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ग्वालियर में बस ड्राइवर खेमसिंह यादव पर गोली चली, पुलिस ने 12 घंटे में 3 आरोपी दबोचे

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ग्वालियर में बस ड्राइवर खेमसिंह यादव पर गोली चली, पुलिस ने 12 घंटे में 3 आरोपी दबोचे

सारांश

ग्वालियर के पिछोर में एक बस ड्राइवर को डीजल खत्म होने का बहाना बनाकर बस से नीचे बुलाया गया और गोली मार दी गई। पुलिस ने 12 घंटे से भी कम समय में तीन आरोपियों को दबोचा — पीछे थी 2022 से चली आ रही पुरानी रंजिश।

मुख्य बातें

ग्वालियर के पिछोर इलाके में रविवार सुबह बस ड्राइवर खेमसिंह यादव पर गोली चलाई गई; वह गंभीर रूप से घायल हैं।
आरोपियों ने डीजल खत्म होने का बहाना बनाकर ड्राइवर को बस से नीचे बुलाया और हमला किया।
पुलिस ने मात्र 12 घंटे में तीन आरोपी — अभिषेक यादव , अर्जुन उर्फ भीमा और शिवम यादव — गिरफ्तार किए।
हमले की जड़ में 2022 में हुई एक सड़क दुर्घटना से उपजी पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
घटना में इस्तेमाल कार जब्त; सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से आरोपियों की पहचान हुई।
तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर इलाके में रविवार सुबह बस ड्राइवर खेमसिंह यादव पर धोखे से बुलाकर गोली चलाई गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि खेमसिंह गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने मात्र 12 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इस 'ब्लाइंड केस' को सुलझा लिया।

हमले का तरीका: बहाने से बुलाया, फिर चलाई गोली

एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, आरोपियों ने पूरी योजना पहले से बना रखी थी। जब खेमसिंह बस चला रहे थे, तब आरोपियों ने अपनी कार बस के आगे लगा दी और कहा कि वाहन का डीजल-पेट्रोल खत्म हो गया है और उसे धक्का देना होगा। इस बहाने ड्राइवर को बस से नीचे बुलाया गया और जैसे ही वह वाहन को धक्का देने के लिए नीचे उतरे, उन पर गोली चला दी गई। घायल अवस्था में उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचाया गया।

पुरानी रंजिश: 2022 के हादसे से जुड़ा है सिरा

एसएसपी ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। 2022 में खेमसिंह के एक मित्र की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। उस मित्र के भाइयों को संदेह था कि इस हादसे में किसी न किसी रूप में ड्राइवर की भूमिका थी। इसी पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपियों ने ड्राइवर की दिनचर्या और उनके बस रूट की जानकारी जुटाई और योजनाबद्ध तरीके से हमला किया।

12 घंटे में सुलझा ब्लाइंड केस: तीन गिरफ्तार

यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था क्योंकि हमले के समय आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं थी। एडिशनल एसपी जयराज कुबेर, सीएसपी नागेंद्र सिकरवार और एसडीओपी सौरभ के नेतृत्व में आधा दर्जन से अधिक थानों के प्रभारियों को तैनात किया गया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से 12 घंटे से भी कम समय में तीनों आरोपी — अभिषेक यादव, अर्जुन उर्फ भीमा और शिवम यादव — को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है।

आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि

एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास पुराना है और उनके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों को यह संदेश जाता है कि कानून के लंबे हाथ से बचना संभव नहीं।

क्या होगा आगे

तीनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। खेमसिंह यादव का अस्पताल में उपचार जारी है और पुलिस उनकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे की जाँच तेज़ करेगी। अदालती कार्यवाही जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि तीन साल से चली आ रही यह रंजिश आधिकारिक संज्ञान में क्यों नहीं आई। यदि पीड़ित या उसके परिजनों ने पहले कोई शिकायत दर्ज कराई थी, तो उस पर क्या कार्रवाई हुई — यह जाँच का विषय होना चाहिए।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्वालियर में बस ड्राइवर खेमसिंह यादव पर हमला कैसे हुआ?
आरोपियों ने अपनी कार बस के सामने लगाकर डीजल खत्म होने का बहाना बनाया और खेमसिंह यादव को धक्का देने के लिए नीचे बुलाया। जैसे ही वह नीचे उतरे, उन पर गोली चला दी गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने आरोपियों को कितने समय में पकड़ा?
ग्वालियर पुलिस ने 12 घंटे से भी कम समय में तीनों आरोपियों — अभिषेक यादव, अर्जुन उर्फ भीमा और शिवम यादव — को गिरफ्तार कर लिया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र इस त्वरित कार्रवाई में मददगार रहे।
इस हमले की वजह क्या थी?
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, हमले की जड़ में 2022 में हुई एक सड़क दुर्घटना से उपजी पुरानी रंजिश है। खेमसिंह के एक मित्र की उस हादसे में मौत हो गई थी और उसके भाइयों को ड्राइवर पर संदेह था, जिसके चलते उन्होंने योजनाबद्ध हमला किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
तीनों आरोपियों के नाम अभिषेक यादव, अर्जुन उर्फ भीमा और शिवम यादव हैं। एसएसपी ने बताया कि तीनों का पुराना आपराधिक इतिहास है और उनके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।
खेमसिंह यादव की अभी क्या स्थिति है?
बस ड्राइवर खेमसिंह यादव गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका उपचार जारी है। पुलिस उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नज़र रखते हुए आगे की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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