क्या बस्तर में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, विस्फोटक बरामद?
सारांश
Key Takeaways
- सुरक्षा बलों ने माओवादी द्वारा लगाए गए विस्फोटकों को सफलतापूर्वक बरामद किया।
- यह जॉइंट ऑपरेशन स्थानीय सुरक्षा को बढ़ाने में सहायक है।
- इंटेलिजेंस साझा करने की प्रक्रिया ने इस ऑपरेशन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- इस प्रकार की कार्रवाई से क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
- बस्तर में नक्सलियों के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को कमजोर करने में सहायता मिलेगी।
रायपुर/दंतेवाड़ा, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। उन्होंने दंतेवाड़ा जिले के बारसूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गुफा गांव के निकट जंगल की पहाड़ियों में माओवादियों द्वारा लगाए गए दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया।
यह जॉइंट ऑपरेशन मंगलवार को सटीक इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर शुरू हुआ। 22 जनवरी को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स से मिली जानकारी के बाद सुबह-सुबह एक समन्वित खोज और डी-माइनिंग मिशन प्रारंभ किया गया। यह ऑपरेशन मंगलवार सुबह शुरू हुआ, जिसमें सीआरपीएफ, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड और बारसूर पुलिस स्टेशन के अधिकारी शामिल थे।
गुफा गांव के चारों ओर घने जंगल वाले क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के दौरान टीमों को माओवादियों द्वारा छिपाए गए विस्फोटक मिले। बरामद चीजों में एक डेटोनेटर लगा हुआ डायरेक्शनल पाइप बम था, जिसका वजन लगभग 5 किलोग्राम था, और एक प्रेशर कुकर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस था, जिसका वजन भी लगभग 5 किलोग्राम था, जो 15 मीटर तार से जुड़ा हुआ था।
दोनों डिवाइस को तुरंत एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड ने उन्हें नष्ट कर दिया, जिससे सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय नागरिकों को होने वाला कोई भी खतरा समाप्त हो गया।
195 बटालियन के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह ने यंग प्लाटून और असिस्टेंट कमांडेंट हिमांशु के नेतृत्व में बॉम्ब डिस्पोजल टीम के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक गौरव राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरके बर्मन दंतेवाड़ा जिले में तेज एंटी-नक्सल पेट्रोलिंग और क्षेत्रीय प्रभुत्व के कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
यह नई बरामदगी एजेंसियों के बीच भरोसेमंद इंटेलिजेंस साझा करने के माध्यम से सतत ग्राउंड ऑपरेशन की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण झटका बताया, जिससे पेट्रोलिंग पार्टियों और ग्रामीणों पर संभावित घात लगाकर हमले या हमलों को रोका जा सका।
विस्फोटकों को तेजी से निष्क्रिय करना सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स, स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस यूनिट के बीच उच्च स्तर के तालमेल को प्रदर्शित करता है।
बस्तर डिवीजन में सक्रिय नक्सली समूहों के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को कमजोर करने में ऐसी बरामदगी को महत्वपूर्ण माना जाता है।