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'यजमान' विवाद: कांग्रेस विधायक बालकृष्ण ने शोभा करंदलाजे से माफी माँगी, संदर्भ स्पष्ट किया

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'यजमान' विवाद: कांग्रेस विधायक बालकृष्ण ने शोभा करंदलाजे से माफी माँगी, संदर्भ स्पष्ट किया

सारांश

'यजमान' शब्द को लेकर उठे विवाद में कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे से माफी माँगी। उन्होंने कहा कि शब्द का प्रयोग बिदादी परियोजना के राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में था, न कि किसी व्यक्तिगत आक्षेप के रूप में।

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने 20 जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे से माफी माँगी।
विवाद बेंगलुरु के पास बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव करते हुए 'यजमान' शब्द के प्रयोग से उपजा।
बालकृष्ण ने कहा कि 'यजमान' शब्द पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की राजनीतिक भूमिका के संदर्भ में था।
BJP और जनता दल (सेक्युलर) ने टिप्पणी की कड़ी निंदा की थी।
बालकृष्ण ने कहा कि यदि उनके बयान से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो वे पूर्ण खेद व्यक्त करते हैं।

कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने 20 जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर खेद जताया और स्पष्ट किया कि उनके शब्दों का अर्थ गलत तरीके से निकाला गया। बेंगलुरु के पास प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव करते हुए उन्होंने 'यजमान' शब्द का प्रयोग किया था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

विवाद की जड़

यह विवाद तब शुरू हुआ जब बालकृष्ण ने बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव करते हुए शोभा करंदलाजे के संदर्भ में 'यजमान' (गुरु/नेता/स्वामी) और 'निम्मा साहेबरु' (आपके नेता) जैसे शब्दों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया। चूँकि करंदलाजे अविवाहित हैं, इस टिप्पणी की व्यापक रूप से आलोचना हुई और इसे पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की ओर अप्रत्यक्ष इशारा माना गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की।

बालकृष्ण का स्पष्टीकरण

बालकृष्ण ने एक बयान में कहा कि उन्होंने करंदलाजे को 'शोभक्का' (बड़ी बहन शोभा) कहकर आदरपूर्वक संबोधित किया था। उनके अनुसार, 'यजमान' और 'साहेबरु' शब्दों का प्रयोग 2010 में बिदादी टाउनशिप परियोजना की पुन: निविदा प्रक्रिया के राजनीतिक इतिहास के संदर्भ में किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये शब्द बीएस येदियुरप्पा की उस भूमिका को स्वीकार करने के लिए थे, जिन्होंने कथित तौर पर करंदलाजे को एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता से मंत्री पद तक पहुँचाया।

माफी और खेद

बालकृष्ण ने कहा, 'मैंने हमेशा उन्हें एक वरिष्ठ नेता के रूप में सम्मान दिया है। यदि मेरे बयान से किसी को ठेस पहुँची है या किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो मैं इसके लिए पूर्ण खेद व्यक्त करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में लोगों को किसी बयान के पीछे के इरादे और संदर्भ को समझकर ही निष्कर्ष निकालना चाहिए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण संबंधी चिंताओं पर विपक्ष पहले से ही सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को घेर रहा है। गौरतलब है कि इस तरह की विवादास्पद टिप्पणियाँ कर्नाटक की राजनीति में नई नहीं हैं — राज्य विधानसभा में महिला नेताओं को लेकर की गई टिप्पणियाँ अतीत में भी सुर्खियाँ बटोर चुकी हैं।

आगे क्या

बालकृष्ण के स्पष्टीकरण और खेद के बाद यह देखना होगा कि BJP और शोभा करंदलाजे इस माफी को स्वीकार करती हैं या नहीं। बिदादी टाउनशिप परियोजना पर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है, और विपक्ष इसे आगामी चुनावी चर्चाओं में मुद्दा बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन परियोजना से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब अभी बाकी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'यजमान' विवाद क्या है और यह कैसे शुरू हुआ?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के लिए 'यजमान' शब्द का प्रयोग किया। चूँकि करंदलाजे अविवाहित हैं, इस शब्द को अपमानजनक माना गया और BJP-JDS ने तीखी आपत्ति जताई।
एचसी बालकृष्ण ने 'यजमान' शब्द का क्या अर्थ बताया?
बालकृष्ण ने कहा कि 'यजमान' और 'निम्मा साहेबरु' शब्दों का प्रयोग पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की राजनीतिक भूमिका के संदर्भ में था, जिन्होंने करंदलाजे को राजनीति में आगे बढ़ाया। उनके अनुसार यह 2010 की बिदादी परियोजना के राजनीतिक इतिहास का संदर्भ था।
शोभा करंदलाजे कौन हैं?
शोभा करंदलाजे भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। वे कर्नाटक की प्रमुख BJP नेताओं में गिनी जाती हैं और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को अपना राजनीतिक गुरु माना जाता है।
बिदादी टाउनशिप परियोजना क्या है और इसपर विवाद क्यों है?
बिदादी टाउनशिप परियोजना बेंगलुरु के पास प्रस्तावित एक विकास योजना है। BJP और JDS ने इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण संबंधी चिंताओं को लेकर कड़ा विरोध किया है, और यही विवाद बालकृष्ण की टिप्पणी की पृष्ठभूमि बना।
क्या BJP ने बालकृष्ण की माफी स्वीकार की?
बालकृष्ण के खेद और स्पष्टीकरण के बाद BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। राजनीतिक बहस जारी है और बिदादी परियोजना पर विपक्ष का विरोध कायम रहने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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