गया में CRPF-पुलिस का संयुक्त अभियान: नक्सल क्षेत्र से पिस्तौल, AK-47 कारतूस और डेटोनेटर बरामद
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की 47वीं बटालियन और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने 16 जून 2026 को गया जिले के नक्सल प्रभावित दुमरी गाँव के समीपवर्ती वन क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाकर अवैध हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। लुतुआ पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान को सुरक्षा एजेंसियों ने नक्सली नेटवर्क के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।
अभियान की पृष्ठभूमि और नेतृत्व
अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष तलाशी अभियान CRPF 47वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व में चलाया गया। सुरक्षा बलों को पूर्व में प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें संकेत मिला था कि नक्सली कार्यकर्ताओं ने घने जंगलों में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपा रखी है।
गौरतलब है कि गया जिले के वन क्षेत्र लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली समूह पुलिस कार्रवाई से बचने और नियोजित हमलों में उपयोग के लिए दुर्गम पहाड़ी और वन क्षेत्रों में हथियार छिपाने की रणनीति अपनाते हैं।
बरामद सामग्री का विवरण
गहन तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई सामान ज़ब्त किए। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
एक पिस्तौल, AK-47 का खाली कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, बैटरी, डेटोनेटर तार, लगभग 20 मीटर बिजली का तार और हथियार साफ करने का सामान। सभी बरामद सामग्री को आगे की कानूनी कार्रवाई और जाँच के लिए लुतुआ पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
बड़ी घटना टली — अधिकारियों का दावा
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि समय पर की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र में कथित तौर पर नियोजित एक बड़ी अप्रिय घटना को रोका जा सका। उनके अनुसार, इस बरामदगी से यह भी संकेत मिलता है कि सुरक्षा बल नक्सली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और उनकी परिचालन योजनाओं को सक्रिय रूप से विफल कर रहे हैं। बरामदगी के बाद क्षेत्र में सुरक्षा गश्त और तलाशी अभियान और तेज कर दिए गए हैं।
बिहार में व्यापक नक्सल-विरोधी अभियान
यह कार्रवाई बिहार में चल रहे व्यापक नक्सल-विरोधी अभियान का हिस्सा है। इससे पहले, बिहार विशेष कार्य बल (STF) के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया था कि 1 जनवरी से 31 मई 2026 के बीच चलाए गए समन्वित अभियानों की एक श्रृंखला ने राज्य भर में आपराधिक और नक्सली नेटवर्क को काफी कमज़ोर किया है। इस दौरान 10 मुठभेड़ें हुईं, जिनमें 3 अपराधी मारे गए और 7 अन्य घायल हुए।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार और केंद्रीय बल मिलकर वामपंथी उग्रवाद प्रभावित ज़िलों में अपनी उपस्थिति और खुफिया तंत्र को और मज़बूत कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में इस क्षेत्र में सुरक्षा अभियानों की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।