बिदादी टाउनशिप विवाद: कुमारस्वामी बोले — किसानों के बिना शिवकुमार की बैठक बेमानी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार, 23 जून को बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के चर्चा निमंत्रण को सिरे से खारिज नहीं किया, लेकिन साफ कहा कि प्रभावित किसानों और हितधारकों की अनुपस्थिति में किसी भी बैठक का कोई अर्थ नहीं है। बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर यह विवाद तब और गहरा गया जब दोनों नेताओं के बीच बैठक की तारीख, स्थान और प्रतिभागियों पर सहमति नहीं बन पाई।
विवाद की पृष्ठभूमि
बेंगलुरु के निकट प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ किसान लगभग 450 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण की सहमति को लेकर राज्य सरकार और किसानों के बीच परस्पर विरोधी दावे सामने आ रहे हैं। सोमवार, 22 जून को कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी, जिसे शिवकुमार ने स्वीकार करते हुए 26 जून को विधान सौधा में चर्चा का निमंत्रण दिया और कुमारस्वामी से पाँच सदस्यीय टीम के साथ आने को कहा।
कुमारस्वामी की मुख्य माँगें
कुमारस्वामी ने शिवकुमार के प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बैठक 27 जून को परियोजना-प्रभावित क्षेत्र में आयोजित की जाए और उसमें स्थानीय किसानों व हितधारकों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने मुझे पाँच लोगों की टीम के साथ आने को कहा, लेकिन मेरी केवल एक ही टीम है और वह है किसान।' केंद्रीय मंत्री ने इस आशय का पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है।
26 जून को उपलब्धता के बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने बताया कि उस दिन विभिन्न शहरों और गाँवों में उनके कई पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम हैं, इसलिए उन्होंने 27 जून की सुबह किसी भी सुविधाजनक समय पर बैठक बुलाने का अनुरोध किया है।
सहमति के आँकड़ों पर विवाद
कुमारस्वामी ने सरकारी दावों पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'सरकार दावा कर रही है कि 80 प्रतिशत किसानों ने परियोजना के लिए सहमति दे दी है, लेकिन 80 से 90 प्रतिशत किसान कह रहे हैं कि उन्होंने कोई सहमति नहीं दी। इस मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब परियोजना-प्रभावित किसान करीब डेढ़ साल से आंदोलन की राह पर हैं।
शिवकुमार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कुमारस्वामी की माँगों पर फिलहाल टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि वह इस विषय पर बाद में बात करेंगे। गौरतलब है कि शिवकुमार ने ही पहले सार्वजनिक बहस की चुनौती को स्वीकार कर विधान सौधा में बैठक का प्रस्ताव रखा था।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि यह निमंत्रण केवल औपचारिकता निभाने के लिए दिया गया है। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि सिर्फ यह दिखाने के लिए निमंत्रण दिया गया है कि बैठक की पेशकश की गई है। असली सवाल यह है कि यदि प्रभावित लोग मौजूद नहीं होंगे तो चर्चा किस बात की होगी?' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब वे सत्ता में थे, तब कांग्रेस नेताओं ने इसी मुद्दे पर उनकी सरकार की आलोचना की थी। कुमारस्वामी ने कहा, 'यह सरकार राज्य के हितों के बजाय अपने हितों के लिए चलाई जा रही है।'
बिदादी टाउनशिप विवाद अब सीधे राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री शिवकुमार कुमारस्वामी के पत्र का क्या जवाब देते हैं और क्या किसानों को बैठक में शामिल किया जाएगा।