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बिदादी टाउनशिप विवाद: CM शिवकुमार ने कुमारस्वामी को 26 जून की बैठक का न्योता दिया, परमेश्वर बोले — राजनीति छोड़ें

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बिदादी टाउनशिप विवाद: CM शिवकुमार ने कुमारस्वामी को 26 जून की बैठक का न्योता दिया, परमेश्वर बोले — राजनीति छोड़ें

सारांश

बिदादी टाउनशिप विवाद अब सीधी राजनीतिक टकराहट में बदल रहा है। CM शिवकुमार ने कुमारस्वामी को 26 जून को विधान सौधा बुलाया है, लेकिन कुमारस्वामी चाहते हैं कि बैठक बिदादी में हो और 27 जून को। उपमुख्यमंत्री परमेश्वर का कहना है — किसानों की सहमति और उचित मुआवज़े के बिना एक कदम भी आगे नहीं।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी को 26 जून, सुबह 11 बजे विधान सौधा, बेंगलुरु में बिदादी टाउनशिप पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया।
कुमारस्वामी ने बैठक बिदादी में करने और तारीख 27 जून रखने का प्रस्ताव दिया।
परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों को बेदखल नहीं करेगी; केवल सहमति और उचित मुआवज़े के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।
परियोजना के वित्तपोषण पर BDA और HUDCO की भूमिका को लेकर राज्य कैबिनेट में पहले ही चर्चा हो चुकी है।
परमेश्वर ने कुमारस्वामी पर परियोजना को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और रचनात्मक सुझाव देने की अपील की।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार, 23 जून को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर चर्चा के लिए 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा, बेंगलुरु में आमंत्रित किया है। परमेश्वर ने यह भी कहा कि कुमारस्वामी इस परियोजना पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आलोचना कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।

बैठक का निमंत्रण और कुमारस्वामी का जवाब

परमेश्वर ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कुमारस्वामी को पत्र लिखकर 26 जून को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक का प्रस्ताव रखा है। पत्र में यह भी कहा गया कि कुमारस्वामी चाहें तो अपने साथ किसी भी विशेषज्ञ या प्रतिनिधि को ला सकते हैं।

इसके जवाब में कुमारस्वामी ने सुझाव दिया कि चर्चा बिदादी में ही हो, जिसमें प्रभावित किसान और अन्य संबंधित पक्ष भी शामिल हों। साथ ही उन्होंने पूर्व-निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला देते हुए बैठक की तारीख 26 जून के बजाय 27 जून करने का अनुरोध किया। परमेश्वर ने कहा, "हमें देखना होगा कि मुख्यमंत्री इस अनुरोध पर क्या फैसला लेते हैं।"

किसानों पर सरकार का रुख

परमेश्वर ने दृढ़ता से कहा कि राज्य सरकार का किसानों को उनकी भूमि से बेदखल करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, "हम किसानों का भरोसा जीतना चाहते हैं और उनकी सहमति से ही आगे बढ़ना चाहते हैं।"

उन्होंने यह भी बताया कि कुछ किसानों ने स्वयं संकेत दिया है कि उनके पास सूखी जमीन है और यदि उचित मुआवज़ा मिले तो वे उसे देने को तैयार हैं। परमेश्वर के अनुसार, "अगर उचित मुआवज़ा दिया जाए, तो वे कहीं और जमीन खरीदकर खेती जारी रख सकते हैं — हम इसी सहमति-आधारित तरीके को अपना रहे हैं।"

परियोजना का वित्तपोषण और कैबिनेट चर्चा

परमेश्वर ने बताया कि बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट पर राज्य कैबिनेट में पहले ही विस्तृत चर्चा हो चुकी है। इसमें बैंगलोर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HUDCO) जैसी एजेंसियों के माध्यम से फंडिंग के विकल्पों पर भी विचार किया गया है।

गौरतलब है कि बिदादी बेंगलुरु के निकट स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र है और यह प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना राज्य के शहरी विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कुमारस्वामी पर राजनीतिकरण का आरोप

परमेश्वर ने आरोप लगाया कि कुमारस्वामी कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देकर इस परियोजना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "सरकार मिलकर तय करेगी कि इस प्रोजेक्ट को राजनीति से दूर रखते हुए सबसे अच्छे तरीके से कैसे लागू किया जाए। कुमारस्वामी को आलोचना के बजाय अच्छे सुझाव देने चाहिए।"

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे को पूरी तरह राजनीतिक नजरिए से देखा गया, तो हालात जटिल हो सकते हैं।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि मुख्यमंत्री शिवकुमार कुमारस्वामी के तारीख और स्थान बदलने के अनुरोध को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि दोनों पक्ष बैठक के लिए सहमत होते हैं, तो यह बिदादी परियोजना को लेकर राज्य और केंद्र के बीच पहली औपचारिक बातचीत होगी। परमेश्वर के अनुसार सरकार किसानों की सहमति और उचित मुआवज़े के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाने के पक्ष में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन BDA और HUDCO जैसी एजेंसियों के माध्यम से फंडिंग की जटिलताएँ यह सवाल उठाती हैं कि क्या यह परियोजना वास्तव में किसान-हितैषी है या शहरी विस्तार की महत्वाकांक्षा को नरम भाषा में पेश किया जा रहा है। कुमारस्वामी का बैठक को बिदादी में करने का आग्रह रणनीतिक है — वे जमीनी स्तर पर किसानों की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच देना चाहते हैं। असली परीक्षा यह होगी कि 26 या 27 जून की यह बैठक महज़ औपचारिकता बनती है या किसानों के लिए ठोस मुआवज़ा नीति तय करती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट क्या है और विवाद क्यों है?
बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट कर्नाटक सरकार की एक प्रस्तावित शहरी विकास परियोजना है, जो बेंगलुरु के निकट बिदादी क्षेत्र में प्रस्तावित है। विवाद इसलिए है क्योंकि स्थानीय किसान भूमि अधिग्रहण को लेकर आशंकित हैं और केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने परियोजना पर सवाल उठाए हैं।
CM शिवकुमार ने कुमारस्वामी को किस तारीख को बुलाया है?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कुमारस्वामी को 26 जून को सुबह 11 बजे विधान सौधा, बेंगलुरु में बैठक के लिए आमंत्रित किया है। कुमारस्वामी ने बैठक 27 जून को बिदादी में करने का प्रस्ताव रखा है।
क्या किसानों को उनकी जमीन से जबरन हटाया जाएगा?
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार का किसानों को बेदखल करने का कोई इरादा नहीं है। सरकार केवल किसानों की सहमति और उचित मुआवज़े के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाएगी।
परमेश्वर ने कुमारस्वामी पर क्या आरोप लगाए?
परमेश्वर ने कहा कि कुमारस्वामी बिदादी परियोजना पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय कांग्रेस नेताओं के पुराने बयानों का हवाला देकर मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने कुमारस्वामी से आग्रह किया कि वे आलोचना के बजाय सकारात्मक सुझाव दें।
बिदादी परियोजना की फंडिंग कैसे होगी?
परमेश्वर के अनुसार, परियोजना की फंडिंग के लिए बैंगलोर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HUDCO) जैसी एजेंसियों की भूमिका पर राज्य कैबिनेट में पहले ही विचार-विमर्श हो चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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