सीजेआई सूर्यकांत पर सोशल मीडिया पोस्ट: सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका दायर
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय में 13 अक्टूबर 2026 को एक याचिका दायर कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और अन्य पक्षकारों के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। यह याचिका मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर किए गए एक विवादास्पद पोस्ट के बाद सामने आई है।
विवाद की जड़: केरल कांग्रेस का पोस्ट
12 अक्टूबर 2026 को केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक पोस्ट किया गया, जिसमें सीजेआई सूर्यकांत को उनके पद के सम्मानजनक संबोधन के बजाय सीधे नाम से संबोधित करते हुए लिखा गया था — 'प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका काम नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपकी जगह किसी ऐसे व्यक्ति को ढूंढ़ लेंगे, जो इसे संभाल सके।' याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इसी दिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सोशल मीडिया पर एक संबंधित पोस्ट किया।
याचिका में क्या मांगा गया
कुछ वकीलों की ओर से दायर इस याचिका में दो प्रमुख मांगें की गई हैं। पहली, कांग्रेस और अन्य नामित पक्षकारों के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाए। दूसरी, राजनीतिक दलों द्वारा जजों और सीजेआई को निशाना बनाकर सार्वजनिक अभियान चलाने पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट दिशानिर्देश जारी करे।
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 121 और अनुच्छेद 124(4) का विशेष हवाला दिया गया है, जिनके अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश को पद से हटाने के लिए एक निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि किसी राजनीतिक दल द्वारा सोशल मीडिया पर सीजेआई से इस्तीफे की मांग करना इस संवैधानिक व्यवस्था का सीधा उल्लंघन है।
न्यायिक स्वतंत्रता पर उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि किसी न्यायाधीश पर दबाव बनाने या उसे प्रभावित करने के उद्देश्य से सार्वजनिक अभियान चलाना न्यायिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उनके अनुसार, मौजूदा सीजेआई को उनके संवैधानिक पद का सम्मान दिए बिना सीधे नाम से संबोधित करना और उनकी जगह किसी अन्य को नियुक्त करने की बात करना न्यायपालिका की गरिमा को आघात पहुँचाता है। गौरतलब है कि यह याचिका ऐसे समय में आई है जब देश में न्यायपालिका और राजनीतिक दलों के बीच तनाव को लेकर व्यापक बहस चल रही है।
किन्हें बनाया गया पक्षकार
इस याचिका में केंद्र सरकार, कांग्रेस पार्टी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, TMC सांसद महुआ मोइत्रा और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को पक्षकार बनाया गया है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय में इस याचिका पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है। यदि न्यायालय याचिका स्वीकार करता है, तो नामित पक्षकारों को नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। न्यायिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को लेकर यह मामला आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक नजीर बन सकता है।