जन्माष्टमी पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, सनातन धर्म पर टिप्पणी को बताया अस्वीकार्य
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने जन्माष्टमी के अवसर पर जयपुर में 4 सितंबर को मीडिया से बातचीत में राजस्थान की जनता को शुभकामनाएँ देते हुए कांग्रेस पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने सनातन धर्म पर की जाने वाली किसी भी अपमानजनक टिप्पणी को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया और कांग्रेस पर ऐसे तत्वों को मंच देने का आरोप लगाया।
जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ और श्रीकृष्ण का संदेश
गुप्ता ने कहा, 'राजस्थान की जनता को सबसे पहले मैं जन्माष्टमी की बधाई देना चाहूँगा। श्रीकृष्ण हमें हमेशा मार्गदर्शन देते रहे कि हमें किस मार्ग पर चलना है।' उन्होंने विश्वास जताया कि भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद आगे भी बना रहेगा।
सनातन धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कड़ी आपत्ति
रोहन गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को भी सनातन धर्म पर अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा कि क्या पार्टी ऐसी अमर्यादित टिप्पणियों की निंदा करेगी। उनका जवाब था — 'बिल्कुल नहीं बोलेगी।' उनके अनुसार, कांग्रेस ने हमेशा ऐसे लोगों को मंच देने का काम किया है।
कांग्रेस पर तंज — 'कलह की पार्टी बन चुकी है'
गुप्ता ने कहा कि आज की तारीख में कांग्रेस पार्टी 'कलह के रूप में तब्दील हो चुकी है।' उन्होंने दावा किया कि BJP ने हमेशा भाईचारे को प्राथमिकता दी है और इससे कभी समझौता नहीं किया। उनके अनुसार, कांग्रेस को जहाँ भी मौका मिलता है, वह आम जनता के हितों की अनदेखी करती है।
राजस्थान में कांग्रेस की घटती साख पर टिप्पणी
गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस का दायरा लगातार संकुचित होता जा रहा है और जब तक पार्टी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाएगी, धरातल पर उसकी स्थिति नहीं सुधरेगी। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस का मनोबल खत्म हो चुका है। राजस्थान की जनता उन्हें मौका नहीं देने वाली।'
प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस पर निशाना
रोहन गुप्ता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना कांग्रेस की 'रीति-नीति' बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को अच्छी तरह समझ लिया है और उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जा सकता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ हैं।