क्या आईएनएस चिल्का में पासिंग आउट परेड में जांबाज नौसैनिकों का नया बैच अपनी ताकत दिखाएगा?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना के आईएनएस चिल्का में 8 जनवरी को दो हजार से अधिक अग्निवीरों समेत प्रशिक्षुओं की पासिंग आउट परेड आयोजित होने जा रही है। यह परेड 16 सप्ताह के कठिन प्रारंभिक प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक है। इस परेड से पहले प्रशिक्षु नौसैनिकों को आधुनिक नौसैनिक अभियानों की चुनौतियों का सामना करने की तैयारी कराई जाती है।
इस बैच में लगभग 2,700 प्रशिक्षु शामिल हैं, जिनमें से 2,100 अग्निवीर हैं और 110 से अधिक महिलाएं भी हैं। यह कार्यक्रम अग्निवीरों की राष्ट्र-सेवा की औपचारिक शुरुआत का महत्वपूर्ण चरण है।
नौसेना का कहना है कि इस भव्य समारोह की समीक्षा दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल समीर सक्सेना करेंगे, जो इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। प्रशिक्षुओं के परिवारजन, पूर्व सैनिक, और खेल हस्तियां भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनेंगे। यह परेड भारतीय नौसेना की उस अटूट मान्यता को दर्शाती है कि प्रशिक्षण ही एक सक्षम और मजबूत नौसैनिक बल की नींव है।
आईएनएस चिल्का वर्षों से युवाओं को अनुशासन, दृढ़ता, साहस और तकनीकी दक्षता से लैस करता आ रहा है, ताकि वे उन्नत नौसैनिक प्लेटफार्मों पर सेवा के लिए तैयार हो सकें। मुख्य अतिथि इस समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान करेंगे। यह समारोह भारतीय नौसेना के यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज और क्षेत्रीय दूरदर्शन नेटवर्क पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।
इससे पहले भी अग्निवीरों के विभिन्न बैच की पासिंग आउट परेड आईएनएस चिल्का में आयोजित की जा चुकी है। पिछले वर्ष आयोजित एक परेड में लगभग 2972 अग्निवीरों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया था, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। यह सभी युवा नौसैनिकों के लिए और उनके परिजनों के लिए भी गर्व का पल होगा।
इस अवसर पर प्रशिक्षुओं की द्विभाषी पत्रिका ‘अंकुर’ का विमोचन भी किया जाएगा। पासिंग आउट परेड केवल 16 सप्ताह के प्रारंभिक नौसेना प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, एकजुट और भविष्य के लिए तैयार भारतीय नौसेना में उनके सफर का प्रतीक भी है।