भाजपा महासचिव तरुण चुघ बोले: ममता दीदी जनता की उम्मीदों पर नहीं उतरीं, इसीलिए पश्चिम बंगाल में TMC की यह हालत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने सोमवार, 4 मई को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिल रही बढ़त इस बात का प्रमाण है कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता का विश्वास बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं, और यही कारण है कि आज तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्य में यह स्थिति है।
मोदी पर जनता का भरोसा
चुघ ने कहा कि पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, असम, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और बिहार समेत कई राज्यों में भगवा परचम लहराता नजर आ रहा है। उनके अनुसार, यह स्पष्ट संकेत है कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा करती है और वे जनता की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं। चुघ ने कहा कि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता कि पूरे देश में प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद मिलने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
ममता बनर्जी पर तीखा हमला
तरुण चुघ ने ममता बनर्जी के हालिया बयान को उनकी कुंठा का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया है, क्योंकि वे लोगों की उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरी नहीं उतरीं। चुघ के अनुसार, यही कारण है कि आज TMC की प्रदेश में ऐसी स्थिति बन चुकी है।
दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहां ने भी पश्चिम बंगाल में भाजपा की बढ़त पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और TMC ने कथित तौर पर घुसपैठियों के दम पर सत्ता बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव हुए हैं।
केंद्रीय योजनाओं पर विवाद
कौसर जहां ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की किसी भी योजना को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने दिया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजना को राज्य में लागू नहीं किया गया, जिससे बंगाल की माताओं और बहनों को आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिल सका। इसके अलावा, उन्होंने महिला डॉक्टर से जुड़े मामले में ममता बनर्जी के कथित असंवेदनशील रवैये का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यहीं से उनके पतन की शुरुआत हुई। यह देखना होगा कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति किस दिशा में जाती है।