कोलकाता हवाई अड्डे पर BJP कार्यकर्ताओं पर हमला: खगेन मुर्मु बोले — पश्चिम बंगाल में अब नहीं चलेगी गुंडागर्दी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद खगेन मुर्मु ने 20 जून 2026 को मालदा में पत्रकारों से बात करते हुए कोलकाता हवाई अड्डे पर पार्टी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर BJP के शासन-कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की। मुर्मु ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में अब किसी भी हिंसक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
सांसद मुर्मु ने कहा कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य में विकास कार्य जारी हैं और ऐसे में यदि कोई व्यक्ति शरारतपूर्ण गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, 'हम बंगाल को शांत करने के लिए काम कर रहे हैं और इस तरह की गतिविधियाँ यहाँ नहीं चलेंगी।'
BJP की ओर से समिक भट्टाचार्य ने भी पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में अब किसी पर भी हमला नहीं होने दिया जाएगा। मुर्मु ने कहा कि यदि कोई नेता किसी के दफ्तर को नुकसान पहुँचाता है या हिंसा में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे कानून के दायरे में लाकर तुरंत जेल भेजा जाएगा।
TMC पर सीधा हमला
खगेन मुर्मु ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी 'गुंडागर्दी' पर टिकी है और इसने हमेशा आम लोगों के हितों को नजरअंदाज किया है। उनके अनुसार, TMC ने अपने 15 वर्षों के शासनकाल में पूरे प्रशासनिक तंत्र पर कब्जा जमाकर हिंसक तत्वों को संरक्षण दिया, जिसके चलते पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई।
मुर्मु ने कहा कि TMC के कुछ नेताओं को अभी भी यह भ्रम है कि राज्य में उन्हीं की सरकार है और सब कुछ उनके इशारे पर चल रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'अब स्थिति बदल चुकी है और पश्चिम बंगाल में कानून का राज स्थापित हो चुका है।'
सरकार की प्रतिक्रिया
सांसद ने माँग की कि कोलकाता हवाई अड्डे पर हुए हमले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें चिन्हित किया जाए और बिना देरी किए सलाखों के पीछे भेजा जाए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनी हुई हैं।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह बयान पश्चिम बंगाल में BJP के नए प्रशासनिक ढाँचे की परीक्षा का अहम पड़ाव है। यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई होती है, तो यह राज्य में कानून-व्यवस्था बहाली का संकेत होगा। अन्यथा, आलोचकों का कहना है कि ये बयान महज राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाएंगे।