ग्वालियर में हिस्ट्रीशीटर छोटू राजावत की गोली मारकर हत्या, पाँच आरोपियों पर FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 23 सितंबर 2026 को हमलावरों के एक समूह ने कथित तौर पर हिस्ट्रीशीटर छोटू राजावत की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, यह वारदात मेला रोड पर एक रेलवे ओवरब्रिज के निकट हुई और शुरुआती जाँच में पुरानी आपराधिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
पुलिस ने बताया कि छोटू राजावत अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था, तभी हमलावरों ने मेला रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास उसे घेर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीनू सिकरवार और हेमू सिकरवार ने राजावत का कॉलर पकड़ा और उसे मोटरसाइकिल से नीचे खींच लिया।
इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर काफी करीब से राजावत के सीने और सिर में गोली दाग दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
पाँच आरोपियों पर नामजद FIR
राजावत के साथी के बयान के आधार पर पुलिस ने हेमू सिकरवार, दीनू सिकरवार, रानू, राजवीर और अजीत के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार और पड़ाव पुलिस स्टेशन के इंचार्ज शैलेंद्र भार्गव अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुँचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
पुरानी रंजिश की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, छोटू राजावत भोला सिकरवार की हत्या के मामले में जेल में बंद था और हाल ही में उसे जमानत मिली थी। उसके खिलाफ 10 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज थे।
जाँचकर्ता दोनों हत्याओं के बीच संभावित संबंध खँगाल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, भोला सिकरवार की हत्या करीब एक साल पहले हुई थी, जब उसके भाई दीनू ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर गैंगस्टर बंटी भदौरिया को चुनौती दी थी। पुलिस ने तब आरोप लगाया था कि भदौरिया दीनू को ढूँढ नहीं पाने पर उसके भाई भोला को निशाना बनाया। उस मामले में राजावत पर आरोप था कि उसने भदौरिया को भोला के ठिकाने की जानकारी दी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुजावल बग्गा ने कहा, 'शुरुआती जाँच से पता चलता है कि हत्या का संबंध पुरानी रंजिश से है। अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।'
उन्होंने आगे कहा, 'आरोपियों की पहचान कर ली गई है और पुलिस टीमें उन्हें पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर काम कर रही हैं। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।' पुलिस हमले में किसी अन्य व्यक्ति की संभावित संलिप्तता की भी जाँच कर रही है।
आगे की कार्रवाई
FIR में नामजद सभी पाँचों आरोपी अभी तक फरार हैं और पुलिस की कई टीमें उनके संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही हैं। यह वारदात ग्वालियर में आपराधिक गिरोहों के बीच चल रहे वर्चस्व की जंग की पृष्ठभूमि में हुई है, जिस पर प्रशासन की नज़र बनी हुई है।