बिदादी टाउनशिप परियोजना पर देवेगौड़ा का हमला: 'भूमि घोटाला' बताकर कांग्रेस सरकार को चेतावनी

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बिदादी टाउनशिप परियोजना पर देवेगौड़ा का हमला: 'भूमि घोटाला' बताकर कांग्रेस सरकार को चेतावनी

सारांश

पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने बिदादी टाउनशिप परियोजना को 'भूमि घोटाला' बताकर कांग्रेस सरकार को सीधी चुनौती दी है। उन्होंने शिवकुमार पर तीखा हमला बोला और आंदोलन की चेतावनी देते हुए कांग्रेस के दोहरे रवैये को उजागर किया।

मुख्य बातें

पूर्व प्रधानमंत्री एच.
देवेगौड़ा ने बिदादी टाउनशिप परियोजना को 'भूमि घोटाला' बताते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप लगाया।
देवेगौड़ा ने उपमुख्यमंत्री डी.
शिवकुमार पर बिना नाम लिए तीखा प्रहार किया और परियोजना के विरुद्ध जन-आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
उन्होंने याद दिलाया कि एच.
कुमारस्वामी के पाँच टाउनशिप प्रस्ताव पर कांग्रेस ने 'सत्य खोज समिति' बनाई थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट कभी सार्वजनिक नहीं हुई।
कुमारस्वामी ने जनविरोध के बाद अपनी पाँचों टाउनशिप परियोजनाएं वापस ले ली थीं — देवेगौड़ा ने इसे मिसाल के रूप में पेश किया।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को पुराना मित्र बताते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।

पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने 17 मई 2025 को बेंगलुरु में जनता दल (सेक्युलर) के कार्यालय जेपी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को खुलकर 'भूमि घोटाला' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार कारोबारी हितों की आड़ में किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। देवेगौड़ा ने स्पष्ट किया कि वह इस परियोजना के विरुद्ध जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।

देवेगौड़ा के मुख्य आरोप

देवेगौड़ा ने कहा कि बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना था कि सरकार को यह परियोजना तत्काल वापस लेनी चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'एक व्यक्ति ने कहा है कि वह किसानों से पिटने के लिए तैयार है। पहले वह किसानों के बीच जाकर पिटकर आए, फिर मैं उनसे बात करने जाऊंगा।'

देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि अतीत में कुछ लोग सार्वजनिक सभाओं में उनके भावुक होने का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब वह मौजूदा व्यवस्था पर खुद हंस रहे हैं।

सिद्दारमैया पर दुख, शिवकुमार पर सीधा प्रहार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को अपना पुराना सहयोगी और मित्र बताते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि राज्य में क्या हो रहा है, इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा, 'अब लोग समझ रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी उस समय क्या करना चाहते थे और अब यह व्यक्ति किस तरह का घोटाला कर रहा है। मैं इसके खिलाफ लड़ाई लड़ूंगा।'

कुमारस्वामी के पुराने प्रस्ताव से तुलना

देवेगौड़ा ने याद दिलाया कि केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने पहले बेंगलुरु पर दबाव कम करने के लिए पाँच टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। उस समय कांग्रेस नेताओं ने उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर बड़ा अभियान चलाया था और मामले की जाँच के लिए एक 'सत्य खोज समिति' भी गठित की गई थी। देवेगौड़ा ने तंज कसा, 'उस समिति की रिपोर्ट से क्या सच्चाई सामने आई, यह तो भगवान ही जानता है।'

उन्होंने बताया कि जनता के विरोध के बाद कुमारस्वामी ने अंततः वे पाँचों टाउनशिप परियोजनाएं वापस ले ली थीं।

विपक्ष की रणनीति और आगे की राह

देवेगौड़ा ने शिवकुमार पर पुनः हमला बोलते हुए कहा कि एक रिपोर्ट में किसी ने उन्हें 'बेकार आदमी' कहा और यह दावा किया कि वह उसी परियोजना को पूरा कर रहे हैं जिसे कुमारस्वामी पहले प्रस्तावित कर चुके थे। उनका कहना था, 'अब लोग समझ गए हैं कि कुमारस्वामी की मंशा क्या थी और अब इस परियोजना को आगे बढ़ाने वाले व्यक्ति की मंशा क्या है। मैं इसके खिलाफ संघर्ष करूंगा।' यह टकराव आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में एक नई जमीनी लड़ाई की शुरुआत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने कुमारस्वामी के टाउनशिप प्रस्ताव पर 'सत्य खोज समिति' बनाई, लेकिन अब वही काम खुद कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या बिदादी परियोजना में किसानों की सहमति और उचित मुआवजे का कोई पारदर्शी ढाँचा है — जो अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। कर्नाटक में भूमि अधिग्रहण विवाद नए नहीं हैं, लेकिन जब 92 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री सड़क पर उतरने की चेतावनी दें, तो सरकार के लिए राजनीतिक लागत अचानक बहुत बढ़ जाती है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिदादी टाउनशिप परियोजना क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है?
बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा प्रस्तावित एक शहरी विकास योजना है। पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा और किसान संगठनों का आरोप है कि इसमें किसानों की जमीन जबरन और कारोबारी हितों के लिए हड़पी जा रही है, जिसे देवेगौड़ा ने 'भूमि घोटाला' करार दिया है।
देवेगौड़ा ने डी. के. शिवकुमार पर क्या आरोप लगाए?
देवेगौड़ा ने बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर आरोप लगाया कि वह कारोबारी हितों के लिए किसानों की जमीन छीनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिवकुमार वही परियोजना आगे बढ़ा रहे हैं जिसे कांग्रेस ने कभी कुमारस्वामी के समय 'जमीन हड़पने की कोशिश' बताकर रोका था।
एच. डी. कुमारस्वामी के पुराने टाउनशिप प्रस्ताव से इसकी तुलना कैसे होती है?
जब कुमारस्वामी मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने बेंगलुरु पर दबाव कम करने के लिए पाँच टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। कांग्रेस ने तब उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगाते हुए 'सत्य खोज समिति' बनाई थी और विरोध के बाद कुमारस्वामी ने वे परियोजनाएं वापस ले ली थीं। देवेगौड़ा का कहना है कि अब कांग्रेस वही काम खुद कर रही है।
देवेगौड़ा ने आगे क्या करने की चेतावनी दी है?
देवेगौड़ा ने स्पष्ट कहा कि वह बिदादी टाउनशिप परियोजना के विरुद्ध जन-आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने सरकार से परियोजना तत्काल वापस लेने की माँग की और कहा कि वह इस संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर देवेगौड़ा का क्या रुख है?
देवेगौड़ा ने सिद्दारमैया को अपना पुराना सहयोगी और मित्र बताया, लेकिन साथ ही दुख जताया कि राज्य में जो हो रहा है उस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उनका यह बयान कांग्रेस सरकार की आंतरिक जवाबदेही पर सवाल उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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