27 अक्टूबर 2026
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सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट: केपीसीसी ने माफी माँगी, जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को हटाया

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सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट: केपीसीसी ने माफी माँगी, जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को हटाया

सारांश

केरल कांग्रेस इकाई ने सीजेआई सूर्यकांत को निशाना बनाने वाली विवादित पोस्ट पर माफी माँगी और जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को हटाया। पोस्ट तब सामने आई जब इंडिया ब्लॉक सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर रहा था — और इसने गठबंधन की अपनी मुहिम को नुकसान पहुँचाया।

मुख्य बातें

केपीसीसी ने 27 अक्टूबर 2026 को सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित एक्स पोस्ट के लिए आधिकारिक माफी माँगी।
पोस्ट में लिखा था: 'सूर्यकांत, इस्तीफा दीजिए।
हम आपके लिए कोई दूसरा व्यक्ति ढूंढ लेंगे।' पोस्ट के लिए जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को उनके पद से हटा दिया गया।
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने एक सुप्रीम कोर्ट वकील के कानूनी नोटिस के जवाब में स्पष्ट किया कि पोस्ट अनधिकृत थी।
यह विवाद इंडिया ब्लॉक के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग वाले सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान उभरा।

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को निशाना बनाने वाली एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर आधिकारिक रूप से खेद व्यक्त किया। पार्टी की केरल इकाई के एक्स अकाउंट से की गई यह टिप्पणी बिना अनुमति के प्रकाशित हुई थी और कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं थी — यह स्पष्टीकरण केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने एक सुप्रीम कोर्ट वकील के कानूनी नोटिस के जवाब में दिया।

विवाद की जड़: क्या था विवादित पोस्ट में

पोस्ट में सीजेआई सूर्यकांत के उस कथित रुख पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी, जिसमें उन्होंने कानूनी मुद्दों का हवाला देते हुए इंडिया ब्लॉक के नेताओं से मिलने में असमर्थता जताई थी। पोस्ट में लिखा गया था, 'सूर्यकांत, इस्तीफा दीजिए। हम आपके लिए कोई दूसरा व्यक्ति ढूंढ लेंगे।' देश की न्यायपालिका के सर्वोच्च पदाधिकारी के विरुद्ध इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी ने तत्काल राजनीतिक और कानूनी हलचल मचा दी।

यह पोस्ट उस मार्च के दौरान सामने आई, जब विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक रैली आयोजित की थी। हालाँकि गठबंधन का मूल उद्देश्य चुनाव आयोग पर निशाना साधना था, विवादित पोस्ट ने चर्चा का रुख मोड़ दिया।

केपीसीसी की प्रतिक्रिया और जिम्मेदारी तय करना

केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ, जो केरल के बिजली मंत्री भी हैं, ने कानूनी नोटिस के जवाब में पार्टी को इस टिप्पणी से स्पष्ट रूप से अलग किया। उन्होंने कहा कि पोस्ट अधिकृत नहीं थी और इसे कांग्रेस की आधिकारिक नीति या विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं माना जाना चाहिए।

जवाब में यह भी उल्लेख किया गया कि पोस्ट प्रकाशित करने के लिए जिम्मेदार विजय थोट्टाथिल को उनके पद से हटा दिया गया है। विवाद बढ़ने के बाद केरल कांग्रेस इकाई ने संबंधित पोस्ट को अपने एक्स अकाउंट से हटा भी लिया था।

राजनीतिक संदर्भ और असर

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई जब इंडिया ब्लॉक राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सड़क से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। विवादित सोशल मीडिया पोस्ट ने उस अभियान की धार को कुंद कर दिया और कांग्रेस की केरल इकाई को एक ऐसी असहज स्थिति में डाल दिया, जिससे बचा जा सकता था।

न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उसके प्रति राजनीतिक दलों के आचरण को लेकर यह प्रकरण एक बार फिर सवाल उठाता है। आलोचकों का कहना है कि सोशल मीडिया के बेलगाम इस्तेमाल से राजनीतिक दलों को अपनी ही रणनीति के बीच उलझन का सामना करना पड़ता है।

आगे क्या होगा

कानूनी नोटिस भेजने वाले सुप्रीम कोर्ट के वकील की ओर से आगे की कार्रवाई अभी स्पष्ट नहीं है। केपीसीसी की माफी और जिम्मेदार व्यक्ति को हटाए जाने के बाद यह देखना बाकी है कि मामला यहीं थमता है या न्यायिक दायरे में आगे बढ़ता है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया नीति और जवाबदेही को लेकर एक व्यापक बहस को जन्म दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तभी उसके एक घटक दल की इकाई ने उसी संस्था के प्रमुख पर अनुचित टिप्पणी कर दी। इससे गठबंधन का मूल संदेश कमजोर पड़ा और विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में आना पड़ा। माफी और बर्खास्तगी से तात्कालिक संकट टल सकता है, लेकिन पार्टी की सोशल मीडिया संरचना में जवाबदेही का अभाव एक गहरे प्रशासनिक प्रश्न को जन्म देता है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीसीसी ने सीजेआई सूर्यकांत पर विवादित पोस्ट के लिए माफी क्यों माँगी?
केपीसीसी ने माफी इसलिए माँगी क्योंकि पार्टी की केरल इकाई के आधिकारिक एक्स अकाउंट से सीजेआई सूर्यकांत को इस्तीफा देने की माँग करने वाली एक अनधिकृत पोस्ट प्रकाशित हो गई थी। एक सुप्रीम कोर्ट वकील के कानूनी नोटिस के बाद केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने स्पष्ट किया कि यह पोस्ट कांग्रेस का आधिकारिक रुख नहीं थी।
विवादित पोस्ट में क्या लिखा था?
पोस्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के उस कथित रुख पर नाराजगी जताई गई थी, जिसमें उन्होंने इंडिया ब्लॉक नेताओं से मिलने में असमर्थता जताई थी। पोस्ट में लिखा गया था, 'सूर्यकांत, इस्तीफा दीजिए। हम आपके लिए कोई दूसरा व्यक्ति ढूंढ लेंगे।'
विवादित पोस्ट के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया?
केपीसीसी के कानूनी जवाब में विजय थोट्टाथिल का नाम इस पोस्ट के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में लिया गया है। उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है।
यह विवाद किस राजनीतिक संदर्भ में हुआ?
यह पोस्ट उस समय सामने आई जब इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च आयोजित कर रहा था। विवादित पोस्ट ने गठबंधन की मुहिम से ध्यान हटाकर कांग्रेस इकाई के आचरण पर केंद्रित कर दिया।
केपीसीसी ने कानूनी नोटिस पर क्या कार्रवाई की?
एक सुप्रीम कोर्ट वकील के कानूनी नोटिस के जवाब में केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने पोस्ट को अनधिकृत बताया, सीजेआई के प्रति खेद व्यक्त किया और जिम्मेदार व्यक्ति को पद से हटाने की जानकारी दी। पोस्ट को एक्स अकाउंट से पहले ही हटा लिया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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