10 जुलाई 2026
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सनातन-समाजवाद वाले पोस्ट पर संजय निषाद का अखिलेश पर हमला — 'सत्ता गई तो सनातन याद आया'

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सनातन-समाजवाद वाले पोस्ट पर संजय निषाद का अखिलेश पर हमला — 'सत्ता गई तो सनातन याद आया'

सारांश

अखिलेश यादव के 'सनातन ही समाजवाद है' पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। मंत्री संजय निषाद ने पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने पर सनातन याद आता है — और सपा पर औरंगजेब की विचारधारा का आरोप लगाया। यह टकराव यूपी चुनाव से पहले धार्मिक पहचान की राजनीति को और तीखा कर रहा है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'जो सनातन है, वही समाजवाद है' — जिससे नया विवाद खड़ा हुआ।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 10 जुलाई को कड़ी प्रतिक्रिया दी, आरोप लगाया कि सत्ता जाने के बाद सपा को सनातन याद आया।
निषाद ने राम मंदिर ट्रस्ट की सीडीआर जाँच की अखिलेश की माँग को खारिज करते हुए कहा — 'क्या वे जाँचकर्ता हैं?' मुकेश साहनी पर भी निशाना साधा; निषाद समाज के साथ सपा-बसपा के कथित अन्याय का विस्तृत ब्यौरा दिया।
निषाद पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर तैयारी का दावा किया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने 10 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस सोशल मीडिया पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें अखिलेश ने लिखा था कि 'जो सनातन है, वही समाजवाद है।' निषाद ने आरोप लगाया कि सत्ता से बाहर होने के बाद ही सपा को सनातन की याद आई है।

मुख्य विवाद: सनातन और समाजवाद का समीकरण

संजय निषाद ने तीखे शब्दों में कहा, 'इससे पहले क्या थे? समाजवाद सनातन नहीं था, इसीलिए तो सत्ता से दूर हैं। अब सत्ता से दूर हैं, इसलिए सनातन बन रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि आज जो लिखा जा रहा है, उससे पता चलता है कि समाजवादी पार्टी पहले औरंगजेब की विचारधारा पर चलती थी। उनके अनुसार, 'इस देश के लोग सनातन और संस्कृति को मानने वाले हैं।'

राम मंदिर जाँच की माँग पर पलटवार

अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्यों की सीडीआर जाँच कराने की माँग पर संजय निषाद ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'क्या वे जाँचकर्ता हैं? अगर जाँचकर्ता हैं तो उन्हें नियुक्त कर दिया जाए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जाँच की अपनी अलग व्यवस्था है और जाँच अधिकारी को यह अधिकार दिया गया है कि वह किस तरह से जाँच करे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अपराधी का न कोई दल होता है, न कोई जाति — इसे किसी दल से जोड़ना उचित नहीं।

हनुमानगढ़ी-नमाज विवाद और पिछली सरकारों पर निशाना

हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए संजय निषाद ने कहा कि पिछली सरकारें औरंगजेब की विचारधारा पर चलती थीं। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, 'औरंगजेब ने अपने पिता को जेल में बंद कर दिया था और भाई को खत्म कर दिया था, तब सत्ता में आया था। इसीलिए इन्हें और कांग्रेस को सत्ता से बाहर किया गया।'

निषाद समाज के हक और मुकेश साहनी पर प्रहार

मुकेश साहनी की सलाह को खारिज करते हुए संजय निषाद ने कहा कि जिन्होंने गोली चलवाई, आरक्षण खत्म किया और निषाद समाज को पिछड़ी जाति में धकेला, उनकी सलाह मानने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान जब निषाद समाज के युवा भर्ती के लिए जाते थे, तो उन्हें जानबूझकर अयोग्य घोषित किया जाता था। उनके शब्दों में, 'सपा हमारी शिक्षा छीनने वाली पार्टी है, बसपा रोजी-रोटी छीनने वाली पार्टी है।'

विधानसभा चुनाव की तैयारी

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कठिन सीटें मिली थीं और उन्हें जिताकर दिया था — आगे भी यही करेंगे। अंत में उन्होंने महाभारत का संदर्भ देते हुए कहा, 'सलाह उनकी मानी जाती है जिनकी सलाह मानने लायक हो — जैसे कृष्ण की सलाह अर्जुन ने मानी थी; शकुनि की सलाह से सारे कौरव हार गए।'

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के चुनाव से पहले हिंदू मतदाताओं तक पहुँचने की सोची-समझी कोशिश लगती है — जो सपा की पारंपरिक 'INDIA ब्लॉक' छवि से साफ़ विचलन है। संजय निषाद की तीखी प्रतिक्रिया बताती है कि BJP गठबंधन इस कथा-परिवर्तन को बिना चुनौती दिए नहीं जाने देना चाहता। असली सवाल यह है कि क्या सपा की यह धार्मिक पुनर्स्थापना उसके मुस्लिम मतदाता आधार को असहज करेगी या नए हिंदू मतदाता जोड़ेगी — दोनों एक साथ मुश्किल हैं। निषाद की अपनी राजनीति भी दाँव पर है: निषाद समाज को BJP के साथ बनाए रखना तभी संभव है जब वे सपा की हर 'हिंदू-अनुकूल' चाल को समय रहते काटें।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने सनातन को लेकर क्या पोस्ट किया था?
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि 'जो सनातन है, वही समाजवाद है।' इस पोस्ट का अर्थ था कि सनातन धर्म और समाजवादी विचारधारा एक-दूसरे के पूरक हैं। इसी बयान पर मंत्री संजय निषाद ने कड़ी आपत्ति जताई।
संजय निषाद ने अखिलेश यादव के पोस्ट पर क्या कहा?
संजय निषाद ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद सपा को सनातन याद आया है और पहले वह औरंगजेब की विचारधारा पर चलती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार में निषाद समाज के युवाओं को जानबूझकर भर्ती में अयोग्य घोषित किया जाता था।
राम मंदिर ट्रस्ट की सीडीआर जाँच की माँग पर निषाद ने क्या कहा?
अखिलेश यादव की राम मंदिर ट्रस्ट सदस्यों की सीडीआर जाँच कराने की माँग पर संजय निषाद ने कहा कि जाँच की अपनी अलग व्यवस्था है और जाँच अधिकारी को यह तय करने का अधिकार है कि जाँच कैसे हो। उन्होंने कहा कि अपराधी का कोई दल या जाति नहीं होती।
संजय निषाद ने मुकेश साहनी पर क्या आरोप लगाए?
संजय निषाद ने मुकेश साहनी पर आरोप लगाया कि उन्होंने गोली चलवाई, निषाद समाज का आरक्षण खत्म किया और उनके नाम को पिछड़ी जाति में कर दिया। निषाद ने कहा कि साहनी की सलाह मानने का कोई कारण नहीं है।
निषाद पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की कैसे तैयारी कर रही है?
संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी BJP की कठिन सीटें जिताई थीं और आगे भी जो सीटें मिलेंगी उन्हें जिताएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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