TMC अपने राजनीतिक अंत की ओर, NDA पर जनता का भरोसा: भाजपा सांसद खगेन मुर्मु का बड़ा दावा
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद खगेन मुर्मु ने 19 सितंबर 2026 को मालदा में पत्रकारों से बातचीत के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि ममता बनर्जी की पार्टी धीरे-धीरे अपने राजनीतिक अंत की ओर बढ़ रही है। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में TMC का आधार आने वाले समय में पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर जनता का विश्वास लगातार मज़बूत हो रहा है।
मुर्मु का TMC पर आरोप
मुर्मु ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया तथा बंगाल की जनता के साथ लूट का एक सुनियोजित तंत्र चलाया। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से TMC का राजनीतिक पतन अवश्यंभावी है और पार्टी का अस्तित्व खतरे में आ गया है। गौरतलब है कि ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब राज्य में एकाधिक उपचुनाव और TMC के आंतरिक विवाद एक साथ गर्म हैं।
नंदीग्राम उपचुनाव और मिलन प्रधान की गिरफ्तारी
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से जुड़े विवाद पर भी मुर्मु ने खुलकर बात की। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जाँच और फैसला चुनाव आयोग करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्या हुआ और किसने क्या किया, यह निर्धारित करना आयोग का अधिकार क्षेत्र है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के संदर्भ में मुर्मु ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में उनकी सरकार ने गुंडागर्दी पर लगाम लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया है और बंगाल में अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
TMC उम्मीदवार का नामांकन वापस लेना
नंदीग्राम उपचुनाव से TMC की उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) द्वारा नामांकन वापस लेने के फैसले पर मुर्मु ने कहा कि यह ममता बनर्जी की एक सोची-समझी रणनीति थी। उन्होंने दावा किया कि TMC नेतृत्व को अंदाज़ा हो गया था कि चुनाव लड़ने पर हार निश्चित है, जिससे पार्टी की साख को भारी नुकसान पहुँच सकता था।
TMC के नाम और चुनाव चिह्न का विवाद
ममता बनर्जी के गुट के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले पर मुर्मु ने कहा कि उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करने जैसे मामलों पर अंतिम निर्णय चुनाव आयोग का ही होगा।
इस विवाद पर पटना से जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का जो भी निर्देश होगा, वह सभी पक्षों को मान्य होगा। राजीव रंजन ने यह भी जोड़ा कि जब किसी पार्टी के संगठन और चुनाव चिह्न पर दो विरोधी गुट दावा करते हैं और चुनाव अधिसूचना तक विवाद सुलझ न पाए, तो चुनावी प्रक्रिया के लिए विशेष व्यवस्था अपरिहार्य हो जाती है।
आगे क्या होगा
नंदीग्राम उपचुनाव और TMC के नाम-चिह्न विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई से आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में निर्णायक मोड़ आ सकता है। चुनाव आयोग के अगले कदम और न्यायिक हस्तक्षेप की दिशा पर सभी राजनीतिक दलों की नज़रें टिकी हैं।