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बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम वाले बयान पर सपा नेता एसटी हसन बोले — माफी का सवाल ही नहीं

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बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम वाले बयान पर सपा नेता एसटी हसन बोले — माफी का सवाल ही नहीं

सारांश

कर्नाटक मंत्री बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम की तारीफ वाले बयान पर BJP की माफी माँग के बीच सपा नेता एसटी हसन ने मंत्री का बचाव किया। हसन बोले — पसंद अपनी-अपनी होती है, माफी का सवाल ही नहीं। रायरेड्डी ने भी अपना बयान वापस लेने से इनकार किया।

मुख्य बातें

कर्नाटक मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने एक सामुदायिक कार्यक्रम में कथित तौर पर इस्लाम को अन्य धर्मों से बेहतर बताया।
BJP ने रायरेड्डी से सार्वजनिक माफी की माँग की है।
सपा नेता एसटी हसन ने मुरादाबाद में कहा कि मंत्री ने कुछ गलत नहीं कहा, माफी का सवाल नहीं उठता।
रायरेड्डी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी धर्म को कमतर नहीं बताया और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
हसन ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी अन्यायपूर्ण बताया, कहा — न्याय माँगने वाले पर ही मुकदमा हुआ।

कर्नाटक सरकार के मंत्री बसवराज रायरेड्डी के उस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर इस्लाम को अन्य धर्मों से बेहतर बताया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रायरेड्डी से सार्वजनिक माफी की माँग तेज कर दी है। इस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता एसटी हसन ने मुरादाबाद में कहा कि मंत्री ने कोई गलत बात नहीं कही, इसलिए माफी मांगने का प्रश्न ही नहीं उठता।

एसटी हसन का बचाव

सपा नेता एसटी हसन ने कहा, 'हर किसी की पसंद अलग होती है। अगर कोई इस्लाम की तारीफ करता है तो इसमें क्या गलत है?' उन्होंने तर्क दिया कि यदि वे स्वयं रक्षाबंधन या किसी अन्य हिंदू त्योहार की प्रशंसा करें, तो मुस्लिम समुदाय उनसे माफी नहीं माँगेगा। हसन ने कहा कि हिंदू हो या मुसलमान, सभी जानते हैं कि उन्हें पैदा करने वाला एक ही है, इसलिए इस पूरे मामले को धार्मिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए।

मंत्री रायरेड्डी का स्पष्टीकरण

मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा, 'मैंने कहा कि इस्लाम में नेक विचार हैं। मैंने यह नहीं कहा कि दूसरे धर्म कमतर हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एक सामुदायिक कार्यक्रम में गए थे जहाँ उन्हें इस्लाम के बारे में बात करनी थी। रायरेड्डी ने जोड़ा, 'मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूँ। अगर मैं कहूँ कि यह आदमी अच्छा है और आप समझें कि आप बुरे हैं, तो मैं क्या करूँ।'

राहुल गांधी पर एफआईआर का मामला

इसी बातचीत में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी एसटी हसन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केवल यह कहा था कि मल्लिकार्जुन खड़गे — जो एससी/एसटी समुदाय से आते हैं — के बाद मंच का शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि यह उनका अपमान था। हसन ने कहा, 'यहाँ अगर कोई आवाज उठाता है या न्याय की बात करता है, तो उसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और BJP के बीच धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान और उन पर होने वाली प्रतिक्रियाएँ राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा करती हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सत्तारूढ़ दल के मंत्री के धार्मिक टिप्पणी ने राष्ट्रीय बहस छेड़ी हो। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि BJP अपनी माफी की माँग को लेकर कोई औपचारिक कदम उठाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ धार्मिक टिप्पणियाँ जानबूझकर या अनजाने में ध्रुवीकरण का ईंधन बन जाती हैं। असली सवाल यह है कि एक सत्तारूढ़ दल के मंत्री ने किस संदर्भ में क्या कहा और क्या उस संदर्भ को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। रायरेड्डी का स्पष्टीकरण — कि उन्होंने किसी धर्म को कमतर नहीं बताया — अगर सही है, तो BJP की माँग राजनीतिक अवसरवाद की श्रेणी में आती है। वहीं, राहुल गांधी एफआईआर प्रकरण इस बात का संकेत है कि संसदीय बहस के बजाय कानूनी कार्रवाई अब विपक्ष को दबाने का नियमित औज़ार बनती जा रही है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक मंत्री बसवराज रायरेड्डी ने इस्लाम के बारे में क्या कहा था?
रायरेड्डी ने एक सामुदायिक कार्यक्रम में कथित तौर पर कहा था कि इस्लाम में नेक विचार और बेहतरीन खूबियाँ हैं। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी अन्य धर्म को कमतर नहीं बताया और वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
BJP ने रायरेड्डी से माफी की माँग क्यों की?
BJP का आरोप है कि रायरेड्डी के बयान ने इस्लाम को अन्य धर्मों से श्रेष्ठ बताया, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाता है। पार्टी ने इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा बताते हुए सार्वजनिक माफी की माँग की है।
सपा नेता एसटी हसन ने इस मामले में क्या कहा?
एसटी हसन ने मुरादाबाद में कहा कि मंत्री ने कुछ गलत नहीं कहा, इसलिए माफी का कोई सवाल नहीं उठता। उन्होंने तर्क दिया कि हर किसी की पसंद अलग होती है और इस मामले को धार्मिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए।
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर किस मामले में दर्ज हुई?
राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे — जो एससी/एसटी समुदाय से हैं — के बाद मंच का शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। इसके बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
यह विवाद कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच पहले से जारी तनाव को और गहरा कर सकता है। आलोचकों के अनुसार इस तरह की धार्मिक टिप्पणियाँ और उन पर होने वाली माँगें राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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