अशुतोष वर्मा: आरएसएस ने गर्व करने लायक कोई कार्य नहीं किया
सारांश
Key Takeaways
- आरएसएस ने गर्व करने लायक कोई कार्य नहीं किया।
- भाजपा आरएसएस का उपयोग अपने लाभ के लिए करती है।
- कांग्रेस महागठबंधन के प्रति असंगत व्यवहार कर रही है।
- एलपीजी की स्थिति चिंताजनक है।
लखनऊ, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खड़गे द्वारा आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की मांग के संदर्भ में समाजवादी पार्टी के नेता अशुतोष वर्मा ने कहा कि आरएसएस ने कभी ऐसा कोई कार्य नहीं किया, जिस पर गर्व किया जा सके। राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया कि आरएसएस एक समूह है, जिसके माध्यम से कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा एक व्यवस्था बना रही है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को पीठ थपथपाने की आवश्यकता होती है, तो वह आगे आती है और जब कुछ गलत करने की बात होती है, तो आरएसएस का सहारा लिया जाता है।
बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह चुनाव देश की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बाद भी महागठबंधन में कांग्रेस के नेता एक-एक कर बाहर जा रहे हैं, जिसका मतलब यह है कि कांग्रेस में ऐसे लोग हैं जो केवल विधायक और सांसद बनना चाहते हैं। उन्हें न तो विचारधारा से और न ही पार्टी से कोई लेना-देना है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यह महागठबंधन को हमेशा धोखा देती है।
एलपीजी की स्थिति पर उन्होंने कहा कि दो जहाजों के भारत पहुंचने पर साधुवाद, लेकिन क्या भारत सरकार यह बताएगी कि शिवालिक और नंदादेवी से आने वाले एलपीजी कितने लोगों के लिए पर्याप्त है? उन्होंने कहा कि इन दोनों जहाजों में मौजूद गैस केवल एक दिन के लिए ही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है जबकि अभी 22 से 25 जहाज हॉर्मुज के समुंदर में फंसे हुए हैं।
नंदा देवी जहाज मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचेगा। एक दिन पहले 'शिवालिक' जहाज लगभग 45-46 हजार टन एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका है। जहाज के सुरक्षित पहुंचने से संवेदनशील समुद्री मार्ग से ईंधन की ढुलाई के संबंध में बनी चिंताओं के बीच राहत मिलने की उम्मीद है।