27 अक्टूबर 2026
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गढ़चिरौली में माओवादी हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद: 5 आग्नेयास्त्र, 12 क्लेमोर और 100 सुतली बम जब्त

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गढ़चिरौली में माओवादी हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद: 5 आग्नेयास्त्र, 12 क्लेमोर और 100 सुतली बम जब्त

सारांश

गढ़चिरौली के माचुवंचा जंगल में पुलिस को माओवादियों का बड़ा हथियार भंडार मिला — 12 क्लेमोर, 5 आग्नेयास्त्र और 100 सुतली बम। नक्सल सप्ताह और चुनावों के दौरान हमलों के लिए छिपाई गई यह सामग्री बताती है कि जंगल में अभी भी सक्रिय तैयारियाँ जारी थीं।

मुख्य बातें

गढ़चिरौली के माचुवंचा जंगल में 27 अक्टूबर 2026 को माओवादियों का हथियार भंडार बरामद किया गया।
जब्त सामग्री में 12 क्लेमोर , 1 बारह बोर राइफल , 3 सिंगल शॉट राइफल , 1 एयर गन और 100 सुतली बम शामिल हैं।
अभियान के दौरान दो विस्फोटक उपकरण घटनास्थल पर ही नष्ट किए गए।
अभियान पुलिस अधीक्षक एम.
रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियों और बम निरोधक दस्ते ने अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार यह सामग्री नक्सल सप्ताह और चुनाव जैसे अवसरों पर सुरक्षा बलों पर हमले के लिए भंडारित की गई थी।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने माचुवंचा के जंगल में ज़मीन के नीचे छिपाए गए माओवादियों के हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया। विशेष अभियान दल ने कुल 5 आग्नेयास्त्र, 12 क्लेमोर, 100 सुतली बम और अन्य माओवादी सामग्री जब्त की, जबकि दो विस्फोटक उपकरणों को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।

अभियान की पृष्ठभूमि और तैयारी

वांगेतुरी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत माचुवंचा जंगल में माओवादियों द्वारा हथियार छिपाए जाने की गोपनीय सूचना मिलने के बाद मंगलवार की सुबह यह विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में चलाया गया।

इसके लिए गढ़चिरौली के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियों और बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) की एक टीम को जंगल में तलाशी के लिए रवाना किया गया। अभियान में इंटेलिजेंस सेल के जवान भी शामिल रहे।

मुख्य बरामदगी का विवरण

बम निरोधक दस्ते द्वारा संदिग्ध स्थानों की गहन जाँच के बाद निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई: 12 क्लेमोर, एक 12 बोर राइफल, तीन सिंगल शॉट राइफल, एक एयर गन, एक बोतल में रखी विस्फोटक सामग्री, एक जीवित क्लेमोर विस्फोटक, एक वायरलेस माइक सेट, हथियार का एक लोअर हैंडगार्ड और 100 सुतली बम।

इसके अलावा माओवादी वर्दी के हरे कपड़े की पाँच जोड़ियाँ भी जब्त की गईं। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर दो विस्फोटक उपकरणों को नष्ट किया गया।

माओवादियों की रणनीति और खतरे का संदर्भ

पुलिस के मुताबिक, माओवादी पूर्व में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से जंगल के दुर्गम इलाकों में हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखते थे। यह सामग्री नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों में उपयोग के लिए भंडारित की जाने की आशंका बताई जाती है।

गौरतलब है कि गढ़चिरौली महाराष्ट्र का सर्वाधिक माओवाद-प्रभावित जिला रहा है और यहाँ के घने जंगल वर्षों से नक्सली गतिविधियों के ठिकाने बनते आए हैं।

अभियान में शामिल अधिकारी

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश और मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज जी., अपर पुलिस अधीक्षक अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बी. जे. तथा पुलिस उप अधीक्षक (अभियान) सुनील उईके की देखरेख में सफलतापूर्वक पूरी की गई।

पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान की सफलता पर सभी जवानों की सराहना की। यह बरामदगी गढ़चिरौली में माओवादी नेटवर्क को कमज़ोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस इलाके में और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 12 क्लेमोर और 100 सुतली बम एक साथ मिलना दर्शाता है कि माओवादी नेटवर्क अभी भी सुनियोजित तरीके से हथियार भंडार तैयार कर रहा है। असली सवाल यह है कि जिस 'गोपनीय सूचना' के आधार पर यह अभियान चला, वह खुफिया तंत्र नियमित रूप से कितना प्रभावी है — क्योंकि हर बरामदगी के साथ यह भी स्पष्ट होता है कि भंडारण पहले से हो रहा था। केवल हथियार जब्त करना पर्याप्त नहीं; आपूर्ति श्रृंखला और नेटवर्क को तोड़ना ही दीर्घकालिक समाधान होगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गढ़चिरौली के माचुवंचा जंगल में क्या बरामद हुआ?
27 अक्टूबर 2026 को माचुवंचा जंगल में माओवादियों द्वारा छिपाए गए 12 क्लेमोर, 1 बारह बोर राइफल, 3 सिंगल शॉट राइफल, 1 एयर गन और 100 सुतली बम समेत बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा वायरलेस माइक सेट और माओवादी वर्दी के हरे कपड़े की पाँच जोड़ियाँ भी जब्त हुईं।
यह अभियान किसके नेतृत्व में चलाया गया?
अभियान पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में चला, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक कार्तिक मधिरा, गोकुल राज जी. और हर्षवर्धन बी. जे. तथा पुलिस उप अधीक्षक सुनील उईके की देखरेख में विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियों और बम निरोधक दस्ते ने भाग लिया।
माओवादी इन हथियारों का उपयोग कहाँ करते थे?
पुलिस के मुताबिक यह सामग्री नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों के लिए भंडारित की गई थी। माओवादी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से दुर्गम जंगलों में हथियार छिपाते थे।
घटनास्थल पर विस्फोटकों को क्यों नष्ट किया गया?
बम निरोधक दस्ते ने दो विस्फोटक उपकरणों को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया क्योंकि उन्हें सुरक्षित रूप से बाहर ले जाना खतरनाक था। यह मानक प्रक्रिया है जो जीवित विस्फोटकों के अनपेक्षित विस्फोट के जोखिम को टालने के लिए अपनाई जाती है।
गढ़चिरौली में माओवादी गतिविधियाँ क्यों अधिक हैं?
गढ़चिरौली महाराष्ट्र का सर्वाधिक माओवाद-प्रभावित जिला है, जहाँ के घने और दुर्गम जंगल नक्सली गतिविधियों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमाओं से लगा है, जो माओवादी आवाजाही और हथियार आपूर्ति को आसान बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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