क्या देश में उमर-शरजील और उनके समर्थकों के लिए कोई जगह नहीं है: एसपी वेद?
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जम्मू, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वेद ने देश विरोधी नारे लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व डीजीपी का यह बयान उस समय सामने आया है जब दिल्ली दंगों के एक बड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद जेएनयू में इन दोनों के समर्थन में विवादित नारे लगाए गए हैं।
पूर्व डीजीपी ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि जो नारे लगाए गए, उनके पीछे की सोच पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्हें यह समझना चाहिए कि वे जिनके खिलाफ नारे लगा रहे हैं, वे उनसे उम्र में बड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी भारत का नेतृत्व कर रहे हैं और देश को एक सुपरपावर बनाने में जुटे हैं।
उन्होंने जेएनयू प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और सवाल किया कि क्या छात्र उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो दिल्ली दंगों के लिए जिम्मेदार हैं? उनका मानसिकता जिहादी जैसी है। शरजील इमाम ने कहा था कि अगर 10 लाख लोग इकट्ठा हो जाएं तो नॉर्थ ईस्ट को काट देंगे। ऐसे लोगों की जितनी निंदा की जाए, कम है। इस देश में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। भारत को तोड़ने और दंगे कराने की सोच रखने वाले यहां नकारात्मक बातें करेंगे, तो भारत इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
एसपी वेद ने कहा कि जेएनयू में जो लोग उनके समर्थन में हैं, उनके लिए देश में कोई जगह नहीं है। मुझे लगता है कि जेएनयू को बंद कर देना चाहिए और उसकी जगह कोई तकनीकी संस्थान खोल देना चाहिए।
श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज से जुड़े विवाद पर एसपी वेद ने कहा कि यह किसी की जीत या हार नहीं है, बल्कि यह एक अच्छा निर्णय है। उनका मानना है कि यहां जो तनाव धीरे-धीरे बढ़ रहा था, वह न सिर्फ जम्मू क्षेत्र में, बल्कि पूरे देश को प्रभावित कर रहा था।
एसपी वेद ने पाकिस्तान के डीजी आईएसपीआर को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब वह खुद आतंकवादी सोच वाला है, तो उससे क्या उम्मीद की जा सकती है? उसकी सोच भी वैसी ही है। उसकी धमकियाँ और भारत के खिलाफ दावे केवल विवादित हैं और यह पाकिस्तान की सेना के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को दर्शाते हैं।