बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम वाले बयान पर शोभा करंदलाजे का पलटवार — 'शर्म आनी चाहिए'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने सोमवार, 31 अगस्त को कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री बसवराज रायरेड्डी के इस्लाम संबंधी बयान की कड़ी निंदा की और उन पर अपने मतदाताओं की भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। करंदलाजे ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता ऐसे विवादास्पद बयान केवल कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए देते हैं।
करंदलाजे का एक्स पर तीखा हमला
करंदलाजे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में रायरेड्डी को सीधे संबोधित करते हुए लिखा, 'आपको शर्म आनी चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि रायरेड्डी उन लाखों मतदाताओं की भावनाओं को ठेस पहुँचा रहे हैं जो हिंदू धर्म और जगद्गुरु बसवन्ना की शिक्षाओं में आस्था रखते हैं।
करंदलाजे ने आगे कहा, 'अगर रायरेड्डी सच में इस्लाम को पसंद करते हैं, तो उनमें इस धर्म को खुलेआम अपनाने और उसका प्रचार करने की हिम्मत होनी चाहिए। साफ स्टैंड लेने की हिम्मत रखें। लोगों को गुमराह न करें — आप यहाँ तो हैं, लेकिन आपकी सोच कहीं और है।'
रायरेड्डी ने क्या कहा था
कुकानूर में पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक सामूहिक विवाह समारोह में बोलते हुए रायरेड्डी ने कहा था कि इस्लाम एक महान धर्म है और हर धर्म से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है। उन्होंने इस्लाम के बारे में फैलाई जा रही गलतफहमियों का उल्लेख किया और कुरान का अध्ययन करने की इच्छा जताई।
रायरेड्डी ने हज यात्रा करने की इच्छा भी व्यक्त की और कहा कि सभी धर्मों में अच्छे सिद्धांत होते हैं तथा इस्लाम इंसानियत को मजबूती से बढ़ावा देता है। उन्होंने धार्मिक कट्टरता और जातिवाद के विरुद्ध भी आगाह किया।
कांग्रेस का बचाव
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने रायरेड्डी का बचाव करते हुए कहा, 'बसवराज रायरेड्डी ने बहुत साफ तौर पर कहा है कि हर धर्म में — जिसमें इस्लाम भी शामिल है — कुछ न कुछ सीखने लायक है। इस्लाम, बौद्ध धर्म, जैन धर्म या नास्तिकता में कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें कोई भी अपना सकता है और अपनाना भी चाहिए। इसमें क्या बुराई है।'
भाजपा की व्यापक आलोचना
करंदलाजे अकेली नहीं हैं — भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई अन्य नेताओं ने भी रायरेड्डी के बयान की आलोचना की है। करंदलाजे ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया कि उनके बयान 'राजनीतिक अवसरवाद और लोगों से कटाव' को उजागर करते हैं।
आगे क्या
यह विवाद कर्नाटक में भाजपा और कांग्रेस के बीच धार्मिक मुद्दों पर बढ़ते टकराव की पृष्ठभूमि में आया है। रायरेड्डी की ओर से अभी तक करंदलाजे की टिप्पणियों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि क्या राज्य में यह राजनीतिक बहस और गहरी होती है।