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जामिया दीवारों पर विवादित नारे: भूख हड़ताली छात्र जसीम अली बोले — आंदोलन बदनाम करने की साजिश

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जामिया दीवारों पर विवादित नारे: भूख हड़ताली छात्र जसीम अली बोले — आंदोलन बदनाम करने की साजिश

सारांश

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की माँग पर चल रही भूख हड़ताल के दौरान दीवारों पर विवादित नारे लिखे गए। भूख हड़ताली जसीम अली ने इसे आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बताया। चारों छात्रों की तबीयत बिगड़ी, लेकिन तीन शर्तें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का संकल्प।

मुख्य बातें

जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर की दीवारों पर 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम' जैसे नारे लिखे मिले।
भूख हड़ताली छात्र जसीम अली ने इन नारों से पूरी तरह दूरी बनाई, इसे आंदोलन बदनाम करने की पूर्वनियोजित साजिश बताया।
भूख हड़ताल कर रहे चारों छात्रों की तबीयत खराब है, फिर भी प्रशासन की तीन शर्तें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान।
छात्रों की मुख्य माँग: छात्र संघ की बहाली और चुनाव का शेड्यूल घोषित करना।
जसीम ने ABVP से अपील की कि चुनाव बहाली सभी छात्रों के हित में है; सीसीटीवी जाँच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर में 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम' जैसे विवादित नारे लिखे जाने के बाद नई दिल्ली में एक नया विवाद उभर आया है। ये नारे उस समय लिखे गए जब छात्र छात्र संघ चुनाव बहाल करने की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर थे। भूख हड़ताल कर रहे छात्र जसीम अली ने इन नारों से पूरी तरह दूरी बनाते हुए कहा कि यह उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बदनाम करने की एक पूर्वनियोजित साजिश है।

विवादित नारों का मामला

जामिया मिलिया इस्लामिया की दीवारों पर लिखे इन नारों ने परिसर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। छात्र जसीम अली ने स्पष्ट किया कि भूख हड़ताल में शामिल छात्र इन नारों का पूरी तरह खंडन करते हैं और इनसे उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि इन नारों के ज़रिए छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को नष्ट करने की कोशिश की गई है।

जसीम ने आरोप लगाया कि पिछले दो-तीन दिनों से प्रदर्शन और भूख हड़ताल समाप्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, और विवादित नारों का यह मामला उसी सुनियोजित अभियान का हिस्सा है।

छात्रों की मुख्य माँग

जसीम अली ने कहा कि भूख हड़ताल कर रहे चारों छात्रों की तबीयत खराब हो चुकी है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखी गई तीन शर्तें पूरी होने तक वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। छात्रों की मुख्य माँग छात्र संघ की बहाली और चुनाव का शेड्यूल घोषित करना है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से हटकर की जा रही तमाम चर्चाएँ बेबुनियाद हैं।

एबीवीपी से अपील

जसीम अली ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों से भी अपील की कि छात्र संघ चुनाव की बहाली केवल किसी एक गुट का मुद्दा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव बहाल होने पर ABVP के छात्र भी इसमें भाग ले सकेंगे, इसलिए इस आंदोलन के बारे में अफवाहें फैलाना उचित नहीं है।

प्रशासन पर आरोप और जाँच की माँग

जसीम अली ने जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे 'शरारती तत्वों' को रोकना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। उन्होंने माँग की कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच कराई जाए और नारे लिखने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। जामिया में छात्र संघ चुनावों का मामला लंबे समय से अनसुलझा है, और इस आंदोलन की परिणति अब तक अनिश्चित बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे ABVP सहित सभी धाराओं का समर्थन मिल सकता है। असली सवाल यह है कि जामिया प्रशासन छात्र प्रतिनिधित्व के इस बुनियादी अधिकार पर चुप क्यों है, और कैमरा फुटेज की जाँच में देरी किसके हित में है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामिया मिलिया इस्लामिया में विवादित नारों का मामला क्या है?
जामिया मिलिया इस्लामिया परिसर की दीवारों पर छात्र संघ चुनाव बहाली की माँग को लेकर चल रही भूख हड़ताल के दौरान 'फ्री कश्मीर' और 'फ्री शरजील इमाम' जैसे नारे लिखे मिले। भूख हड़ताली छात्र जसीम अली ने इन नारों से दूरी बनाते हुए इसे आंदोलन को बदनाम करने की साजिश बताया।
जामिया में भूख हड़ताल क्यों हो रही है और छात्रों की माँग क्या है?
छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली और चुनाव का शेड्यूल घोषित करने की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। भूख हड़ताली छात्र जसीम अली के अनुसार, उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने तीन शर्तें रखी हैं और माँगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
भूख हड़ताली छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति क्या है?
जसीम अली के अनुसार, भूख हड़ताल कर रहे चारों छात्रों की तबीयत खराब हो चुकी है। इसके बावजूद वे प्रशासन की तीन शर्तें पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
जसीम अली ने ABVP से क्यों अपील की?
जसीम अली ने ABVP के छात्रों से अपील की कि छात्र संघ चुनाव बहाली केवल एक विशेष गुट का मुद्दा नहीं है। उनका तर्क था कि चुनाव बहाल होने पर ABVP के छात्र भी भाग ले सकेंगे, इसलिए आंदोलन के बारे में अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए।
विश्वविद्यालय प्रशासन से क्या कार्रवाई की माँग की गई है?
जसीम अली ने जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन से परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच कराने और नारे लिखने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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