पश्चिम बंगाल में BJP की सत्ता: आयुष्मान भारत समेत 6 केंद्रीय योजनाएँ अब होंगी पूरी तरह लागू
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के साथ ही उन केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लेकर वर्षों पुरानी अनिश्चितता समाप्त हो गई है, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस (TMC) की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने 15 वर्षों तक लागू नहीं होने दिया था। 6 मई 2026 को कोलकाता से मिली रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में इन योजनाओं को पूरी तरह लागू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने की राह पर है। 294 सदस्यीय विधानसभा में BJP ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है।
सत्ता परिवर्तन का राजनीतिक संदर्भ
पश्चिम बंगाल में 15 वर्षों बाद बड़ा राजनीतिक बदलाव आया है। तृणमूल कांग्रेस, जिसने 2021 में 215 सीटें जीती थीं, इस बार घटकर केवल 80 सीटों पर सिमट गई। BJP ने स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाई है। गौरतलब है कि TMC सरकार ने केंद्र के साथ मतभेदों के चलते कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं को इस आधार पर लागू नहीं किया कि इससे केंद्र सरकार की राजनीतिक छवि को लाभ मिलेगा। अब 'डबल इंजन' सरकार के साथ यह बाधा समाप्त हो गई है।
आयुष्मान भारत: सबसे बड़ी बदलाव की उम्मीद
केंद्र की सबसे प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत को ममता बनर्जी की कैबिनेट ने इसलिए लागू नहीं होने दिया क्योंकि राज्य में पहले से 'स्वास्थ्य साथी' नामक अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित थी। जहाँ आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्तर पर मान्य है और देश के किसी भी अस्पताल में उपचार की सुविधा देती है, वहीं 'स्वास्थ्य साथी' की पहुँच केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित थी। BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद अब राज्य के नागरिकों को राष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख योजनाएँ जो अब होंगी लागू
जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से पानी पहुँचाने का लक्ष्य है। 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य को मिले ₹24,645 करोड़ में से केवल 53 प्रतिशत राशि ही उपयोग की गई — प्रस्ताव और दस्तावेज़ों में देरी इसके प्रमुख कारण रहे। अधिकारियों के अनुसार, अब इस मिशन का पूरा लाभ मिलने की संभावना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के समानांतर राज्य में 'बांग्लार बाड़ी' योजना चल रही थी। केंद्र की योजना लागू होने से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के उन लाभार्थियों को भी घर मिलने की उम्मीद है जो अब तक वंचित रह गए थे।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लागू होने से मछुआरों को वित्तीय सहायता, बीमा और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे अधिक मछुआरों को सीधा लाभ मिल सकेगा।
महिलाओं और युवाओं के लिए सीधी सहायता
मातृशक्ति भरोसा योजना के तहत निश्चित आय वर्ग की महिलाओं को हर माह ₹3,000 दिए जाएंगे। तृणमूल सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह मिलते थे — केंद्र की योजना लागू होने पर यह राशि दोगुनी हो सकती है।
युवा शक्ति भरोसा योजना के तहत बेरोज़गार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर माह ₹3,000 सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे। इसकी तुलना में राज्य सरकार की 'युवाश्री' योजना में केवल ₹1,500 मासिक का प्रावधान था।
शिक्षा क्षेत्र में बदलाव की संभावना
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PM SHRI) योजना के राज्य में लागू होने से छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है। राज्य में इसके समकक्ष 'कन्याश्री' योजना पहले से संचालित है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है और जिसके तहत कक्षा 1 से 12 तक और आगे कॉलेज-विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ़्त शिक्षा के साथ ₹25,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है। दोनों योजनाओं के साथ चलने पर लाभार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में शिक्षा और रोज़गार दोनों मोर्चों पर बड़े बदलाव की माँग लंबे समय से उठती रही है।