25 अक्टूबर 2026
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JNU नारे और INDIA रैली पर BJP सांसद राजीव भारद्वाज का हमला, फारूक अब्दुल्ला के बयान को बताया 'गैर-गंभीर'

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JNU नारे और INDIA रैली पर BJP सांसद राजीव भारद्वाज का हमला, फारूक अब्दुल्ला के बयान को बताया 'गैर-गंभीर'

सारांश

BJP सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने एक बयान में JNU नारों को 'राष्ट्रविरोधी' करार दिया, INDIA ब्लॉक की रैली पर दिल्ली व्यापारियों का पक्ष लिया और फारूक अब्दुल्ला के कश्मीर-पाकिस्तान संबंधी बयान को राष्ट्रीय स्तर पर 'गंभीरता न देने योग्य' बताया — सूफी नेता चिश्ती ने भी अब्दुल्ला की आलोचना की।

मुख्य बातें

राजीव भारद्वाज ने JNU में लिखे 'फ्री शरजील इमाम' व 'फ्री उमर खालिद' नारों की 25 अक्टूबर 2026 को कड़ी निंदा की।
1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की प्रस्तावित रैली के विरोध में दिल्ली व्यापारियों की अपील को भारद्वाज ने 'शत-प्रतिशत' समर्थन दिया।
उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर 'भीड़तंत्र' को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान को भारद्वाज ने राष्ट्रीय स्तर पर 'गंभीरता से न लिए जाने वाला' बताया।
सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान-कश्मीर संबंधी बयान को 'बेहद गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया।
भारद्वाज ने 1984 के सिख दंगों का संदर्भ देते हुए कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने 25 अक्टूबर 2026 को कांगड़ा में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में लिखे गए 'फ्री शरजील इमाम' और 'फ्री उमर खालिद' जैसे नारों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि राष्ट्रविरोधी सोच रखने वाली ताकतों के लिए भारत में कोई स्थान नहीं है। साथ ही उन्होंने 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA ब्लॉक की रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों की आपत्ति का समर्थन किया और फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से न लिए जाने वाला करार दिया।

JNU नारों पर कड़ा रुख

डॉ. भारद्वाज ने कहा, 'फ्री शरजील इमाम' और 'फ्री उमर खालिद' जैसे संदेशों का संबंध उन्हीं विचारों से है, जिनके साथ कभी 'भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह-इंशाअल्लाह' जैसे नारे जुड़े रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वास्तव में JNU की दीवारों पर ऐसे नारे लिखे गए हैं, तो वे कड़े शब्दों में उनकी निंदा करते हैं। उन्होंने जोड़ा कि भारत 'नेशन फर्स्ट, संगठन बाद में और स्वयं सबसे बाद में' की भावना से आगे बढ़ता है।

INDIA रैली और व्यापारियों की अपील पर प्रतिक्रिया

BJP सांसद ने 1 नवंबर को निर्धारित INDIA ब्लॉक की रैली के संदर्भ में दिल्ली व्यापारियों की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि महज कुछ मुद्दों को लेकर पूरी दिल्ली को जाम करना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यह देश लोकतंत्र से चलता है, भीड़तंत्र से नहीं। दिल्ली को 'भारत का दिल' बताते हुए उन्होंने आग्रह किया कि यहाँ बसने वाले करोड़ों लोगों के कामकाज और रोजी-रोटी की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला के हालिया विवादित बयान पर डॉ. भारद्वाज ने कहा कि वे वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं, लेकिन कभी-कभी ऐसे बयान दे देते हैं जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि इस बयान को कोई विशेष महत्व नहीं दिया जाना चाहिए।

इस विषय पर ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन और अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला का बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना है और उनसे ऐसी बात की उम्मीद नहीं की जाती। चिश्ती ने सवाल उठाया कि जिस पाकिस्तान ने 1947 से कश्मीर में आतंकवाद को पाला-पोसा है, वह कश्मीरी लोगों का हितैषी कैसे हो सकता है।

सिख दंगों का संदर्भ और लोकतंत्र की दुहाई

डॉ. भारद्वाज ने इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए सिख दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आज भी उस भयावह हिंसा को नहीं भूला है। उन्होंने कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र की बात करते हैं, उन्हें उस दौर की घटनाओं पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। यह टिप्पणी कांग्रेस पर प्रत्यक्ष निशाना मानी जा रही है।

BJP सांसद ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और सत्ता परिवर्तन का माध्यम चुनाव है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि यदि उनमें जनसमर्थन है, तो वे चुनाव मैदान में उतरकर जनता का विश्वास जीतें। आने वाले दिनों में INDIA ब्लॉक की रैली और JNU विवाद राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

INDIA ब्लॉक रैली और फारूक अब्दुल्ला — को एक ही राजनीतिक फ्रेम में पेश करने की कोशिश है, जो BJP की 'राष्ट्रवाद बनाम अराजकता' कथा को मजबूत करता है। उल्लेखनीय है कि फारूक अब्दुल्ला के बयान की सामग्री का विस्तृत खंडन किए बिना उसे 'गैर-गंभीर' कह देना एक चतुर राजनीतिक पैंतरा है — इससे बयान को महत्व भी नहीं मिलता और निंदा भी हो जाती है। 1 नवंबर की रैली पर व्यापारियों के नाम पर समर्थन जुटाना दिल्ली की शहरी राजनीति में एक संवेदनशील वर्ग को साधने का प्रयास है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं पूछती कि JNU नारों की पुष्टि किसने की — यह तथ्यात्मक आधार स्पष्ट नहीं है और भारद्वाज ने भी 'यदि वास्तव में लिखा गया है' की शर्त के साथ निंदा की।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP सांसद राजीव भारद्वाज ने JNU नारों की निंदा क्यों की?
डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि 'फ्री शरजील इमाम' और 'फ्री उमर खालिद' जैसे नारे उन्हीं राष्ट्रविरोधी विचारों से जुड़े हैं जो अतीत में JNU में 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारों से संबंधित रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये नारे वास्तव में लिखे गए हैं तो वे इनकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली पर BJP का क्या रुख है?
BJP सांसद भारद्वाज ने दिल्ली व्यापारियों की उस अपील का पूर्ण समर्थन किया जिसमें रैली से होने वाले व्यापार और यातायात अवरोध पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि देश लोकतंत्र से चलता है, भीड़तंत्र से नहीं।
फारूक अब्दुल्ला के किस बयान पर विवाद हुआ?
फारूक अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा कि कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान की वजह से जिंदा है और पाकिस्तान कश्मीर को समर्थन देता है। इस बयान को BJP सांसद भारद्वाज और सूफी नेता सैयद नसरुद्दीन चिश्ती दोनों ने 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया।
सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने फारूक अब्दुल्ला पर क्या कहा?
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को 'बेहद गैर-जिम्मेदाराना' बताया। उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तान ने 1947 से कश्मीर में आतंकवाद को पाला-पोसा है, वह कश्मीरियों का हितैषी नहीं हो सकता।
भारद्वाज ने 1984 के सिख दंगों का जिक्र क्यों किया?
BJP सांसद भारद्वाज ने सिख दंगों का संदर्भ देते हुए कांग्रेस पर परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र की बात करते हैं, उन्हें इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुई भयावह हिंसा पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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