पीलीभीत मुठभेड़: हत्या का आरोपी दाहिने पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार, पप्पू गुप्ता हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बिलसंडा थाना क्षेत्र में हुए पप्पू गुप्ता हत्याकांड के एक आरोपी को पुलिस ने शनिवार, 31 मई 2026 को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी द्वारा पुलिस पर फायरिंग करने पर जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी और उसे जिला अस्पताल पीलीभीत में भर्ती कराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
28 मई को बिलसंडा थाना क्षेत्र में साइकिल की दुकान चलाने वाले पंकज कटियार के साथ अज्ञात युवकों ने मारपीट शुरू की। पास में कपड़े की दुकान चलाने वाले पप्पू गुप्ता ने जब एक आरोपी को रोकने की कोशिश की, तो उन पर गोली चला दी गई। इलाज के दौरान पप्पू गुप्ता की मृत्यु हो गई।
पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि जाँच में सामने आया कि पंकज कटियार का अपने ससुराल पक्ष से पुराना विवाद चल रहा था। इस हत्याकांड की साजिश पंकज के ससुर और दो सालों ने मिलकर रची थी। तीनों नामजद आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुठभेड़ कैसे हुई
थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस टीम शनिवार सुबह लगभग 5 बजे क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान ईटगांव नहर पुलिया के पास एक संदिग्ध बाइक सवार दिखा। पुलिस के रुकने का संकेत देने पर उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एक गोली मुख्य आरक्षी सुनील कुमार के दाहिने बाजू को छूती हुई निकल गई।
आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। आरोपी को तत्काल जिला अस्पताल पीलीभीत में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।
जाँच और टीमें
एसपी सुकीर्ति माधव के अनुसार, 28 मई को हत्या की घटना के बाद थाना बिलसंडा में मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच के लिए पाँच अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। साक्ष्य संकलन और गहन पूछताछ के जरिए ससुराल पक्ष की साजिश का खुलासा हुआ।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस पर अपराध नियंत्रण को लेकर कड़ी नज़र रखी जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में पारिवारिक विवादों से जुड़े हत्याकांडों में वृद्धि दर्ज की गई है।
आगे क्या होगा
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। घायल आरोपी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में लिया जाएगा।