बिदादी टाउनशिप परियोजना पर देवेगौड़ा का हमला: 'भूमि घोटाला' बताकर कांग्रेस सरकार को चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने 17 मई 2025 को बेंगलुरु में जनता दल (सेक्युलर) के कार्यालय जेपी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को खुलकर 'भूमि घोटाला' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार कारोबारी हितों की आड़ में किसानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। देवेगौड़ा ने स्पष्ट किया कि वह इस परियोजना के विरुद्ध जन-आंदोलन खड़ा करेंगे।
देवेगौड़ा के मुख्य आरोप
देवेगौड़ा ने कहा कि बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना था कि सरकार को यह परियोजना तत्काल वापस लेनी चाहिए। उन्होंने बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर निशाना साधते हुए कहा, 'एक व्यक्ति ने कहा है कि वह किसानों से पिटने के लिए तैयार है। पहले वह किसानों के बीच जाकर पिटकर आए, फिर मैं उनसे बात करने जाऊंगा।'
देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि अतीत में कुछ लोग सार्वजनिक सभाओं में उनके भावुक होने का मजाक उड़ाते थे, लेकिन अब वह मौजूदा व्यवस्था पर खुद हंस रहे हैं।
सिद्दारमैया पर दुख, शिवकुमार पर सीधा प्रहार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को अपना पुराना सहयोगी और मित्र बताते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि राज्य में क्या हो रहा है, इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा, 'अब लोग समझ रहे हैं कि केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी उस समय क्या करना चाहते थे और अब यह व्यक्ति किस तरह का घोटाला कर रहा है। मैं इसके खिलाफ लड़ाई लड़ूंगा।'
कुमारस्वामी के पुराने प्रस्ताव से तुलना
देवेगौड़ा ने याद दिलाया कि केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने पहले बेंगलुरु पर दबाव कम करने के लिए पाँच टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। उस समय कांग्रेस नेताओं ने उन पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर बड़ा अभियान चलाया था और मामले की जाँच के लिए एक 'सत्य खोज समिति' भी गठित की गई थी। देवेगौड़ा ने तंज कसा, 'उस समिति की रिपोर्ट से क्या सच्चाई सामने आई, यह तो भगवान ही जानता है।'
उन्होंने बताया कि जनता के विरोध के बाद कुमारस्वामी ने अंततः वे पाँचों टाउनशिप परियोजनाएं वापस ले ली थीं।
विपक्ष की रणनीति और आगे की राह
देवेगौड़ा ने शिवकुमार पर पुनः हमला बोलते हुए कहा कि एक रिपोर्ट में किसी ने उन्हें 'बेकार आदमी' कहा और यह दावा किया कि वह उसी परियोजना को पूरा कर रहे हैं जिसे कुमारस्वामी पहले प्रस्तावित कर चुके थे। उनका कहना था, 'अब लोग समझ गए हैं कि कुमारस्वामी की मंशा क्या थी और अब इस परियोजना को आगे बढ़ाने वाले व्यक्ति की मंशा क्या है। मैं इसके खिलाफ संघर्ष करूंगा।' यह टकराव आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में एक नई जमीनी लड़ाई की शुरुआत हो सकती है।