18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राष्ट्रपति मुर्मु का बयान: आयुष चिकित्सा प्रणालियों का स्वास्थ्य में योगदान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राष्ट्रपति मुर्मु का बयान: आयुष चिकित्सा प्रणालियों का स्वास्थ्य में योगदान

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुलढाणा में 'राष्ट्रीय आरोग्य मेला 2026' का उद्घाटन किया। उन्होंने आयुष प्रणालियों के महत्व और उनके स्वास्थ्य में योगदान पर जोर दिया।

मुख्य बातें

आयुष प्रणालियों का स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान।
औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक।
विश्व में एकीकृत चिकित्सा का बढ़ता महत्व।

बुलढाणा, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में 'राष्ट्रीय आरोग्य मेला २०२६' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने आयुष स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले छह वरिष्ठ वैद्यों को सम्मानित किया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हमारी परंपरा में संपूर्ण स्वास्थ्य को सबसे बड़ा सुख माना जाता है। स्वस्थ नागरिक देश की प्रगति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आयुष चिकित्सा पद्धतियों ने नागरिकों के स्वास्थ्य में अमूल्य योगदान दिया है। योग, आयुर्वेद और सिद्ध जैसी प्रणालियां आधुनिक चिकित्सा के उदय से पहले से लोगों की सेवा कर रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे खेतों, रसोई घरों और जंगलों में औषधीय पौधों और स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटियों का अनमोल भंडार विद्यमान है। इस बहुमूल्य संपदा का संरक्षण और संवर्धन औषधियों के लिए कच्चा माल उपलब्ध कराने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। औषधीय पौधों की खेती न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करती है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य और संरक्षण में भी योगदान देती है। इसलिए, आयुष प्रणालियों का प्रोत्साहन न केवल लोगों के शारीरिक और आर्थिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होता है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियां स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। आज विश्व एकीकृत चिकित्सा के महत्व को पहचान रहा है। दुनिया भर के लोग तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवन शैली के लिए योग को अपना रहे हैं और आयुर्वेदिक उपचारों का लाभ उठा रहे हैं। साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, औषधियों का मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे कदम आयुष प्रणालियों की मान्यता और स्वीकृति को और बढ़ाएंगे।

राष्ट्रपति ने प्रसन्नता व्यक्त की कि आयुष मंत्रालय इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। अनुसंधान और औषधि विकास के लिए सामान्य दिशानिर्देश अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्थापित किए गए हैं। आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष प्रणालियों को आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के विश्वसनीय, वैज्ञानिक समाधान के रूप में स्थापित करने के लिए अनेक वैज्ञानिक प्रयास जारी हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक वैज्ञानिक हस्तक्षेपों, नवाचारों और वैश्विक सहयोग के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को अधिक सुलभ और लोकप्रिय बनाकर, हम उन्हें समग्र स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का अभिन्न अंग बनाने में सफल होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयुष प्रणालियों का क्या महत्व है?
आयुष प्रणालियाँ, जैसे आयुर्वेद और योग, स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और रोगों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राष्ट्रीय आरोग्य मेला कब हुआ?
राष्ट्रीय आरोग्य मेला 25 फरवरी 2026 को बुलढाणा में आयोजित किया गया।
राष्ट्रपति ने किसे सम्मानित किया?
राष्ट्रपति ने आयुष स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले छह वरिष्ठ वैद्यों को सम्मानित किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले