नंदीग्राम उपचुनाव: गिरफ्तार कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट में मिलन प्रधान की जमानत के लिए याचिका दाखिल की। मिलन प्रधान 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी के घोषित उम्मीदवार हैं और फिलहाल दो अलग-अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी गिरफ्तारी का समय राजनीतिक रूप से विवादास्पद हो गया है।
अदालत में क्या हुआ
मिलन प्रधान के वकील ने जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल बेंच के समक्ष जमानत अर्जी प्रस्तुत की। वकील ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल सक्रिय उम्मीदवार हैं और उपचुनाव की तारीख निकट होने के कारण मामले पर तत्काल सुनवाई आवश्यक है। अदालत ने अर्जी स्वीकार कर ली है और इस सप्ताह के भीतर सुनवाई की संभावना है।
हिरासत की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल की जिला अदालतों के आदेश के बाद मिलन प्रधान फिलहाल दो मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। 2007 के एक हत्या के मामले में उन्हें 3 अक्टूबर तक और एक अन्य मामले में 5 अक्टूबर तक जेल भेजा गया है। उन्हें 23 सितंबर को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया था।
गिरफ्तारी 18 सितंबर की शाम को हुई — यह उस समय से महज कुछ घंटे बाद था, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) की एक धड़े की नेता ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि उनका गुट नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा। TMC की स्थानीय उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने इससे कुछ समय पहले ही अपना नामांकन वापस ले लिया था।
परिवार की प्रतिक्रिया
मिलन प्रधान की पत्नी अर्पिता प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो संदेश साझा कर गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'वे नियमित रूप से वोट डालने जाते थे और त्योहारों के समय इलाके में ही रहते थे। इतने लंबे समय तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया। अब, कांग्रेस द्वारा उपचुनाव के उम्मीदवार के तौर पर उनका नाम घोषित किए जाने के बाद उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया।'
राज्य सरकार का पक्ष
राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उपचुनावों से पहले लंबे समय से लंबित सभी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंटों पर अमल के निर्देशों के तहत मिलन प्रधान को हिरासत में लिया गया। सरकार के अनुसार यह कार्रवाई राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।
उपचुनाव की स्थिति और आगे की राह
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होंगे और परिणाम 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। यदि कलकत्ता हाईकोर्ट इस सप्ताह जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं करता या जमानत नहीं देता, तो मिलन प्रधान जेल से ही अपना चुनाव प्रचार संचालित करने या नहीं कर पाने की स्थिति में होंगे। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में विपक्षी उम्मीदवारों पर कानूनी दबाव की व्यापक बहस को नया आयाम दे रहा है।