14 जुलाई 2026
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बिदादी हिंसा पर कर्नाटक कांग्रेस का पलटवार: कुमारस्वामी पर राजनीतिक साजिश और दोहरे रवैये का आरोप

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बिदादी हिंसा पर कर्नाटक कांग्रेस का पलटवार: कुमारस्वामी पर राजनीतिक साजिश और दोहरे रवैये का आरोप

सारांश

बिदादी में भूमि सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने खुद अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को राजनीतिक कारणों से पलटा और CM शिवकुमार को घेरने के लिए हिंसा प्रायोजित की।

मुख्य बातें

कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण ने 14 जुलाई को मंडलहल्ली गांव की हिंसा के लिए सीधे एचडी कुमारस्वामी को जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस का दावा है कि बिदादी टाउनशिप परियोजना की परिकल्पना स्वयं कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री रहते हुए की थी।
मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कुमारस्वामी पर एचएमटी वन भूमि और बिदादी परियोजना पर अलग-अलग पर्यावरण मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
कुछ किसानों ने दोबारा सर्वेक्षण होने पर जहर खाने की चेतावनी दी, जबकि अन्य किसान परियोजना जल्द लागू करने की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि जॉइंट मेजरमेंट सर्वे केवल सहमति देने वाले किसानों की भूमि पर हो रहा है; अंतिम अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है।
प्रशासन कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच किसानों से बातचीत और सर्वेक्षण पुनः शुरू करने की तैयारी में है।

कर्नाटक कांग्रेस ने 14 जुलाई को बिदादी टाउनशिप परियोजना के भूमि सर्वेक्षण के दौरान मंडलहल्ली गांव में हुई हिंसा की जिम्मेदारी सीधे केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर डाली। पार्टी का आरोप है कि यह हिंसा राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और इसका मकसद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की छवि धूमिल करना था।

मुख्य आरोप: कुमारस्वामी ने भेजे कार्यकर्ता

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एचसी बालकृष्ण ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'कुमारस्वामी बसों का इंतजाम कर अपने कार्यकर्ताओं को वहां भेज रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें केंद्र में कोई विशेष काम नहीं सौंपा है। केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के बजाय वे बिदादी में किसानों को भड़का रहे हैं। शायद कर्नाटक में भाजपा की स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें यहां भेजा गया है।'

बालकृष्ण ने यह भी दावा किया कि बिदादी टाउनशिप परियोजना की परिकल्पना स्वयं कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री रहते हुए की थी। उन्होंने कहा, 'हम कुमारस्वामी के ड्रीम प्रोजेक्ट को ही लागू कर रहे हैं। आज वे केवल राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रहे हैं। बिदादी में जो कुछ भी हो रहा है, वह कुमारस्वामी प्रायोजित एक राजनीतिक नाटक है।'

पर्यावरण पर दोहरे रवैये का आरोप

ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कुमारस्वामी पर पर्यावरण के मुद्दे पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कुमारस्वामी कहते हैं कि टाउनशिप परियोजना से पर्यावरण को नुकसान होगा, लेकिन एचएमटी वन भूमि के मामले में वह इसे केवल रियल एस्टेट के नजरिए से देखते हैं। इस दोहरे रवैये का जवाब उन्हें जनता को देना चाहिए।'

खंड्रे ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पहले ही सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुके हैं कि इस परियोजना की शुरुआत कुमारस्वामी के मुख्यमंत्रित्व काल में हुई थी।

सर्वेक्षण और एफआईआर पर सरकार का पक्ष

विधायक बालकृष्ण ने सरकार का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल उन्हीं क्षेत्रों में संयुक्त माप सर्वेक्षण (जॉइंट मेजरमेंट सर्वे) कर रहे हैं जहाँ किसानों ने सहमति पत्र दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिदादी टाउनशिप परियोजना की अंतिम अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है और इसे वापस लेने की संभावना बहुत कम है।

प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को सही ठहराते हुए बालकृष्ण ने कहा, 'यदि सरकारी अधिकारियों पर हमला किया जाएगा तो किसी के भी खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।'

आम जनता और किसानों पर असर

बिदादी क्षेत्र में इस समय मतभेद की स्थिति स्पष्ट है — कुछ किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी दोबारा भूमि सर्वेक्षण के लिए आए तो वे जहर खा लेंगे, जबकि दूसरी ओर कुछ किसान परियोजना को जल्द लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस इसे लंबे समय से लंबित विकास परियोजना बता रही है, जबकि विपक्ष और कुछ किसानों का आरोप है कि उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण उनकी इच्छा के विरुद्ध किया जा रहा है।

आगे क्या होगा

क्षेत्र में फिलहाल तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन किसानों के साथ बातचीत की तैयारी कर रहा है और कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच सर्वेक्षण दोबारा शुरू करने की योजना बना रहा है। यह देखना होगा कि क्या संवाद से तनाव कम होता है या राजनीतिक टकराव और गहरा होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी पर अब कुमारस्वामी पर्यावरण की दुहाई दे रहे हैं — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर दब जाता है। किसानों का विभाजन — एक तरफ जहर खाने की धमकी, दूसरी तरफ परियोजना समर्थन में प्रदर्शन — बताता है कि जमीनी वास्तविकता राजनीतिक बयानबाजी से कहीं अधिक जटिल है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन सहमति-आधारित सर्वेक्षण का दावा पारदर्शी तरीके से साबित कर सकता है, या यह भी विवाद का अगला मोर्चा बनेगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिदादी टाउनशिप परियोजना क्या है और विवाद क्यों है?
बिदादी टाउनशिप परियोजना कर्नाटक सरकार की एक नगर विकास योजना है जिसके लिए भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण चल रहा है। विवाद इसलिए है क्योंकि कुछ किसान उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं, जबकि सरकार इसे दीर्घकालीन विकास परियोजना बता रही है।
मंडलहल्ली गांव में हिंसा कैसे हुई?
सोमवार को मंडलहल्ली गांव में बिदादी टाउनशिप परियोजना के भूमि सर्वेक्षण के दौरान हिंसा हुई। कांग्रेस का आरोप है कि यह हिंसा राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के कार्यकर्ताओं ने इसे अंजाम दिया।
कांग्रेस कुमारस्वामी पर दोहरे रवैये का आरोप क्यों लगा रही है?
मंत्री ईश्वर खंड्रे का कहना है कि कुमारस्वामी बिदादी परियोजना में पर्यावरण नुकसान की बात करते हैं, लेकिन एचएमटी वन भूमि के मामले में उनका रुख रियल एस्टेट-समर्थक रहा है। कांग्रेस इसे राजनीतिक सुविधानुसार बदलते मापदंड का उदाहरण बताती है।
क्या बिदादी टाउनशिप परियोजना रद्द हो सकती है?
कांग्रेस विधायक एचसी बालकृष्ण के अनुसार परियोजना की अंतिम अधिसूचना पहले ही जारी हो चुकी है और इसे वापस लेने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण के बिना किसानों को मुआवजा नहीं मिल सकता।
किसानों पर दर्ज एफआईआर को लेकर सरकार का क्या कहना है?
विधायक बालकृष्ण ने एफआईआर को उचित ठहराते हुए कहा कि सरकारी अधिकारियों पर हमला होने पर मामला दर्ज होना स्वाभाविक है। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि एक अधिकारी को डांटने पर उनके खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ था और उन्हें आठ साल अदालत में लड़ना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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