13 जुलाई 2026
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दंतेवाड़ा में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: AK-47 मैगजीन, 122 एरो बम और ₹18 लाख का सामान जब्त

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दंतेवाड़ा में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: AK-47 मैगजीन, 122 एरो बम और ₹18 लाख का सामान जब्त

सारांश

दंतेवाड़ा के तोडमा जंगल में सुरक्षा बलों ने माओवादियों का विशाल हथियार जखीरा बरामद किया — AK-47 मैगजीन से लेकर 122 एरो बम और ₹18 लाख की संपत्ति तक। खास बात यह है कि यह सफलता उन्हीं पूर्व माओवादियों की सूचना पर मिली जो सरेंडर कर चुके हैं।

मुख्य बातें

12 जुलाई को दंतेवाड़ा के तोडमा गांव के जंगलों में माओवाद विरोधी संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
जब्त सामान की कुल कीमत लगभग ₹18 लाख — जिसमें 116 ग्राम सोने का बिस्किट (₹16 लाख) और ₹2 लाख नकद शामिल।
हथियारों में इंसास राइफल , AK-47 मैगजीन , 122 एरो बम , 6 टिफिन बम , 4 पाइप बम , 20 डेटोनेटर और 14 प्रेशर कुकर बरामद।
ऑपरेशन आईजी बद्री नारायण मीणा की देखरेख में, एसपी गौरव राय के नेतृत्व में चलाया गया।
सूचना हाल ही में सरेंडर किए माओवादियों से मिली — सरकार की पुनर्वास नीति की सफलता बताई जा रही है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 12 जुलाई को चलाए गए माओवाद विरोधी संयुक्त सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने तोडमा गांव के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, सोना और नकदी बरामद की। बारसूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इस इलाके से जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹18 लाख बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार यह ऑपरेशन हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली पक्की सूचना के आधार पर चलाया गया।

ऑपरेशन का नेतृत्व और रणनीति

यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल बद्री नारायण मीणा की प्रत्यक्ष देखरेख में चलाया गया। उनके साथ राकेश चौधरी और दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस अभियान का संचालन किया। ऑपरेशन की विशेषता यह रही कि इसकी नींव उन्हीं पूर्व माओवादियों की दी गई जानकारी पर टिकी थी जो सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

बरामद हथियार और गोला-बारूद का ब्यौरा

सुरक्षा बलों ने जंगल में कई स्थानों पर छिपाकर रखे गए हथियारों का विशाल जखीरा बरामद किया। इसमें एक इंसास राइफल (16 मैगजीन सहित), चार AK-47 मैगजीन (68 राउंड), 23 SLR मैगजीन (34 राउंड), पाँच 12-बोर बंदूकें (7 राउंड), तीन BGL लॉन्चर (एक शेल सहित), दो कार्बाइन मैगजीन, .303 राउंड, चार्जर और 8MM कारतूस शामिल थे।

इसके अलावा एक रिवॉल्वर, एक एयर गन और दस खराब मजल-लोडिंग बंदूकें भी जब्त की गईं। विस्फोटक सामग्री में 122 एरो बम, छह टिफिन बम, चार पाइप बम, देसी ग्रेनेड, मोर्टार, 20 डेटोनेटर, कॉर्डेक्स तार का एक बंडल, 14 प्रेशर कुकर और जिलेटिन से भरा एक स्टील का कंटेनर शामिल थे।

सोना, नकदी और अन्य सामग्री

हथियारों के साथ-साथ 116 ग्राम का सोने का बिस्किट (अनुमानित कीमत ₹16 लाख) और ₹2 लाख नकद भी बरामद किए गए। बरामद अन्य सामग्री में यूनिफॉर्म का कपड़ा, दवाइयाँ, प्रचार पर्चे और रोज़मर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएँ शामिल थीं, जिनके बारे में अधिकारियों का कहना है कि माओवादी इनका नियमित उपयोग करते थे।

सरेंडर नीति की सफलता का संकेत

अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति की व्यावहारिक सफलता का प्रमाण बताया है। गौरतलब है कि इस इलाके में हाल के महीनों में माओवादियों के आत्मसमर्पण की दर में वृद्धि देखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस बरामदगी ने सुरक्षा बलों पर होने वाले संभावित बड़े हमलों को नाकाम कर दिया।

दंतेवाड़ा पुलिस ने शेष माओवादियों से हिंसा का मार्ग त्यागकर आत्मसमर्पण करने और अपने परिवारों के साथ मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। साथ ही स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों से भी क्षेत्र में शांति और विकास के प्रयासों में सहयोग माँगा गया है। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में माओवाद विरोधी अभियान के व्यापक संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संकेत देता है कि संगठन के भीतर विश्वास की दरारें गहरी हो रही हैं। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि बरामदगी के आँकड़े तब तक पूरी तस्वीर नहीं देते जब तक पुनर्वासित व्यक्तियों की दीर्घकालिक स्थिति पारदर्शी रूप से सामने न आए। बस्तर में हिंसा में कमी के दावों के बावजूद, इतने बड़े हथियार जखीरे का अस्तित्व यह भी बताता है कि माओवादी नेटवर्क अभी पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुआ है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दंतेवाड़ा के तोडमा गांव में क्या बरामद हुआ?
12 जुलाई को चलाए गए माओवाद विरोधी ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने तोडमा गांव के जंगलों से इंसास राइफल, AK-47 मैगजीन, 122 एरो बम, 6 टिफिन बम, 20 डेटोनेटर, 14 प्रेशर कुकर, 116 ग्राम सोने का बिस्किट और ₹2 लाख नकद सहित कुल लगभग ₹18 लाख का सामान जब्त किया।
यह ऑपरेशन किसकी देखरेख में चलाया गया?
यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल बद्री नारायण मीणा की देखरेख में चलाया गया। इसमें राकेश चौधरी और दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
सुरक्षा बलों को इस जखीरे की जानकारी कैसे मिली?
अधिकारियों के अनुसार यह जानकारी उन माओवादियों से मिली जिन्होंने हाल ही में हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया और सरकार की सरेंडर एवं पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में शामिल हुए। इसे इस नीति की व्यावहारिक सफलता बताया जा रहा है।
इस बरामदगी का सुरक्षा की दृष्टि से क्या महत्व है?
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस बरामदगी ने सुरक्षा बलों पर होने वाले संभावित बड़े हमलों को नाकाम कर दिया। जंगल में कई स्थानों पर छिपाए गए ये हथियार हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए जमा किए गए थे।
दंतेवाड़ा पुलिस ने शेष माओवादियों से क्या अपील की है?
दंतेवाड़ा पुलिस ने शेष माओवादियों से हिंसा का मार्ग त्यागकर आत्मसमर्पण करने और अपने परिवारों के साथ मुख्यधारा के समाज में लौटने की अपील की है। स्थानीय ग्रामीणों से भी क्षेत्र में शांति और विकास के प्रयासों में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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