24 अक्टूबर 2026
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जामिया की दीवारों पर विवादित नारे: भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा — सख्त कार्रवाई होगी

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जामिया की दीवारों पर विवादित नारे: भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा — सख्त कार्रवाई होगी

सारांश

जामिया मिलिया इस्लामिया की दीवारों पर कथित देशविरोधी नारे लिखे जाने के बाद भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान बयान और नसीरुद्दीन शाह के वीडियो को भी निशाने पर लिया — यह बयानबाज़ी तीन अलग-अलग विवादों को एक साथ एक राजनीतिक बिंदु पर लाती है।

मुख्य बातें

जामिया मिलिया इस्लामिया , नई दिल्ली की दीवारों पर कथित तौर पर देशविरोधी नारे लिखे जाने का मामला 24 अक्टूबर 2026 को सामने आया।
भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने इसे देशविरोधी मानसिकता का प्रदर्शन बताते हुए सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शुक्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार द्वारा लाखों करोड़ के निवेश और सऊदी अरब जैसे देशों की भागीदारी का भी उल्लेख किया गया।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के वीडियो बयान पर शुक्ला ने कहा — असहमति स्वीकार्य है, लेकिन देशविरोधी गतिविधियों को नहीं।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की दीवारों पर कथित तौर पर देशविरोधी नारे लिखे जाने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रेम शुक्ला ने 24 अक्टूबर 2026 को इसे देशविरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करार देते हुए सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

मुख्य घटनाक्रम

नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की दीवारों पर इस तरह के नारे लिखा जाना यह दर्शाता है कि कुछ अराजक और देशविरोधी तत्व इन परिसरों में सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शुक्ला ने आगे कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार उचित और कठोर कदम उठाएगी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी के कई विश्वविद्यालय परिसर राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाते हैं।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर निशाना

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी हालिया बयान पर भी प्रेम शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर फारूक अब्दुल्ला के भीतर का पाकिस्तान जाग जाता है और यही कारण है कि वे गैर-जिम्मेदाराना बयान देते हैं।

शुक्ला ने कहा कि अब्दुल्ला को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की दुर्दशा और भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में लाखों करोड़ रुपये का निवेश किया है और सऊदी अरब जैसे देश भी वहाँ निवेश कर रहे हैं। शुक्ला ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद श्रीनगर के लाल चौक पर पूरे गौरव के साथ तिरंगा लहरा रहा है और जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ एकीकरण और मजबूत हुआ है।

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर प्रतिक्रिया

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक वीडियो बयान को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को स्थान मिलना चाहिए और हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि असहमति की आड़ में अराजकता या देशविरोधी गतिविधियों को प्रोत्साहन देना स्वीकार्य नहीं होगा।

शुक्ला ने कहा कि जो लोग विचारों की स्वतंत्रता की आड़ में देशविरोधी गतिविधियों को संरक्षण देने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह समझना होगा कि ऐसी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

आगे क्या होगा

भाजपा नेता की इस प्रतिक्रिया के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद आगामी दिनों में राजनीतिक रंग और गहरा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फारूक अब्दुल्ला का बयान और नसीरुद्दीन शाह का वीडियो — को एक ही राजनीतिक फ्रेम में पिरोती है, जो चुनावी माहौल में एक परिचित रणनीति है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी तक दिल्ली पुलिस या जामिया प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई है। 'सख्त कार्रवाई' के दावे तब तक अधूरे हैं जब तक कोई ठोस कानूनी कदम न उठाया जाए — और यही वह कसौटी है जिस पर इस बयानबाज़ी को परखा जाना चाहिए।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामिया मिलिया इस्लामिया की दीवारों पर विवाद क्या है?
कथित तौर पर नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर देशविरोधी नारे लिखे जाने का मामला 24 अक्टूबर 2026 को सामने आया। इसके बाद भाजपा नेता प्रेम शुक्ला सहित कई राजनेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने क्या कहा?
प्रेम शुक्ला ने कहा कि जामिया की दीवारों पर नारे लिखना देशविरोधी मानसिकता का प्रदर्शन है और सरकार इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फारूक अब्दुल्ला के किस बयान पर भाजपा ने निशाना साधा?
नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी एक बयान पर प्रेम शुक्ला ने आपत्ति जताई। शुक्ला ने कहा कि अब्दुल्ला को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की दुर्दशा और भारत के जम्मू-कश्मीर में हुए विकास की तुलना करनी चाहिए।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भाजपा का रुख क्या है?
भाजपा नेता प्रेम शुक्ला ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की जगह होनी चाहिए, लेकिन असहमति की आड़ में देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर पर भाजपा का क्या दावा है?
प्रेम शुक्ला ने दावा किया कि अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ एकीकरण और मजबूत हुआ है, श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहा है, और भारत सरकार तथा सऊदी अरब जैसे देशों ने वहाँ भारी निवेश किया है।
राष्ट्र प्रेस
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