केरल कांग्रेस में CM पद पर घमासान, केपीसीसी ने जारी की कड़ी चेतावनी

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केरल कांग्रेस में CM पद पर घमासान, केपीसीसी ने जारी की कड़ी चेतावनी

सारांश

केरल कांग्रेस में CM पद को लेकर केसी वेणुगोपाल, वीडी. सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी है। केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने सख्त चेतावनी दी, तो सांसद हिबी ईडन ने डिजिटल मीडिया सेल प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की।

Key Takeaways

  • केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने 25 अप्रैल को CM पद पर सार्वजनिक बयानबाजी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
  • केसी वेणुगोपाल, वीडी. सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी जंग जारी है।
  • कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की, केपीसीसी ने अभी फैसला नहीं लिया।
  • विमला बिनु ने उनके नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट्स वायरल करने पर राज्य पुलिस प्रमुख से शिकायत दर्ज कराई।
  • एआईसीसी पहले ही नेताओं को CM पद पर चर्चा से बचने की हिदायत दे चुकी थी, लेकिन बयानबाजी जारी रही।
  • यूडीएफ समर्थकों में भी इस आंतरिक कलह को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।

तिरुवनंतपुरम, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी गुटबाजी अब पूरी तरह सार्वजनिक हो गई है। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) ने 25 अप्रैल को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट चेतावनी जारी की कि सीएम पद पर किसी भी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब केरल विधानसभा चुनाव के बाद संभावित विधायकों का समर्थन जुटाने की होड़ तेज हो गई है।

केपीसीसी अध्यक्ष की सख्त चेतावनी

केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने दो टूक कहा कि चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर प्रिंट मीडिया, टीवी या सोशल मीडिया पर दिए गए किसी भी सार्वजनिक बयान को पार्टी अनुशासनहीनता माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) भी नेताओं को इस विषय पर सार्वजनिक चर्चा से बचने की हिदायत दे चुकी थी। बावजूद इसके, कुछ नेता लगातार अपने-अपने पसंदीदा नामों के समर्थन में बयान देते रहे, जिससे पार्टी की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े हो गए।

तीन गुटों के बीच सोशल मीडिया पर जंग

इस पूरे विवाद में केसी वेणुगोपाल, वीडी. सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखी नोकझोंक जारी है। तीनों वरिष्ठ नेता खुद सीधे टकराव से बचते नजर आ रहे हैं, लेकिन उनके समर्थक मोर्चा संभाले हुए हैं।

चेतावनी के बावजूद पार्टी के भीतर गुटबाजी कम होने की बजाय और गहरी होती दिख रही है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के समर्थकों में भी इस खींचतान को लेकर नाराजगी बढ़ रही है, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

हिबी ईडन का इस्तीफे की पेशकश

इस विवाद के बीच एक अहम घटनाक्रम में कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल के प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने यह कदम विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद उठाया है।

हिबी ईडन ने साफ किया कि उनका इस्तीफा मौजूदा विवाद से सीधे तौर पर जुड़ा नहीं है। केपीसीसी ने अभी तक उनके इस्तीफे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

फर्जी स्क्रीनशॉट्स और साइबर विवाद

डिजिटल मीडिया सेल की कोऑर्डिनेटर विमला बिनु ने राज्य पुलिस प्रमुख से शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें केसी वेणुगोपाल के समर्थकों के खिलाफ साइबर हमले की अपील करते हुए दिखाया गया है।

विमला बिनु ने इन स्क्रीनशॉट्स को पूरी तरह फर्जी बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला दर्शाता है कि पार्टी के भीतर की लड़ाई अब डिजिटल दुष्प्रचार तक पहुंच गई है।

गहरा राजनीतिक विश्लेषण

यह विवाद केवल एक राज्य की पार्टी की आंतरिक कलह नहीं है — यह कांग्रेस के उस पुराने रोग की अभिव्यक्ति है जहां चुनावी सफलता से पहले ही नेतृत्व की लड़ाई शुरू हो जाती है। गौरतलब है कि 2021 के केरल विधानसभा चुनाव में भी यूडीएफ इसी तरह की अंदरूनी खींचतान से जूझता रहा था, जिसका खामियाजा उसे सत्ता से बाहर रहकर चुकाना पड़ा।

जो पार्टी सीपीएम और एलडीएफ की एकजुट रणनीति को चुनौती देना चाहती है, वही पार्टी अपने ही नेताओं को अनुशासित करने में नाकाम दिख रही है। यह विरोधाभास मतदाताओं के मन में कांग्रेस की शासन क्षमता पर सवाल खड़े कर सकता है।

आने वाले दिनों में केपीसीसी की अनुशासनात्मक कार्रवाई और हिबी ईडन के इस्तीफे पर अंतिम फैसला पार्टी की दिशा तय करेगा। साथ ही फर्जी स्क्रीनशॉट मामले में पुलिस की जांच इस डिजिटल गुटबाजी की असली परतें उघाड़ सकती है।

Point of View

उसे पहले अपने घर की आग बुझानी होगी।
NationPress
27/04/2026

Frequently Asked Questions

केरल कांग्रेस में CM पद को लेकर विवाद क्यों हो रहा है?
केरल विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए केसी वेणुगोपाल, वीडी. सतीसन और रमेश चेन्निथला के समर्थकों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर तीखी बयानबाजी से पार्टी की एकता पर सवाल उठ रहे हैं।
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने क्या चेतावनी दी?
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा कि CM पद पर प्रिंट, टीवी या सोशल मीडिया पर दिए गए किसी भी सार्वजनिक बयान को पार्टी अनुशासनहीनता माना जाएगा। दोषी नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
हिबी ईडन ने केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल से इस्तीफा क्यों दिया?
कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल प्रमुख पद से इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम मौजूदा CM विवाद से सीधे जुड़ा नहीं है।
विमला बिनु ने पुलिस में किस बात की शिकायत की?
केपीसीसी डिजिटल मीडिया सेल की कोऑर्डिनेटर विमला बिनु ने राज्य पुलिस प्रमुख से शिकायत की कि उनके नाम से फर्जी स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं। इन स्क्रीनशॉट्स में उन पर केसी वेणुगोपाल के समर्थकों के खिलाफ साइबर हमले की अपील का झूठा आरोप लगाया गया था।
केरल कांग्रेस की गुटबाजी का चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, चुनाव से पहले ही नेतृत्व की खुली लड़ाई मतदाताओं में कांग्रेस की शासन क्षमता को लेकर संशय पैदा कर सकती है। 2021 में भी इसी तरह की आंतरिक कलह यूडीएफ की हार का एक कारण मानी गई थी।
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