प्रह्लाद जोशी का डीके शिवकुमार पर पलटवार: 'जेल वाला बयान सहानुभूति पाने की कोशिश'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार, 16 जुलाई को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 'जेल' संबंधी बयान पर तीखा पलटवार किया। जोशी ने आरोप लगाया कि शिवकुमार प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट विवाद के बीच जनता की सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा था कि 'जेल जाना मेरे लिए कोई नई बात नहीं है' और कुछ लोग यह पचा नहीं पा रहे कि वे मुख्यमंत्री बन गए हैं। यह बयान केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की पृष्ठभूमि में आया था।
इसके जवाब में जोशी ने कहा, 'डीके शिवकुमार को कोई जेल नहीं भेजेगा। अगर वह किसी गलत काम या भ्रष्टाचार के कारण जेल जाते हैं, तो कोई उन्हें रोक नहीं सकता। यह सहानुभूति पाने की कोशिश लगती है।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री होने से कोई तानाशाह या राजा नहीं बन जाता।
बिदादी टाउनशिप विवाद
जोशी ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की जमीन जबरदस्ती लेने के बजाय उन्हें मनाना चाहिए था। उन्होंने पूछा कि नोटिफिकेशन जारी करने से पहले किसानों से बात क्यों नहीं की गई और कई सुझावों को नजरअंदाज क्यों किया गया।
गौरतलब है कि जोशी ने यह भी उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने तीन साल के कार्यकाल में इस टाउनशिप में कोई रुचि नहीं दिखाई, तो अब यह अचानक प्राथमिकता क्यों बन गई। उन्होंने संकेत दिया कि इससे किसी 'डील' की संभावना का पता चलता है।
राहुल गांधी पर सवाल
जोशी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह जानने का हक है कि राहुल गांधी पिछले 25 दिनों से कहाँ हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि वे स्वयं दावोस गए थे और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू कतर गए थे — दोनों बार जानकारी सार्वजनिक की गई।
सूखे पर राजनीतिक आरोप
कर्नाटक में सूखे की स्थिति और केंद्र को लिखे गए राज्य सरकार के पत्र पर जोशी ने कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को पहले बारिश और सूखे की स्थिति का सही आकलन करना चाहिए और उसके बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कई मुद्दों पर तनाव चल रहा है। आने वाले दिनों में बिदादी टाउनशिप विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।