सपा सांसद सनातन पांडे का करारा जवाब: 'किसी में हैसियत नहीं जो मुझे खरीद सके'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के बलिया से सांसद सनातन पांडे ने 18 जून 2025 को पार्टी छोड़ने की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत उन्हें समाजवाद और समाजवादी पार्टी से अलग नहीं कर सकती। यह बयान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) प्रमुख और मंत्री ओमप्रकाश राजभर के उस दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने 'बागी बलिया' की बात कहते हुए सपा में टूट की भविष्यवाणी की थी।
राजभर के दावे पर पांडे की दो-टूक
सांसद सनातन पांडे ने कहा, 'सबसे पहले, मैं उन्हें विस्तृत जानकारी देने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैं पार्टी नहीं छोड़ूंगा। यह एक सीधा जवाब है। जीवन भर, चाहे मैं राजनीति में रहूं या न रहूं, चाहे मैं सांसद रहूं या न रहूं, मेरा पूरा अस्तित्व समाजवाद में निहित है। दुनिया की कोई भी ताकत मुझे समाजवाद और समाजवादी पार्टी से अलग नहीं कर सकती।'
पांडे ने राजभर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, 'वे जिस ताकत के बल पर बोल रहे हैं, उसकी हैसियत यही है कि वह हमारे जैसे लोगों को डरा सकती है या एनकाउंटर कर सकती है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि वे जिनके बलबूते बोल रहे हैं, चाहे कितनी भी ताकत लगा लें, सनातन पांडे को खरीदने की हैसियत उन लोगों में नहीं है।'
संपत्ति और पारदर्शिता पर सफाई
पांडे ने अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर भी स्पष्टता दी। उन्होंने कहा, 'मेरे पास कोई भी अवैध संपत्ति नहीं है। मेरे पास नाना की दी हुई जमीन है। सदन के खाते के अलावा मेरा कोई खाता नहीं है।' यह बयान उस राजनीतिक माहौल में आया है जब विपक्षी दलों के नेताओं पर दबाव की खबरें लगातार आती रहती हैं।
ब्राह्मण समाज और सपा की राजनीति
सांसद पांडे ने बुधवार को हुए एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में ब्राह्मण कार्यकर्ता उनके कार्यक्रम में आए। उन्होंने कहा, '2014 में जिस तरह भाजपा का साथ दिया था, हमारी उम्मीदों के ठीक विपरीत सबसे ज्यादा प्रताड़ित इस सरकार में ब्राह्मण है। प्रदेश में सबसे अधिक ब्राह्मणों के एनकाउंटर हुए।'
पांडे ने यह भी तर्क दिया कि ब्राह्मण समाज स्वभाव से समाजवादी है। उनके अनुसार, 'ब्राह्मण गांव में रहने वाला ऐसा समाज है जिसके संबंध हर जाति के साथ होते हैं और वह सभी को अपना समझता है। ब्राह्मण जन्म से ही समाजवादी है।' उन्होंने 5 अगस्त की एक प्रस्तावित बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें इतिहास रचा जाएगा।
राजभर का टूट वाला दावा और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर लगातार सपा में टूट का दावा करते आ रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को आरोप लगाया कि सपा के एक कार्यक्रम में ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, जिससे 'बागी बलिया' का लाल आहत हुआ है और यह घटना 'आग में घी' का काम कर गई है। राजभर ने दावा किया कि 'टूट होकर रहेगी।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है।
पांडे की अटल प्रतिबद्धता
सनातन पांडे ने यह भी स्वीकार किया कि सपा से और लोग टूट सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, 'मैं जीवन के अंतिम समय में कार्यालय की पहरेदारी भी करने का अवसर मिलेगा तो मैं सब कुछ समर्पित करते हुए पार्टी के लिए वह काम भी करूंगा।' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बयान से स्पष्ट है कि सपा का बलिया किला फिलहाल अटूट है — हालांकि राजभर के दावे उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा करते रहेंगे।