हुई?
अग्निवीर योजना केंद्र सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई सैन्य भर्ती योजना है, जिसके तहत युवाओं को चार वर्षों के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। सेवा अवधि के बाद चयनित जवानों को स्थायी सेवा का अवसर भी मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं की अग्निवीर योजना में भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
जम्मू-कश्मीर एक संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है और यहाँ के युवाओं की सेना में स्वैच्छिक भागीदारी राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जाती है। उड़ी जैसे सीमावर्ती इलाकों के परिवारों का उत्साह इस भागीदारी को और अर्थपूर्ण बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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