17 जुलाई 2026
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दानापुर में 1025 अग्निवीर पासआउट: बिहार रेजिमेंट के 7वें बैच ने पूरा किया 24 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण

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दानापुर में 1025 अग्निवीर पासआउट: बिहार रेजिमेंट के 7वें बैच ने पूरा किया 24 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण

सारांश

दानापुर में बिहार रेजिमेंट के 7वें बैच के 1,025 अग्निवीरों ने 24 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर 31 मई को पासआउट परेड में भाग लिया। गुलाब धुर्वे को 'बैच का सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट' चुना गया। ये अग्निवीर अब देश की विभिन्न युद्धक इकाइयों में तैनात होंगे।

मुख्य बातें

बिहार रेजिमेंटल सेंटर, दानापुर में 31 मई 2026 को अग्निपथ योजना के 7वें बैच के 1,025 अग्निवीर पासआउट हुए।
इन अग्निवीरों ने 24 सप्ताह का गहन सैन्य प्रशिक्षण — फायरिंग, ड्रिल और शारीरिक दक्षता — सफलतापूर्वक पूरा किया।
अग्निवीर गुलाब धुर्वे (गोल्फ कंपनी) को 'बैच का सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट' और 'बेस्ट इन ड्रिल' दोनों पुरस्कार मिले।
मेजर जनरल जय सिंह बैंसला (असम राइफल्स, अतिरिक्त महानिदेशक) ने परेड की सलामी ली।
अग्निवीरों के परिजनों को 'गौरव पदक' देकर सम्मानित किया गया।
पासआउट के बाद ये अग्निवीर विभिन्न युद्धक इकाइयों में तैनात होंगे।

बिहार रेजिमेंटल सेंटर (BRC), दानापुर में 31 मई 2026 को अग्निपथ योजना के सातवें बैच के 1,025 अग्निवीर औपचारिक पासिंग आउट परेड के साथ प्रशिक्षण से उत्तीर्ण हुए। इन युवा सैनिकों ने 24 सप्ताह के गहन सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब विभिन्न युद्धक इकाइयों में तैनाती के लिए तैयार हैं।

शपथ और परेड का गौरवशाली क्षण

पासिंग आउट परेड में अग्निवीरों ने तिरंगे की उपस्थिति में गीता, कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबिल पर हाथ रखकर राष्ट्र की रक्षा की शपथ ली। यह शपथ बिहार रेजिमेंटल सेंटर के एडजुटेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अंकुर कुमार मिश्रा ने दिलाई। अग्निवीरों के शानदार मार्च पास्ट ने उपस्थित परिजनों और अधिकारियों का मन मोह लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने ली सलामी, की सराहना

असम राइफल्स के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल जय सिंह बैंसला और बिहार रेजिमेंट के कर्नल ने परेड की सलामी ली। उन्होंने अग्निवीरों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन युवाओं में अनुशासन, सहनशक्ति और राष्ट्रभक्ति की जो भावना देखी गई है, वह देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने अग्निवीरों से अपील की कि वे तिरंगे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सदैव याद रखें और मातृभूमि की सेवा में कोई कसर न छोड़ें।

परिजनों को 'गौरव पदक', उत्कृष्ट अग्निवीरों को विशेष पुरस्कार

परेड में उपस्थित अग्निवीरों के माता-पिता और परिजनों को उनके योगदान के सम्मान में 'गौरव पदक' प्रदान किए गए। प्रशिक्षण में विशेष प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को भी पुरस्कृत किया गया।

अग्निवीर दयाराम चिचम (गोल्फ कंपनी) को फायरिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 'बेस्ट इन फायरिंग' मेडल मिला। अग्निवीर निमल नागेसिना (गोल्फ कंपनी) को शारीरिक दक्षता में शीर्ष स्थान पर 'बेस्ट इन पीटी' मेडल से सम्मानित किया गया। अग्निवीर गुलाब धुर्वे (गोल्फ कंपनी) को ड्रिल में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए 'बेस्ट इन ड्रिल' मेडल के साथ-साथ पूरे बैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 'बैच का सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट' का खिताब भी दिया गया।

पुरस्कार वितरण ब्रिगेडियर सैयद अनवर हुसैन रिजवी, मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, लेफ्टिनेंट कर्नल हर्ष उदय सिंह गौर और लेफ्टिनेंट कर्नल शांति स्वरूप राणा के हाथों हुआ।

अग्निपथ योजना में बिहार रेजिमेंट की भूमिका

यह अग्निपथ योजना के अंतर्गत बिहार रेजिमेंट का सातवाँ पासआउट बैच है। गौरतलब है कि इस योजना के तहत युवाओं को 4 वर्ष की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाता है, जिसके बाद एक निश्चित प्रतिशत को स्थायी सेवा में रखा जाता है। इन अग्निवीरों ने प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता, फायरिंग, ड्रिल और मानसिक मजबूती के उच्च मानकों को हासिल किया है।

आगे की तैनाती

पासआउट के बाद ये 1,025 अग्निवीर विभिन्न युद्धक इकाइयों में तैनात होकर देश की सीमाओं की रक्षा करेंगे। बिहार रेजिमेंटल सेंटर का यह बैच देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो अब एक सशक्त सैन्य शक्ति के रूप में राष्ट्र सेवा में योगदान देने को तत्पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इन 1,025 युवाओं में से कितने प्रतिशत को 4 वर्ष बाद स्थायी सेवा मिलेगी। योजना के प्रति शुरुआती विरोध और रोज़गार की अनिश्चितता की चिंताएँ अभी भी बनी हुई हैं। परिजनों को 'गौरव पदक' देना एक सकारात्मक संकेत है, परंतु दीर्घकालिक पुनर्वास और कौशल-विकास का ठोस ढाँचा ही इस योजना की वास्तविक सफलता तय करेगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दानापुर में अग्निपथ योजना के 7वें बैच में कितने अग्निवीर पासआउट हुए?
बिहार रेजिमेंटल सेंटर, दानापुर में 31 मई 2026 को अग्निपथ योजना के सातवें बैच के 1,025 अग्निवीर पासआउट हुए। इन्होंने 24 सप्ताह का गहन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया।
पासिंग आउट परेड में 'बैच का सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट' कौन बना?
गोल्फ कंपनी के अग्निवीर गुलाब धुर्वे को पूरे बैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए 'बैच का सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट' का खिताब दिया गया। उन्हें 'बेस्ट इन ड्रिल' मेडल भी प्रदान किया गया।
अग्निवीरों को प्रशिक्षण में किन क्षेत्रों में पुरस्कार मिले?
फायरिंग में अग्निवीर दयाराम चिचम को 'बेस्ट इन फायरिंग', शारीरिक दक्षता में अग्निवीर निमल नागेसिना को 'बेस्ट इन पीटी', और ड्रिल में अग्निवीर गुलाब धुर्वे को 'बेस्ट इन ड्रिल' मेडल मिला।
पासआउट के बाद ये अग्निवीर कहाँ तैनात होंगे?
पासआउट के बाद ये 1,025 अग्निवीर सेना की विभिन्न युद्धक इकाइयों में तैनात होकर देश की सीमाओं की रक्षा करेंगे। अग्निपथ योजना के तहत इनकी सेवा अवधि 4 वर्ष की होती है।
अग्निपथ योजना के तहत बिहार रेजिमेंट का यह कौन-सा बैच है?
यह अग्निपथ योजना के अंतर्गत बिहार रेजिमेंट का सातवाँ पासआउट बैच है। इस योजना में युवाओं को 24 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद सशस्त्र बलों में 4 वर्ष के लिए तैनात किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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