27 अक्टूबर 2026
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अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप: काजल ढोचक और नीलम सिरोही फाइनल में, भारतीय महिला कुश्ती में पहली बार दो गोल्ड मेडल मुकाबले

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अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप: काजल ढोचक और नीलम सिरोही फाइनल में, भारतीय महिला कुश्ती में पहली बार दो गोल्ड मेडल मुकाबले

सारांश

अस्ताना में भारतीय महिला कुश्ती का सबसे बड़ा दिन — काजल ढोचक और नीलम सिरोही एक साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में। यह पहली बार है जब दो भारतीय महिलाएं एक ही टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगी।

मुख्य बातें

काजल ढोचक और नीलम सिरोही एक साथ वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में पहुँचने वाली पहली दो भारतीय महिला पहलवान बनीं।
काजल ( 76 किग्रा ) का फाइनल में मुकाबला यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पियेवा से होगा; सेमीफाइनल में 1-7 से पिछड़कर 10-7 से जीतीं।
नीलम ( 50 किग्रा ) का फाइनल में सामना जापान की युई सुसाकी से; सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की पहलवान को 7-3 से हराया।
2021 में अंशु मलिक वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला थीं; उन्होंने रजत पदक जीता था।
रजनीता ( 65 किग्रा ) रेपेचेज में जापान की नाना इकेहाता से भिड़ेंगी — कांस्य पदक की दावेदार।
भारत का ग्रीको-रोमन अभियान अस्ताना में बिना पदक के समाप्त हुआ।

भारतीय महिला कुश्ती ने 27 अक्टूबर 2026 को अस्ताना में इतिहास रच दिया, जब काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने एक ही विश्व चैंपियनशिप में एक साथ फाइनल में जगह बनाकर एक नया अध्याय लिख दिया। यह पहला मौका है जब एक ही टूर्नामेंट में दो भारतीय महिला पहलवान स्वर्ण पदक के लिए मैट पर उतरेंगी।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस उपलब्धि से पहले, 2021 में अंशु मलिक वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं और उन्होंने रजत पदक जीता था। काजल और नीलम ने उसी मिसाल को आगे बढ़ाते हुए एकसाथ दो भारतीय महिलाओं का फाइनल में पहुँचने का सपना साकार किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय कुश्ती संघ लगातार महिला पहलवानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।

काजल ढोचक का सफ़र

18 वर्षीय काजल ढोचक अपनी पहली सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में खेल रही हैं। दो अंडर-20 विश्व खिताब जीत चुकीं काजल ने 76 किग्रा वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल में वे 1-7 से पिछड़ गई थीं, लेकिन उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए किर्गिस्तान की आइपेरी मेडेट किजी को 10-7 से मात दी। इससे पहले उन्होंने लिथुआनिया की कामिले ग्रिस्किने गौकाइट और मंगोलिया की दावानसन एनख अमर को भी हराया था। फाइनल में उनका मुकाबला यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पियेवा से होगा।

नीलम सिरोही का अभियान

26 वर्षीय नीलम सिरोही ने 50 किग्रा वर्ग में दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में उन्होंने कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से हराया। इससे पहले उन्होंने बेलारूस की नतालिया वाराकिना को 6-0 से पराजित किया और रूस की एलिजावेता स्मिरनोवा के चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो जाने के बाद क्वार्टर फाइनल से आगे बढ़ीं। फाइनल में उनका सामना जापान की युई सुसाकी से होगा।

अन्य भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन

रजनीता 65 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। रेपेचेज में उनका मुकाबला जापान की नाना इकेहाता से होगा। अपने सफर में उन्होंने 2024 की वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट कैटरीना जेलेनिख को 8-6 से हराया था, लेकिन बाद में मोल्दोवा की इरिना रिंगासी से पराजित हुईं। वहीं, नेहा शर्मा 57 किग्रा के राउंड ऑफ 16 में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। भारत का ग्रीको-रोमन अभियान बिना किसी पदक के समाप्त हुआ।

आगे क्या होगा

काजल और नीलम के पास अब भारतीय कुश्ती के इस ऐतिहासिक दिन को अपना पहला सीनियर विश्व खिताब बनाने का सुनहरा अवसर है। यदि दोनों में से कोई भी स्वर्ण जीतती है, तो यह भारतीय महिला कुश्ती के लिए एक युगांतरकारी क्षण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी अभी बाकी है: क्या भारत घर जाएगा सिल्वर से, या इतिहास बदलकर गोल्ड से? गौरतलब है कि नीलम का सामना जापान की युई सुसाकी से है, जो विश्व कुश्ती में एक परिचित और कठिन नाम हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ऐतिहासिक उपस्थिति नियमित उपस्थिति में बदल सकती है — और उसके लिए संरचनात्मक समर्थन व संसाधन दोनों चाहिए।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने वर्ल्ड चैंपियनशिप फाइनल में कैसे प्रवेश किया?
काजल ढोचक ने 76 किग्रा सेमीफाइनल में 1-7 से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए किर्गिस्तान की आइपेरी मेडेट किजी को 10-7 से हराया। नीलम सिरोही ने 50 किग्रा सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई।
यह उपलब्धि भारतीय कुश्ती के लिए क्यों ऐतिहासिक है?
एक ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो भारतीय महिला पहलवानों का फाइनल में पहुँचना पहली बार हुआ है। इससे पहले 2021 में अंशु मलिक अकेले फाइनल में पहुँची थीं और रजत पदक जीता था।
फाइनल में काजल और नीलम के प्रतिद्वंद्वी कौन हैं?
काजल ढोचक का मुकाबला 76 किग्रा वर्ग में यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पियेवा से होगा। नीलम सिरोही का सामना 50 किग्रा वर्ग में जापान की युई सुसाकी से होगा।
रजनीता का वर्ल्ड चैंपियनशिप में क्या हाल है?
रजनीता 65 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक की दौड़ में बनी हुई हैं। रेपेचेज में उनका मुकाबला जापान की नाना इकेहाता से होगा; इससे पहले उन्होंने 2024 की वर्ल्ड सिल्वर मेडलिस्ट कैटरीना जेलेनिख को 8-6 से हराया था।
18 वर्षीय काजल ढोचक की पृष्ठभूमि क्या है?
काजल ढोचक दो बार अंडर-20 विश्व खिताब जीत चुकी हैं और यह उनकी पहली सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप है। सेमीफाइनल में पिछड़ने के बाद उनकी वापसी ने उनकी मानसिक मज़बूती का परिचय दिया।
राष्ट्र प्रेस
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