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बिदादी टाउनशिप विवाद: कुमारस्वामी ने शिवकुमार से माँगी बिदादी में बैठक, किसानों को शामिल करने की शर्त

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बिदादी टाउनशिप विवाद: कुमारस्वामी ने शिवकुमार से माँगी बिदादी में बैठक, किसानों को शामिल करने की शर्त

सारांश

बिदादी टाउनशिप विवाद अब बैठक की जगह पर अटक गया है। कुमारस्वामी चाहते हैं कि चर्चा विधान सौधा नहीं, बल्कि उसी बिदादी में हो जहाँ 450 दिनों से किसान धरने पर हैं — और प्रभावित हर तबके को मेज पर बैठने का मौका मिले।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी ने 22 जून 2026 को CM शिवकुमार को पत्र लिखकर बैठक बिदादी या भैरमंगला में आयोजित करने की माँग की।
कुमारस्वामी ने 27 जून की तारीख प्रस्तावित की; 26 जून को उनका पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम है।
प्रोजेक्ट से रामनगर तालुक के बिदादी होबली के 8 गाँवों और हारोहल्ली तालुक के 1 गाँव के किसान प्रभावित हैं।
प्रभावित इलाके में महिलाएँ और बुजुर्ग पिछले 450 दिनों से धरने पर हैं।
कुमारस्वामी ने प्रोजेक्ट के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का ऐलान किया है।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 22 जून 2026 को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर माँग की कि विवादित बिदादी कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट पर प्रस्तावित चर्चा विधान सौधा की बजाय सीधे प्रभावित बिदादी इलाके या भैरमंगला में किसी सार्वजनिक स्थल पर आयोजित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रभावित किसान, ग्रामीण और अन्य हितधारक इस चर्चा में शामिल नहीं होते, तब तक विधान सौधा में होने वाली किसी भी बैठक का कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं होगा।

विवाद की पृष्ठभूमि

प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट रामनगर तालुक के बिदादी होबली के आठ गाँवों और हारोहल्ली तालुक के एक गाँव की कृषि भूमि को प्रभावित करता है। कुमारस्वामी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के चलते स्थानीय किसान, खेतिहर मजदूर, डेयरी फार्मिंग से जुड़ी महिलाएँ और छोटे व्यापारी लंबे समय से अनिश्चितता झेल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रभावित इलाके की महिलाएँ और बुजुर्ग पिछले 450 दिनों से धरने पर बैठे हैं।

कुमारस्वामी की प्रमुख माँगें

अपने पत्र में कुमारस्वामी ने कहा, 'मुझे 22 जून का आपका पत्र मिला है, जिसमें मुझे और मेरी तरफ से पाँच अन्य प्रतिनिधियों को प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। निमंत्रण के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र के पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका है और स्थानीय लोगों की आजीविका सीधे खतरे में है।

कुमारस्वामी ने सुझाव दिया कि यदि किसान, ग्रामीण, खेतिहर मजदूर, डेयरी फार्मिंग से जुड़ी महिलाएँ, छोटे व्यापारी और उद्योगपति इस बैठक में भाग ले सकें, तो किसी सार्थक और व्यावहारिक समाधान तक पहुँचना संभव होगा। उन्होंने 27 जून को बिदादी या भैरमंगला में बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, क्योंकि 26 जून को उनका पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम है।

शिवकुमार का पूर्व निमंत्रण

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कुमारस्वामी की सार्वजनिक बहस की चुनौती को स्वीकार करते हुए उन्हें 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में औपचारिक चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। अब कुमारस्वामी ने इस निमंत्रण की शर्तों पर ही सवाल उठाते हुए स्थान और प्रतिभागियों को लेकर नई माँगें रख दी हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट से आम जनता को कोई लाभ नहीं होगा और यह केवल कुछ लोगों के निजी हितों की पूर्ति करेगा। उन्होंने प्रोजेक्ट के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने का भी ऐलान किया। हालाँकि, कुमारस्वामी ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया: 'इस प्रोजेक्ट में मेरा कोई निजी हित नहीं है।'

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री शिवकुमार कुमारस्वामी के स्थान-परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि बैठक बिदादी में होती है, तो यह प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को सीधे अपनी बात रखने का अवसर देगी — जो इस विवाद में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनीतिक रूप से चतुर है: यदि शिवकुमार मना करते हैं तो वे जन-विरोधी दिखते हैं, और यदि मानते हैं तो बहस का मैदान उनके घर से दूर चला जाता है। 450 दिनों का धरना यह बताता है कि यह विवाद नया नहीं है, लेकिन अब तक इसे राज्य स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया गया। असली सवाल यह है कि क्या कोई भी पक्ष प्रभावित समुदायों के लिए ठोस समाधान देने को तैयार है, या यह विवाद केवल चुनावी पैंतरेबाजी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
बिदादी कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट बेंगलुरु के पास रामनगर और हारोहल्ली तालुक के कुल 9 गाँवों की कृषि भूमि पर प्रस्तावित है। स्थानीय किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों का आरोप है कि इससे उनकी आजीविका और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान होगा, और वे पिछले 450 दिनों से धरने पर हैं।
कुमारस्वामी ने बैठक के लिए बिदादी की माँग क्यों की?
कुमारस्वामी का तर्क है कि विधान सौधा में होने वाली बैठक में प्रभावित किसान और ग्रामीण शामिल नहीं हो पाएँगे, इसलिए वह बैठक निरर्थक होगी। उन्होंने माँग की कि चर्चा बिदादी या भैरमंगला में हो ताकि सभी हितधारक सीधे अपनी बात रख सकें।
CM शिवकुमार ने पहले क्या प्रस्ताव दिया था?
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कुमारस्वामी की सार्वजनिक बहस की चुनौती स्वीकार करते हुए उन्हें 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा स्थित अपने कार्यालय में औपचारिक चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। अब कुमारस्वामी ने इस स्थान और तारीख दोनों पर आपत्ति जताई है।
इस प्रोजेक्ट से कौन-कौन से लोग प्रभावित हैं?
रामनगर तालुक के बिदादी होबली के 8 गाँवों और हारोहल्ली तालुक के 1 गाँव के किसान, खेतिहर मजदूर, डेयरी फार्मिंग से जुड़ी महिलाएँ, छोटे व्यापारी और स्थानीय उद्योगपति इस प्रोजेक्ट से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
कुमारस्वामी ने प्रोजेक्ट पर क्या कानूनी कदम उठाने की बात कही है?
कुमारस्वामी ने घोषणा की है कि वे बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेंगे। हालाँकि उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी साझा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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