जामिया की दीवारों पर विवादित नारे: भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा — सख्त कार्रवाई होगी
सारांश
मुख्य बातें
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की दीवारों पर कथित तौर पर देशविरोधी नारे लिखे जाने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रेम शुक्ला ने 24 अक्टूबर 2026 को इसे देशविरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करार देते हुए सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की दीवारों पर इस तरह के नारे लिखा जाना यह दर्शाता है कि कुछ अराजक और देशविरोधी तत्व इन परिसरों में सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शुक्ला ने आगे कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार उचित और कठोर कदम उठाएगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी के कई विश्वविद्यालय परिसर राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर निशाना
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी हालिया बयान पर भी प्रेम शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर फारूक अब्दुल्ला के भीतर का पाकिस्तान जाग जाता है और यही कारण है कि वे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं।
शुक्ला ने कहा कि अब्दुल्ला को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की दुर्दशा और भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में लाखों करोड़ रुपये का निवेश किया है और सऊदी अरब जैसे देश भी वहाँ निवेश कर रहे हैं। शुक्ला ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद श्रीनगर के लाल चौक पर पूरे गौरव के साथ तिरंगा लहरा रहा है और जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ एकीकरण और मजबूत हुआ है।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक वीडियो बयान को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को स्थान मिलना चाहिए और हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असहमति की आड़ में अराजकता या देशविरोधी गतिविधियों को प्रोत्साहन देना स्वीकार्य नहीं होगा।
शुक्ला ने कहा कि जो लोग विचारों की स्वतंत्रता की आड़ में देशविरोधी गतिविधियों को संरक्षण देने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि ऐसी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
आगे क्या होगा
भाजपा नेता की इस प्रतिक्रिया के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद आगामी दिनों में राजनीतिक रंग और गहरा कर सकता है।