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दंतेवाड़ा में नक्सलियों का बड़ा जखीरा बरामद: प्रेशर कुकर IED और पाइप बम निष्क्रिय, 128 डेटोनेटर जब्त

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दंतेवाड़ा में नक्सलियों का बड़ा जखीरा बरामद: प्रेशर कुकर IED और पाइप बम निष्क्रिय, 128 डेटोनेटर जब्त

सारांश

दंतेवाड़ा के तोडमा जंगल में CRPF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में माओवादियों का बड़ा विस्फोटक भंडार बेनकाब हुआ — दो प्रेशर कुकर IED और एक पाइप बम निष्क्रिय, 128 डेटोनेटर और .303 राइफल सहित भारी सामग्री जब्त। बस्तर में नक्सल नेटवर्क को एक और बड़ा झटका।

मुख्य बातें

7 जून को दंतेवाड़ा के तोडमा गांव के जंगल में CRPF और दंतेवाड़ा पुलिस का संयुक्त नक्सल-विरोधी अभियान चलाया गया।
दो प्रेशर कुकर आईईडी (5-5 लीटर क्षमता) और एक 10 किलोग्राम पाइप बम को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट किया गया।
128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर , 48 गैर-इलेक्ट्रिक विस्फोटक , एक .303 राइफल , वायरलेस सेट और नक्सली वर्दियाँ सहित भारी सामग्री जब्त।
अभियान का नेतृत्व विक्रांत वर्मा (सेकंड-इन-कमांड) और संजीव कुमार यादव (सहायक कमांडेंट) ने किया; सभी कर्मी सुरक्षित लौटे।
नक्सली साहित्य भी बरामद, जो माओवादी नेटवर्क की जाँच में सहायक होगा।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 7 जून को चलाए गए संयुक्त नक्सल-विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के एक बड़े विस्फोटक जखीरे का भंडाफोड़ किया और दो प्रेशर कुकर आईईडी तथा एक 10 किलोग्राम वजनी पाइप बम को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया। बारसूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तोडमा गांव के घने जंगल में चली इस कार्रवाई में 128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, एक .303 राइफल, वायरलेस उपकरण और नक्सली वर्दियाँ सहित भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई।

अभियान का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की एक बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस ने सुबह 6:00 बजे संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। इस दल का नेतृत्व सेकंड-इन-कमांड अधिकारी विक्रांत वर्मा और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव ने किया, जिसमें नागरिक पुलिस बल भी शामिल थे।

सुबह लगभग 8:40 बजे जंगल में संदिग्ध वस्तुएं दिखने पर तत्काल पूरे इलाके की घेराबंदी की गई और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। गहन जाँच के बाद इनकी पहचान पाँच-पाँच लीटर क्षमता वाले दो प्रेशर कुकर आईईडी और एक 10 किलोग्राम वजनी पाइप बम के रूप में हुई, जिन्हें विशेष तकनीकी प्रक्रियाओं से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

जब्त सामग्री का विवरण

आसपास की आगे की तलाशी में माओवादी कार्यकर्ताओं द्वारा छिपाया गया विस्फोटकों और प्रतिबंधित वस्तुओं का विशाल भंडार बरामद हुआ। जब्त सामग्री में शामिल हैं: एक .303 राइफल, एक एयर राइफल, BGL, मैगज़ीन, चार्जर क्लिप, खाली कारतूस, 12 बोर गोला-बारूद, पटाखे, बारूद, कॉर्डेक्स तार, बिजली की घंटियाँ, शॉक-वेव डेटोनेटर, 128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 48 गैर-इलेक्ट्रिक विस्फोटक, दो खाली खोलों सहित एक 51 मिमी बम, दूरबीन, नक्सली वर्दियाँ, गोला-बारूद पाउच, लड़ाकू बेल्ट, एक मल्टीमीटर, कैमरा फ्लैश, इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट, 35 बारह-वोल्ट बैटरी, बैटरी सहित वायरलेस सेट, इलेक्ट्रिक स्विच, टेलीफोन तार तथा नक्सली साहित्य।

नक्सली साहित्य की बरामदगी से माओवादियों की वैचारिक रूपरेखा और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि सभी कर्मी सुरक्षित लौट आए और जब्ती संबंधी दस्तावेज़ीकरण के साथ कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी गई हैं।

बस्तर अभियान में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब बस्तर डिवीजन में सुरक्षा बलों ने नक्सली ढाँचे के विरुद्ध अभियान की गति तेज़ की हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इस बरामदगी से विद्रोहियों द्वारा जुटाए गए संसाधनों की विशालता और निरंतर खुफिया-आधारित अभियानों के महत्व का पता चलता है। गौरतलब है कि प्रेशर कुकर आईईडी और पाइप बम सड़क किनारे विस्फोट में उपयोग किए जाने वाले सबसे घातक हथियारों में गिने जाते हैं, जो सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

आगे की कार्रवाई

अधिकारियों ने संकेत दिया कि जब्त नक्सली साहित्य और उपकरणों की जाँच से माओवादी नेटवर्क के और सुराग मिल सकते हैं। दंतेवाड़ा पुलिस ने कहा कि आईईडी को सफलतापूर्वक निष्क्रिय करना और विस्फोटकों की यह जब्ती बस्तर में नक्सली ढाँचे को तोड़ने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रेशर कुकर IED और .303 राइफल — बताता है कि बस्तर में माओवादी अभी भी सुनियोजित लॉजिस्टिक नेटवर्क बनाए हुए हैं, भले ही हालिया अभियानों में उन्हें बड़े नुकसान हुए हों। सुरक्षा बलों की खुफिया-आधारित कार्रवाई की सफलता उत्साहजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री इकट्ठा करने की आपूर्ति शृंखला कहाँ से आती है और उसे तोड़ने की रणनीति क्या है। जब तक आपूर्ति मार्ग बंद नहीं होते, जब्ती अभियान आवश्यक हैं पर पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दंतेवाड़ा में नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा कहाँ और कैसे बरामद हुआ?
यह जखीरा 7 जून को बारसूर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत तोडमा गांव के घने जंगल में सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान में बरामद हुआ। CRPF और दंतेवाड़ा पुलिस की टीम ने सुबह 8:40 बजे संदिग्ध वस्तुएं देखकर बम निरोधक दस्ते को बुलाया और पूरे इलाके की घेराबंदी की।
निष्क्रिय किए गए IED कितने खतरनाक थे?
बरामद दो प्रेशर कुकर आईईडी 5-5 लीटर क्षमता के थे और एक पाइप बम का वजन 10 किलोग्राम था। प्रेशर कुकर IED सड़क किनारे विस्फोट में उपयोग किए जाने वाले सबसे घातक हथियारों में गिने जाते हैं और सुरक्षाकर्मियों व नागरिकों दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
इस अभियान में कुल क्या-क्या जब्त किया गया?
जब्त सामग्री में 128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर , 48 गैर-इलेक्ट्रिक विस्फोटक , एक .303 राइफल , एक एयर राइफल, BGL, कॉर्डेक्स तार, शॉक-वेव डेटोनेटर, वायरलेस सेट, नक्सली वर्दियाँ, 35 बारह-वोल्ट बैटरी , एक 51 मिमी बम और नक्सली साहित्य शामिल हैं।
इस बरामदगी का बस्तर के नक्सल-विरोधी अभियान पर क्या असर होगा?
अधिकारियों के अनुसार, यह जब्ती बस्तर डिवीजन में माओवादी ढाँचे को तोड़ने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। नक्सली साहित्य और उपकरणों की जाँच से माओवादी नेटवर्क के और सुराग मिलने की संभावना है, जो आगे के अभियानों में सहायक होगी।
इस अभियान का नेतृत्व किसने किया और क्या कोई हताहत हुआ?
अभियान का नेतृत्व CRPF के सेकंड-इन-कमांड विक्रांत वर्मा और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव ने किया। पुलिस के अनुसार सभी सुरक्षाकर्मी सुरक्षित वापस लौटे और कोई हताहत नहीं हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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