21 सितंबर 2026
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नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने कलकत्ता हाईकोर्ट से माँगी अंतरिम सुरक्षा

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नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने कलकत्ता हाईकोर्ट से माँगी अंतरिम सुरक्षा

सारांश

नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी — चुनाव से ठीक पहले, ममता बनर्जी के समर्थन की घोषणा के घंटों बाद — और फिर हाईकोर्ट की शरण: यह सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, 6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति का नया मोर्चा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने 21 सितंबर 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में 5 पुराने मामलों में अंतरिम सुरक्षा के लिए याचिका दायर की।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने याचिका स्वीकार की; पहली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित।
प्रधान को 18 सितंबर को 2007 के हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया; हल्दिया सब-डिविजन कोर्ट ने 3 अक्टूबर तक 14 दिन की हिरासत में भेजा।
गिरफ्तारी ममता बनर्जी के TMC गुट द्वारा प्रधान को समर्थन देने की घोषणा के तुरंत बाद हुई।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को, मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

नंदीग्राम उपचुनाव के लिए घोषित कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ में याचिका दायर कर उन पाँच पुराने मामलों में पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की माँग की, जो उनके खिलाफ पंजीकृत हैं। प्रधान को 18 सितंबर को पूर्वी मिदनापुर जिले के चांदीपुर से 2007 के एक पुराने हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। याचिका स्वीकार कर ली गई है और पहली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित है।

मुख्य घटनाक्रम

जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने प्रधान की याचिका पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की तिथि तय की। प्रधान के अधिवक्ता अयान भट्टाचार्य ने अदालत में तर्क दिया कि जब उनके मुवक्किल को एक मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, तो इस बात की प्रबल आशंका है कि उन्हें शेष पाँच पुराने मामलों में भी गिरफ्तार दिखाया जा सकता है।

हल्दिया सब-डिविजन कोर्ट ने शनिवार को मिलन प्रधान को 3 अक्टूबर तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसी पृष्ठभूमि में उनके वकील ने उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया।

पुलिस का पक्ष और आरोपों का ब्यौरा

पुलिस के अनुसार, 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान मिलन प्रधान के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या के इरादे से अपहरण, साक्ष्य नष्ट करने, अनधिकृत प्रवेश और हथियारों से अशांति फैलाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि नंदीग्राम थाने में तीन और खेजुरी थाने में एक प्राथमिकी दर्ज थी।

पुलिस ने यह भी दावा किया कि उसने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, लंबे समय से लंबित गैर-जमानती वारंट (NBW) तामील करने के उद्देश्य से ही यह गिरफ्तारी की। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि उपचुनाव की घोषणा के ठीक बाद हुई यह गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से संदिग्ध है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में उनके नेतृत्व वाला गुट नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा। यह घोषणा TMC की घोषित उम्मीदवार संचिता डे प्रधान के अपना नामांकन वापस लेने के तुरंत बाद आई थी।

गौरतलब है कि नंदीग्राम वही सीट है जो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुवेंदु अधिकारी के बीच तीखी प्रतिद्वंद्विता के लिए चर्चित हुई थी। यह उपचुनाव एक बार फिर इस सीट को राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में केंद्र में ला खड़ा करता है।

आगे क्या होगा

नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होने निर्धारित हैं, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। 22 सितंबर को कलकत्ता उच्च न्यायालय की सुनवाई यह तय करेगी कि मिलन प्रधान को अंतरिम राहत मिलती है या नहीं — और यह फैसला चुनाव प्रचार के परिदृश्य को भी प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल बना रहता है कि 2007 से लंबित वारंट को ठीक चुनावी मौसम में ही क्यों तामील किया गया। पश्चिम बंगाल में चुनावी राजनीति और कानूनी तंत्र के आपसी उलझाव का यह कोई पहला मामला नहीं है, लेकिन इस बार ममता गुट और कांग्रेस का गठजोड़ नई जटिलता जोड़ता है। 22 सितंबर की सुनवाई न केवल मिलन प्रधान के चुनाव प्रचार का भविष्य, बल्कि राज्य में विपक्षी एकता की परीक्षा भी होगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिलन प्रधान ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के हत्या मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके खिलाफ दर्ज पाँच अन्य पुराने मामलों में भी गिरफ्तारी की आशंका थी। इसी से सुरक्षा के लिए उन्होंने 21 सितंबर 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की।
मिलन प्रधान को कब और क्यों गिरफ्तार किया गया?
मिलन प्रधान को 18 सितंबर 2026 की शाम पूर्वी मिदनापुर के चांदीपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज हत्या के मामले में लंबे समय से लंबित गैर-जमानती वारंट को ECI के निर्देशों पर तामील किया गया।
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी की क्या भूमिका है?
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने घोषणा की कि वे नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेंगे। यह घोषणा TMC की अपनी उम्मीदवार संचिता डे प्रधान के नामांकन वापस लेने के तुरंत बाद आई।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव कब होंगे?
नंदीग्राम (पूर्वी मिदनापुर) और रेजीनगर (मुर्शिदाबाद) विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होंगे और मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी।
कलकत्ता हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई कब है?
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए पहली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को निर्धारित की है। इस सुनवाई में अदालत तय करेगी कि मिलन प्रधान को शेष पाँच मामलों में अंतरिम राहत दी जाए या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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