गढ़चिरौली में माओवादी हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद: 5 आग्नेयास्त्र, 12 क्लेमोर और 100 सुतली बम जब्त
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 27 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने माचुवंचा के जंगल में ज़मीन के नीचे छिपाए गए माओवादियों के हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया। विशेष अभियान दल ने कुल 5 आग्नेयास्त्र, 12 क्लेमोर, 100 सुतली बम और अन्य माओवादी सामग्री जब्त की, जबकि दो विस्फोटक उपकरणों को घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया।
अभियान की पृष्ठभूमि और तैयारी
वांगेतुरी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत माचुवंचा जंगल में माओवादियों द्वारा हथियार छिपाए जाने की गोपनीय सूचना मिलने के बाद मंगलवार की सुबह यह विशेष अभियान शुरू किया गया। अभियान पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में चलाया गया।
इसके लिए गढ़चिरौली के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियों और बम निरोधक दस्ते (बीडीडीएस) की एक टीम को जंगल में तलाशी के लिए रवाना किया गया। अभियान में इंटेलिजेंस सेल के जवान भी शामिल रहे।
मुख्य बरामदगी का विवरण
बम निरोधक दस्ते द्वारा संदिग्ध स्थानों की गहन जाँच के बाद निम्नलिखित सामग्री बरामद हुई: 12 क्लेमोर, एक 12 बोर राइफल, तीन सिंगल शॉट राइफल, एक एयर गन, एक बोतल में रखी विस्फोटक सामग्री, एक जीवित क्लेमोर विस्फोटक, एक वायरलेस माइक सेट, हथियार का एक लोअर हैंडगार्ड और 100 सुतली बम।
इसके अलावा माओवादी वर्दी के हरे कपड़े की पाँच जोड़ियाँ भी जब्त की गईं। पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर दो विस्फोटक उपकरणों को नष्ट किया गया।
माओवादियों की रणनीति और खतरे का संदर्भ
पुलिस के मुताबिक, माओवादी पूर्व में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से जंगल के दुर्गम इलाकों में हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखते थे। यह सामग्री नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों में उपयोग के लिए भंडारित की जाने की आशंका बताई जाती है।
गौरतलब है कि गढ़चिरौली महाराष्ट्र का सर्वाधिक माओवाद-प्रभावित जिला रहा है और यहाँ के घने जंगल वर्षों से नक्सली गतिविधियों के ठिकाने बनते आए हैं।
अभियान में शामिल अधिकारी
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश और मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) कार्तिक मधिरा, अपर पुलिस अधीक्षक गोकुल राज जी., अपर पुलिस अधीक्षक अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बी. जे. तथा पुलिस उप अधीक्षक (अभियान) सुनील उईके की देखरेख में सफलतापूर्वक पूरी की गई।
पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने अभियान की सफलता पर सभी जवानों की सराहना की। यह बरामदगी गढ़चिरौली में माओवादी नेटवर्क को कमज़ोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस इलाके में और तलाशी अभियान जारी रहने की संभावना है।