ग्वालियर मुठभेड़: हत्यारोपी सौरभ यादव के पैर में गोली, राहुल गिरफ्तार, लाला अग्रवाल अंधेरे में फरार
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर के शंकरपुर क्षेत्र में सोमवार-मंगलवार की रात पुलिस और तीन हत्यारोपियों के बीच हुई मुठभेड़ में सौरभ यादव के दाएं पैर में गोली लगी और उसका साथी राहुल यादव घेराबंदी के बाद पकड़ा गया। तीसरा मुख्य आरोपी लाला अग्रवाल अंधेरे का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। यह कार्रवाई 27 अगस्त को आनंद नगर, होड़ापुर थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय विवेक मीणा की गोली मारकर हत्या के सिलसिले में की गई।
मुख्य घटनाक्रम
27 अगस्त की शाम को आनंद नगर में विवेक मीणा की हत्या के बाद से तीनों नामजद आरोपी — सौरभ यादव, राहुल यादव और लाला अग्रवाल — फरार चल रहे थे। सोमवार-मंगलवार की रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों तिघरा की ओर से मोटरसाइकिल पर पुरानी छावनी की तरफ आ रहे हैं।
सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना और पुरानी छावनी थाना की दो पुलिस टीमें तत्काल सक्रिय हुईं। शंकरपुर क्षेत्र में बाइक सवार आरोपियों को रोकने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ का परिणाम
जवाबी फायरिंग में सौरभ यादव के दाएं पैर में गोली लगी। राहुल यादव भागने की कोशिश में घेराबंदी के चलते पकड़ा गया। घायल सौरभ को इलाज के लिए हजार बिस्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया है; बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार के अनुसार उसकी हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने आरोपियों के पास से देशी कट्टे भी बरामद किए हैं।
तीसरा आरोपी अभी भी फरार
मुख्य आरोपी लाला अग्रवाल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं और क्षेत्र में नाकेबंदी कर दी गई है।
पृष्ठभूमि: विवेक मीणा हत्याकांड
27 अगस्त की शाम ग्वालियर के आनंद नगर में तीनों आरोपियों ने 25 वर्षीय विवेक मीणा को गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद से तीनों फरार थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी। मुखबिर की सूचना पर की गई यह कार्रवाई उसी मामले की अगली कड़ी है।
आगे क्या
पुलिस के अनुसार फरार लाला अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए नाकेबंदी और टीमें सक्रिय हैं। घायल सौरभ यादव के स्वस्थ होने के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। बरामद देशी कट्टों की फोरेंसिक जाँच से हत्याकांड की और परतें खुलने की संभावना है।