गाजियाबाद मुठभेड़: सिहानी गेट में SWAT टीम की कार्रवाई, शाकिर और पवन गिरफ्तार — 2 अभी भी फरार
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र में 22-23 अगस्त 2026 की रात स्वाट (SWAT) एवं सर्विलांस टीम नगर जोन तथा थाना सिहानी गेट पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो आरोपियों को पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि उनके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश अभी जारी है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) जियाउद्दीन अहमद के अनुसार, 22 अगस्त की रात मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ बदमाश ऑटो में सवार होकर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। इस सूचना पर नगर जोन की स्वाट और सर्विलांस टीम ने सिहानी गेट पुलिस के साथ मिलकर चेकिंग अभियान शुरू किया।
चेकिंग के दौरान संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ऑटो लेकर भागने लगे और कुछ दूरी पर ऑटो छोड़कर पैदल फरार होने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
जवाबी कार्रवाई में शाकिर और पवन के पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में दोनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, कारतूस, दो कान के टॉप्स और वारदात में प्रयुक्त ऑटो बरामद किया।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पूर्व में कई टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
लोनी में भी मुठभेड़, एक और आरोपी धरा गया
यह ऐसे समय में आया है जब 21 अगस्त को थाना लोनी पुलिस ने निठोरा अंडरपास के पास एक वांछित आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार ने रुकने से इनकार कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद मोटरसाइकिल फिसल गई। आरोपी ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सचिन बताया और 20 अगस्त की रात गिरि मार्केट में एक घर में घुसकर चोरी करने की बात स्वीकार की।
आगे की कार्रवाई
फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि गाजियाबाद में हाल के हफ्तों में पुलिस-बदमाश मुठभेड़ों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जो जिले में सक्रिय अपराध नेटवर्क पर बढ़ते पुलिस दबाव का संकेत है।