दंतेवाड़ा में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: AK-47 मैगजीन, 122 एरो बम और ₹18 लाख का सामान जब्त
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 12 जुलाई को चलाए गए माओवाद विरोधी संयुक्त सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने तोडमा गांव के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, सोना और नकदी बरामद की। बारसूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इस इलाके से जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹18 लाख बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार यह ऑपरेशन हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली पक्की सूचना के आधार पर चलाया गया।
ऑपरेशन का नेतृत्व और रणनीति
यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन बस्तर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल बद्री नारायण मीणा की प्रत्यक्ष देखरेख में चलाया गया। उनके साथ राकेश चौधरी और दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस अभियान का संचालन किया। ऑपरेशन की विशेषता यह रही कि इसकी नींव उन्हीं पूर्व माओवादियों की दी गई जानकारी पर टिकी थी जो सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
बरामद हथियार और गोला-बारूद का ब्यौरा
सुरक्षा बलों ने जंगल में कई स्थानों पर छिपाकर रखे गए हथियारों का विशाल जखीरा बरामद किया। इसमें एक इंसास राइफल (16 मैगजीन सहित), चार AK-47 मैगजीन (68 राउंड), 23 SLR मैगजीन (34 राउंड), पाँच 12-बोर बंदूकें (7 राउंड), तीन BGL लॉन्चर (एक शेल सहित), दो कार्बाइन मैगजीन, .303 राउंड, चार्जर और 8MM कारतूस शामिल थे।
इसके अलावा एक रिवॉल्वर, एक एयर गन और दस खराब मजल-लोडिंग बंदूकें भी जब्त की गईं। विस्फोटक सामग्री में 122 एरो बम, छह टिफिन बम, चार पाइप बम, देसी ग्रेनेड, मोर्टार, 20 डेटोनेटर, कॉर्डेक्स तार का एक बंडल, 14 प्रेशर कुकर और जिलेटिन से भरा एक स्टील का कंटेनर शामिल थे।
सोना, नकदी और अन्य सामग्री
हथियारों के साथ-साथ 116 ग्राम का सोने का बिस्किट (अनुमानित कीमत ₹16 लाख) और ₹2 लाख नकद भी बरामद किए गए। बरामद अन्य सामग्री में यूनिफॉर्म का कपड़ा, दवाइयाँ, प्रचार पर्चे और रोज़मर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएँ शामिल थीं, जिनके बारे में अधिकारियों का कहना है कि माओवादी इनका नियमित उपयोग करते थे।
सरेंडर नीति की सफलता का संकेत
अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति की व्यावहारिक सफलता का प्रमाण बताया है। गौरतलब है कि इस इलाके में हाल के महीनों में माओवादियों के आत्मसमर्पण की दर में वृद्धि देखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस बरामदगी ने सुरक्षा बलों पर होने वाले संभावित बड़े हमलों को नाकाम कर दिया।
दंतेवाड़ा पुलिस ने शेष माओवादियों से हिंसा का मार्ग त्यागकर आत्मसमर्पण करने और अपने परिवारों के साथ मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। साथ ही स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों से भी क्षेत्र में शांति और विकास के प्रयासों में सहयोग माँगा गया है। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में माओवाद विरोधी अभियान के व्यापक संदर्भ में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।