बिदादी टाउनशिप विवाद: शिवकुमार ने कुमारस्वामी को 26 जून को विधान सौधा में बहस के लिए बुलाया
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 22 जून 2026 को केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को पत्र लिखकर बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर विस्तृत चर्चा के लिए 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में आमंत्रित किया। यह कदम कुमारस्वामी की उस चुनौती के जवाब में उठाया गया है, जिसमें उन्होंने बेंगलुरु के निकट प्रस्तावित इस विवादित परियोजना पर सार्वजनिक बहस की माँग की थी।
शिवकुमार का निमंत्रण: क्या कहा पत्र में
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने अपने पत्र में लिखा, 'मैं आपके कार्यकाल में शुरू हुए बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर आपसे चर्चा करने के लिए उत्सुक हूँ। मैं आपको और आपकी टीम के पाँच सदस्यों को 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में विस्तार से चर्चा के लिए आमंत्रित करता हूँ।' इस निमंत्रण में उन्होंने स्पष्ट किया कि बहस सार्वजनिक मंच की बजाय औपचारिक सरकारी कार्यालय में होगी।
कुमारस्वामी की चुनौती और आरोप
इससे पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमारस्वामी ने दावा किया था कि किसान इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं और महिलाएँ तथा वरिष्ठ नागरिक पिछले 450 दिनों से धरने पर बैठे हैं। उन्होंने शिवकुमार पर सीधा आरोप लगाया कि इस परियोजना से जनता को नहीं, बल्कि 'शिवकुमार की जेब' को फायदा होगा — हालाँकि इस दावे को शिवकुमार की ओर से खारिज किया गया है।
कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि वे किसी भी समय, यहाँ तक कि आधी रात तक, बहस के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टाउनशिप का प्रस्ताव उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान आया था, परंतु यह प्रारंभिक चरण से आगे कभी नहीं बढ़ा।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
कुमारस्वामी ने इस परियोजना के विरुद्ध न्यायालय जाने की भी घोषणा की। उनके अनुसार, एक कानूनी टीम गठित की गई है जो सभी संबंधित दस्तावेजों की जाँच के बाद दो-तीन दिनों में अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने बेंगलुरु के नागरभावी इलाके में पहले ही एक कार्यालय खोलने की जानकारी भी दी।
राजनीतिक तनाव और आगे की राह
यह विवाद कर्नाटक की राजनीति में नया मोर्चा खोल रहा है। दोनों नेताओं के बीच कृषि भूमि अधिग्रहण और परियोजना की उपयोगिता को लेकर तीखी नोकझोंक हो चुकी है। कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेताओं के 2028 में सत्ता में वापसी के दावों पर भी तंज कसा और कहा कि पहले उन्हें 'जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।' गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है जब कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं। 26 जून की प्रस्तावित बैठक यह तय करेगी कि यह विवाद संवाद की दिशा लेता है या और गहरा होता है।