भारतीय सेना के एयर डिफेंस को मिलेगी नई ताकत, 2130 अग्निवीर यूनिट्स में होंगे तैनात
सारांश
मुख्य बातें
गोपालपुर स्थित आर्मी एयर डिफेंस सेंटर से प्रशिक्षण पूरा कर चुके आठवें बैच के 2130 अग्निवीर इस सप्ताह देश भर की विभिन्न आर्मी एयर डिफेंस यूनिट्स में तैनात होने जा रहे हैं। यह कदम भारतीय सेना की वायु रक्षा क्षमता को युवा और तकनीकी रूप से दक्ष जनशक्ति से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
पासिंग आउट परेड: 'रॉ टू रेज़र' का संदेश
बीते शनिवार को आर्मी एयर डिफेंस सेंटर, गोपालपुर में आयोजित पासिंग आउट परेड में अग्निवीरों ने 'अंतिम पग' — अर्थात् प्रशिक्षण का अंतिम चरण — सफलतापूर्वक पूरा किया। परेड का निरीक्षण सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर हेमंत सिंह ने किया।
परेड के दौरान अग्निवीरों ने अनुशासन, शारीरिक तालमेल और सैन्य आचरण के उच्च मानकों का प्रदर्शन किया — जो सेंटर के आदर्श वाक्य 'रॉ टू रेज़र' (कच्चे से धारदार हथियार तक) को चरितार्थ करता है।
कमांडेंट का संबोधन
ब्रिगेडियर हेमंत सिंह ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर अग्निवीरों को बधाई देते हुए कहा कि उनका सफर युवा रंगरूटों से आत्मविश्वास से भरे, अनुशासित और युद्ध के लिए तैयार सैनिकों में बदलने की यात्रा है।
उन्होंने आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप पर भी ज़ोर दिया और कहा कि नई पीढ़ी के सैनिकों को स्वार्म ड्रोन, नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर प्लेटफॉर्म और उन्नत एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक प्रणालियों को संचालित करने में पारंगत होना होगा।
परिजनों को 'गौरव पदक' से सम्मान
इस समारोह की विशेष बात यह रही कि अग्निवीरों के माता-पिता भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। उनके समर्पण, प्रोत्साहन और त्याग को मान्यता देते हुए उन्हें 'गौरव पदक' भेंट किया गया — जो सेना की ओर से परिवारों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
आर्मी एयर डिफेंस पर असर
इन 2130 प्रशिक्षित अग्निवीरों के विभिन्न यूनिट्स में शामिल होने से आर्मी एयर डिफेंस विंग को युवा, प्रेरित और तकनीकी रूप से सक्षम जनशक्ति मिलेगी। गौरतलब है कि यह आठवाँ बैच है, जो दर्शाता है कि अग्निपथ योजना के तहत वायु रक्षा क्षेत्र में नियमित रूप से कुशल सैनिकों की आपूर्ति हो रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी वायु रक्षा प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक से लैस कर रहा है और सीमाओं पर हवाई खतरों का मुकाबला करने की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित है। समीक्षा अधिकारी ने अग्निवीरों से आग्रह किया कि वे सेवाकाल के दौरान और उसके पश्चात् भी जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रयास जारी रखें।