नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, BJP पर साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को शनिवार, 19 सितंबर 2026 को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्हें एक पुराने हत्या मामले में पहले से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था।
गिरफ्तारी का आधार क्या है
पूर्वी मेदिनीपुर जिला पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, मिलन प्रधान के खिलाफ एक पुराने हत्या के मामले में अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पहले से लंबित था। इसी वारंट के आधार पर शुक्रवार को उन्हें हिरासत में लिया गया और शनिवार को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत की अवधि 14 दिन तय की गई।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह अदालती प्रक्रिया के तहत हुई है और इसमें किसी राजनीतिक हस्तक्षेप की भूमिका नहीं है।
राजनीतिक माहौल और तृणमूल का समर्थन
यह गिरफ्तारी ऐसे नाज़ुक समय पर हुई जब नंदीग्राम उपचुनाव का राजनीतिक तापमान चरम पर है। मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से एक दिन पहले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रत्याशी संचिता डे प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।
इसके तत्काल बाद, तृणमूल कांग्रेस की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। इस गठबंधन समीकरण के बीच कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया — राजनीतिक साजिश का आरोप
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले उनके उम्मीदवार को हिरासत में लेकर विपक्ष को कमज़ोर किया जा रहा है। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में विपक्षी राजनीति को समाप्त करने की कोशिश कर रही है।
BJP का पलटवार
BJP के पूर्वी मेदिनीपुर जिला नेतृत्व ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी से उसका कोई संबंध नहीं है और पुलिस ने अदालती वारंट के अनुसार ही कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि इस सीट से BJP ने हसीरानी रथ को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। हसीरानी रथ, सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की माँ हैं, जिनकी मई 2026 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी — यह तथ्य इस चुनावी मुकाबले को और भावनात्मक बना देता है।
आगे क्या — चुनाव की तारीखें और प्रमुख संदर्भ
नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव के लिए मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 नवंबर 2026 को निर्धारित है। नंदीग्राम सीट सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विपक्षी एकता की कोशिशें तेज़ हो रही हैं और TMC व कांग्रेस का साझा मोर्चा BJP के लिए एक नई चुनौती बन सकता है। प्रत्याशी के जेल में रहते हुए कांग्रेस किस रणनीति पर चलती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।