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सपा सांसद सनातन पांडे का करारा जवाब: 'किसी में हैसियत नहीं जो मुझे खरीद सके'

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सपा सांसद सनातन पांडे का करारा जवाब: 'किसी में हैसियत नहीं जो मुझे खरीद सके'

सारांश

सपा सांसद सनातन पांडे ने ओमप्रकाश राजभर के 'बागी बलिया' दावे को करारा जवाब दिया — 'खरीदने की हैसियत नहीं।' पार्टी छोड़ने की हर अटकल खारिज करते हुए उन्होंने जीवन भर समाजवाद से जुड़े रहने की कसम खाई। यूपी की जातीय राजनीति में यह बयान बड़ा संकेत है।

मुख्य बातें

सपा सांसद सनातन पांडे ने 18 जून 2025 को पार्टी छोड़ने की सभी अटकलों को सिरे से खारिज किया।
ओमप्रकाश राजभर के 'बागी बलिया' दावे पर पांडे ने कहा — 'खरीदने की हैसियत किसी में नहीं।' पांडे ने दावा किया कि उनके पास कोई अवैध संपत्ति नहीं है और सदन के खाते के अलावा कोई खाता नहीं।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रदेश में ब्राह्मण सबसे अधिक प्रताड़ित हुए और ब्राह्मण स्वभाव से समाजवादी है।
5 अगस्त की प्रस्तावित बैठक को पांडे ने 'इतिहास रचने वाला' बताया।
राजभर ने सपा में टूट का दावा दोहराया; पांडे ने इसे राजनीतिक हताशा करार दिया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के बलिया से सांसद सनातन पांडे ने 18 जून 2025 को पार्टी छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें समाजवाद और समाजवादी पार्टी से अलग नहीं कर सकती। यह बयान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और मंत्री ओमप्रकाश राजभर के उस दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने 'बागी बलिया' की बात कहते हुए सपा में टूट की भविष्यवाणी की थी।

राजभर के दावे पर पांडे की दो-टूक

सांसद सनातन पांडे ने कहा, 'सबसे पहले, मैं उन्हें विस्तृत जानकारी देने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा। यह एक सीधा जवाब है। जीवन भर, चाहे मैं राजनीति में रहूं या न रहूं, चाहे मैं सांसद रहूं या न रहूं, मेरा पूरा अस्तित्व समाजवाद में निहित है। दुनिया की कोई भी ताकत मुझे समाजवाद और समाजवादी पार्टी से अलग नहीं कर सकती।'

पांडे ने राजभर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'वे जिस ताकत के बल पर बोल रहे हैं, उसकी हैसियत यही है कि वह हमारे जैसे लोगों को डरा सकती है या एनकाउंटर कर सकती है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि वे जिनके बलबूते बोल रहे हैं, चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, सनातन पांडे को खरीदने की हैसियत उन लोगों में नहीं है।'

संपत्ति और पारदर्शिता पर सफाई

पांडे ने अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर भी स्पष्टता दी। उन्होंने कहा, 'मेरे पास कोई भी अवैध संपत्ति नहीं है। मेरे पास नाना की दी हुई जमीन है। सदन के खाते के अलावा मेरा कोई खाता नहीं है।' यह बयान उस राजनीतिक माहौल में आया है जब विपक्षी दलों के नेताओं पर दबाव की खबरें लगातार आती रहती हैं।

ब्राह्मण समाज और सपा की राजनीति

सांसद पांडे ने बुधवार को हुए एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में ब्राह्मण कार्यकर्ता उनके कार्यक्रम में आए। उन्होंने कहा, '2014 में जिस तरह भाजपा का साथ दिया था, हमारी उम्मीदों के ठीक विपरीत सबसे ज्यादा प्रताड़ित इस सरकार में ब्राह्मण है। प्रदेश में सबसे अधिक ब्राह्मणों के एनकाउंटर हुए।'

पांडे ने यह भी तर्क दिया कि ब्राह्मण समाज स्वभाव से समाजवादी है। उनके अनुसार, 'ब्राह्मण गांव में रहने वाला ऐसा समाज है जिसके संबंध हर जाति के साथ होते हैं और वह सभी को अपना समझता है। ब्राह्मण जन्म से ही समाजवादी है।' उन्होंने 5 अगस्त की एक प्रस्तावित बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें इतिहास रचा जाएगा।

राजभर का टूट वाला दावा और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर लगातार सपा में टूट का दावा करते आ रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को आरोप लगाया कि सपा के एक कार्यक्रम में ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, जिससे 'बागी बलिया' का लाल आहत हुआ है और यह घटना 'आग में घी' का काम कर गई है। राजभर ने दावा किया कि 'टूट होकर रहेगी।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है।

पांडे की अटल प्रतिबद्धता

सनातन पांडे ने यह भी स्वीकार किया कि सपा से और लोग टूट सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, 'मैं जीवन के अंतिम समय में कार्यालय की पहरेदारी भी करने का अवसर मिलेगा तो मैं सब कुछ समर्पित करते हुए पार्टी के लिए वह काम भी करूंगा।' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बयान से स्पष्ट है कि सपा का बलिया किला फिलहाल अटूट है — हालांकि राजभर के दावे उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें ब्राह्मण मतदाताओं को सपा की ओर खींचने की स्पष्ट रणनीति दिखती है — जो 2014 के बाद से भाजपा के साथ रहे। असली सवाल यह है कि क्या 5 अगस्त की बैठक महज एक रैली साबित होगी या सपा के लिए एक नया जातीय समीकरण गढ़ने की शुरुआत।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सनातन पांडे ने सपा छोड़ने की अटकलों पर क्या कहा?
सपा सांसद सनातन पांडे ने स्पष्ट कहा कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे और दुनिया की कोई ताकत उन्हें समाजवाद से अलग नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन के अंतिम समय तक पार्टी के लिए काम करने को तैयार हैं।
ओमप्रकाश राजभर का 'बागी बलिया' दावा क्या है?
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि सपा के एक कार्यक्रम में ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, जिससे 'बागी बलिया' का लाल आहत हुआ है और सपा में टूट होकर रहेगी। राजभर लगातार सपा में बिखराव की भविष्यवाणी करते आ रहे हैं।
सनातन पांडे ने ब्राह्मण समाज के बारे में क्या कहा?
पांडे ने कहा कि 2014 में भाजपा का साथ देने के बावजूद प्रदेश में ब्राह्मण सबसे अधिक प्रताड़ित हुए और सबसे ज्यादा एनकाउंटर ब्राह्मणों के हुए। उनके अनुसार ब्राह्मण जन्म से ही समाजवादी होता है।
5 अगस्त की बैठक क्यों अहम बताई जा रही है?
सनातन पांडे ने कहा कि 5 अगस्त की बैठक में इतिहास रचा जाएगा और भारी भीड़ को देखकर विरोधी हताश हैं। यह बैठक सपा की ब्राह्मण मतदाताओं तक पहुंच बनाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
क्या सपा में वाकई टूट हो सकती है?
सनातन पांडे ने स्वयं माना कि सपा से और लोग टूट सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता पर जोर दिया। राजभर के दावों को पांडे ने राजनीतिक हताशा करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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