आरएसएस की तालिबान से तुलना अस्वीकार्य, बीके हरिप्रसाद माफी मांगें: भाजपा सांसद धर्मशीला गुप्ता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद धर्मशीला गुप्ता ने 17 अगस्त 2026 को कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तालिबान और आतंकवाद से की गई तुलना को सिरे से खारिज करते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की। गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संघ राष्ट्र को सर्वोपरि रखकर निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करता है, और ऐसी तुलना न केवल तथ्यहीन है, बल्कि देश की सनातन परंपराओं का अपमान भी है।
आरएसएस पर हरिप्रसाद के बयान की निंदा
धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि बीके हरिप्रसाद को आरएसएस के स्वरूप, उद्देश्य और कार्यशैली को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ देश की सनातन संस्कृति, सभ्यता और राष्ट्रीय विकास के लिए दशकों से अथक परिश्रम कर रहा है। उनके अनुसार, किसी भी संगठन के बारे में सार्वजनिक मंच पर बोलने से पहले राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे तथ्यों की जाँच करें। उन्होंने हरिप्रसाद से आरएसएस से औपचारिक माफी माँगने की माँग दोहराई।
चिदंबरम और 'दिमागी नक्सल' विवाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री तथा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा खुद को 'दिमागी नक्सल' कहे जाने पर भी गुप्ता ने आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर रह चुके व्यक्ति का ऐसा बयान देना चिंताजनक है। उन्होंने महबूबा मुफ्ती के बयान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के कई नेता इस तरह की पहचान पर गर्व जता रहे हैं, जो देश की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस की विचारधारा पर आरोप
गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विचारधारा किसी न किसी रूप में पाकिस्तान से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नक्सलवाद और आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई हुई है और शांति व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष सरकार की सुरक्षा नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहा है।
झारखंड छात्र आंदोलन और राहुल गांधी पर निशाना
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के संदर्भ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की गई अपील पर गुप्ता ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, तब राहुल गांधी कैमरे के सामने उनके साथ खड़े दिखे — लेकिन झारखंड जाकर उन्हीं छात्रों के बीच क्यों नहीं पहुँचते, जहाँ उनकी गठबंधन सरकार सत्ता में है। गुप्ता ने इसे 'छलावा और दिखावा' करार दिया।
छात्रों के भविष्य पर सवाल
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और झारखंड सरकार मिलकर प्रदेश के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड के छात्रों को उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए और उनके आंदोलन को नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर और तेज होने के संकेत हैं।