केरल: CM सतीशन पर अडूर प्रकाश के बयान पर KPCC अध्यक्ष सनी जोसेफ बोले — AICC करेगा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को कन्नूर में मीडिया से बात करते हुए यूडीएफ संयोजक एवं कांग्रेस सांसद अडूर प्रकाश द्वारा मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के खिलाफ की गई खुली आलोचना पर सार्वजनिक टिप्पणी से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की शिकायतें पार्टी के आंतरिक मंचों पर उठाई जानी चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से।
विवाद की पृष्ठभूमि
गुरुवार, 1 अक्टूबर को अडूर प्रकाश ने मुख्यमंत्री सतीशन के कामकाजी तरीके पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अहम राजनीतिक मामलों में यूडीएफ के घटक दलों से उचित सलाह-मशविरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले चार महीनों में यूडीएफ की बैठक केवल एक बार हुई है — एक तथ्य जिसे उन्होंने गठबंधन के भीतर संवादहीनता का प्रतीक बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और विपक्षी गठबंधन यूडीएफ के भीतर एकजुटता बनाए रखना कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सनी जोसेफ की प्रतिक्रिया
सनी ने कहा कि प्रकाश पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे अपनी शिकायतें ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के समक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा, 'अब उन्होंने खुद कहा है कि वह ऐसा करेंगे। तो होने दीजिए।' सनी ने यह भी जोड़ा कि चूँकि AICC ने ही प्रकाश को उनके वर्तमान पद पर नियुक्त किया था, इसलिए पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही इस मामले पर अंतिम निर्णय लेगा।
सनी ने दोटूक शब्दों में कहा, 'मैं इस बारे में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। अगर मुझे कुछ कहना होगा, तो मैं पार्टी के मंचों पर कहूंगा।'
अडूर प्रकाश का पक्ष
शुक्रवार को प्रकाश ने फिर मीडिया के सामने अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना पूरी तरह उनके निजी अनुभव पर आधारित थी और उन्होंने ये बातें कहने से पहले किसी भी नेता से समर्थन नहीं माँगा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे एम.के. मुनीर या जी. देवराजन जैसे नेताओं को पद दिए जाने के विरोध में नहीं हैं — बल्कि उन्होंने इन्हें अच्छे नेता बताया। उनकी आपत्ति यह थी कि कुछ अहम निर्णयों में यूडीएफ से सलाह नहीं ली गई।
प्रकाश ने यह भी कहा, 'मैं अपनी बात पर कायम हूं। कोई चाहे तो मेरे बयानों को खारिज कर सकता है।' उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि मुख्यमंत्री सतीशन के साथ उनका कोई निजी झगड़ा नहीं है, लेकिन साथ ही कहा कि 'मुख्यमंत्री का रवैया सभी को दिख रहा है और लोग खुद इसका आकलन कर सकते हैं।'
आम जनता और गठबंधन पर असर
गौरतलब है कि यूडीएफ केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) का मुख्य विकल्प है और आंतरिक मतभेद गठबंधन की साख के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने यह विवाद पार्टी के आंतरिक मंच पर ला खड़ा किया है — एक ओर प्रकाश AICC से संपर्क करने पर अडिग हैं, दूसरी ओर सनी ने मामले को सार्वजनिक बहस से दूर रखने की कोशिश की है।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें AICC पर टिकी हैं, जो इस आंतरिक विवाद का अंतिम मध्यस्थ होगा। यदि केंद्रीय नेतृत्व ने हस्तक्षेप में देरी की, तो यह मतभेद और गहरा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस को अगले चुनाव से पहले यूडीएफ में एकजुटता का स्पष्ट संदेश देना होगा।